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जिलाधिकारी नगर निगम के कंप्यूटर घोटाले की जांच कराएंगे
Updated Sat, 03 Feb 2018 10:28 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
जिलाधिकारी दीपक रावत को नगर निगम के कंप्यूटर घोटाले की जांच करानी होगी। राज्य सूचना आयुक्त राजेंद्र कोटियाल ने जिलाधिकारी को समतुल्य लोक सूचना अधिकारी नामित करते हुए उन्हें कार्यकारी मजिस्ट्रेट की नेतृत्व में जांच टीम बनाकर कंप्यूटर प्रकरण की जांच कराकर 28 फरवरी को रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया है।
इससे पहले नगर निगम में कंप्यूटर घोटाले की जांच तत्कालीन सिटी मजिस्ट्रेट जयभारत सिंह ने की थी। उन्होंने ही एक मजिस्ट्रेट, सहायक नगर आयुक्त तथा एक सूचना विज्ञान केंद्र के अधिकारी की टीम बनाकर संयुक्त रूप से जांच कराने की संस्तुति की थी, परंतु डीएम ने सहायक नगर अधिकारी को ही कमेटी बनाने के लिए आदेशित कर दिया था। इसके खिलाफ समाजसेवी रमेश चंद्र शर्मा ने सूचना आयोग में द्वितीय अपील दाखिल कर आरोप लगाया था कि सिटी मजिस्ट्रेट की जांच में नगर निगम से 17 कंप्यूटर गायब पाए गए थे और नगर निगम के स्टोर में जो खोखे रखे थे उनका नगर निगम के कंप्यूटरों से नंबर मैच नहीं कर रहे थे। इसलिए उन्होंने संयुक्त रूप से तकनीकी जांच की संस्तुति की थी। सूचना आयुक्त राजेंद्र कोटियाल ने इस पर जिलाधिकारी को नगर मजिस्ट्रेट की संस्तुति के आधार पर टीम गठित कर जांच का आदेश दिया है। गौरतलब है कि सिटी मजिस्ट्रेट ने अपनी जांच में तत्कालीन स्टोर कीपर पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया था। तभी से इस घोटाले को जैसे-तैसे दफन कराने का प्रयास किया जा रहा है।
हरिद्वार।
जिलाधिकारी दीपक रावत को नगर निगम के कंप्यूटर घोटाले की जांच करानी होगी। राज्य सूचना आयुक्त राजेंद्र कोटियाल ने जिलाधिकारी को समतुल्य लोक सूचना अधिकारी नामित करते हुए उन्हें कार्यकारी मजिस्ट्रेट की नेतृत्व में जांच टीम बनाकर कंप्यूटर प्रकरण की जांच कराकर 28 फरवरी को रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया है।
इससे पहले नगर निगम में कंप्यूटर घोटाले की जांच तत्कालीन सिटी मजिस्ट्रेट जयभारत सिंह ने की थी। उन्होंने ही एक मजिस्ट्रेट, सहायक नगर आयुक्त तथा एक सूचना विज्ञान केंद्र के अधिकारी की टीम बनाकर संयुक्त रूप से जांच कराने की संस्तुति की थी, परंतु डीएम ने सहायक नगर अधिकारी को ही कमेटी बनाने के लिए आदेशित कर दिया था। इसके खिलाफ समाजसेवी रमेश चंद्र शर्मा ने सूचना आयोग में द्वितीय अपील दाखिल कर आरोप लगाया था कि सिटी मजिस्ट्रेट की जांच में नगर निगम से 17 कंप्यूटर गायब पाए गए थे और नगर निगम के स्टोर में जो खोखे रखे थे उनका नगर निगम के कंप्यूटरों से नंबर मैच नहीं कर रहे थे। इसलिए उन्होंने संयुक्त रूप से तकनीकी जांच की संस्तुति की थी। सूचना आयुक्त राजेंद्र कोटियाल ने इस पर जिलाधिकारी को नगर मजिस्ट्रेट की संस्तुति के आधार पर टीम गठित कर जांच का आदेश दिया है। गौरतलब है कि सिटी मजिस्ट्रेट ने अपनी जांच में तत्कालीन स्टोर कीपर पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया था। तभी से इस घोटाले को जैसे-तैसे दफन कराने का प्रयास किया जा रहा है।
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