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गुरु की परंपरा को शिष्य ही आगे बढ़ाता है: सत्यमित्रानंद
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ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
गुरुद्वारा नानकपुरा के महंत बाबा बचन सिंह भूरी वाले के ब्रह्मलीन होने के बाद उनकी परम शिष्या बीबी सुखबीर कौर को आश्रम का महंत नियुक्त किए जाने के बाद प्रमुख संत आशीर्वाद देने पहुंचे।
नानकपुरा आश्रम में बीबी रजवींदर कौर के संयोजन में अशीर्वाद समारोह हुआ, जिसमें स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि ने कहा कि संत समाज में गुरु शिष्य परंपरा आदिकाल से चली आ रही है। गुरु अपने समस्त सतकर्मों का पुण्य अपने शिष्यों को प्रदान कर उसको भी अपने जैसा ही स्वरूप प्रदान करता है। पंचदशनाम जूना अखाड़ा के राष्ट्रीय सचिव श्रीमहंत देवानंद सरस्वती ने संत बाबा निर्मल सिंह भूरी वालों और समस्त ट्रस्टियों को साधुवाद देते हुए कहा कि नानकपुरा आश्रम निर्मल परंपरा का एक प्रतिष्ठित आश्रम है। भारत माता मंदिर के महंत ललितानंद गिरि ने कहा कि भारतमाता मंदिर और पूज्य गुरुदेव का नानकपुरा आश्रम से अटूट संबंध रहा है। आश्रम की नवनियुक्त महंत बीबी सुखबीर कौर ने संतजनों के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि भारतमाता मंदिर के संस्थापक स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि महाराज ने मुझे आशीर्वाद देकर कृतार्थ किया है। इस मौके पर भारतमाता मंदिर समन्वय सेवा ट्रस्ट के मुख्य प्रबंध न्यासी आईडी शर्मा शास्त्री, माता सच्चिानंद, महंत बिमला निर्मल, लालमाता मंदिर के संचालक भक्त दुर्गादास, बीबी गुरदीश कौर, बीबी जसबीर कौर, बाबा रूढसिंह, बाबा गुरमुख सिंह, बाबा महेंद्र सिंह, गुरविंदर सिंह, बाबा अमरजीत सिंह, जगपाल सिंह, पार्षद अनिल मिश्रा, अनिरूद्ध भाटी, सुनील मिश्रा, संजय वर्मा, हरीश शर्मा, विकल राठी, गगन नामदेव, डॉ. हर्षवर्धन जैन, डॉ. सीडी काला, नरेश गिरि, राजपाल नेगी, अमर सदाणी सहित क्षेत्र के विशिष्ट व्यक्ति उपस्थित रहे।
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गुरुद्वारा नानकपुरा के महंत बाबा बचन सिंह भूरी वाले के ब्रह्मलीन होने के बाद उनकी परम शिष्या बीबी सुखबीर कौर को आश्रम का महंत नियुक्त किए जाने के बाद प्रमुख संत आशीर्वाद देने पहुंचे।
नानकपुरा आश्रम में बीबी रजवींदर कौर के संयोजन में अशीर्वाद समारोह हुआ, जिसमें स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि ने कहा कि संत समाज में गुरु शिष्य परंपरा आदिकाल से चली आ रही है। गुरु अपने समस्त सतकर्मों का पुण्य अपने शिष्यों को प्रदान कर उसको भी अपने जैसा ही स्वरूप प्रदान करता है। पंचदशनाम जूना अखाड़ा के राष्ट्रीय सचिव श्रीमहंत देवानंद सरस्वती ने संत बाबा निर्मल सिंह भूरी वालों और समस्त ट्रस्टियों को साधुवाद देते हुए कहा कि नानकपुरा आश्रम निर्मल परंपरा का एक प्रतिष्ठित आश्रम है। भारत माता मंदिर के महंत ललितानंद गिरि ने कहा कि भारतमाता मंदिर और पूज्य गुरुदेव का नानकपुरा आश्रम से अटूट संबंध रहा है। आश्रम की नवनियुक्त महंत बीबी सुखबीर कौर ने संतजनों के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि भारतमाता मंदिर के संस्थापक स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि महाराज ने मुझे आशीर्वाद देकर कृतार्थ किया है। इस मौके पर भारतमाता मंदिर समन्वय सेवा ट्रस्ट के मुख्य प्रबंध न्यासी आईडी शर्मा शास्त्री, माता सच्चिानंद, महंत बिमला निर्मल, लालमाता मंदिर के संचालक भक्त दुर्गादास, बीबी गुरदीश कौर, बीबी जसबीर कौर, बाबा रूढसिंह, बाबा गुरमुख सिंह, बाबा महेंद्र सिंह, गुरविंदर सिंह, बाबा अमरजीत सिंह, जगपाल सिंह, पार्षद अनिल मिश्रा, अनिरूद्ध भाटी, सुनील मिश्रा, संजय वर्मा, हरीश शर्मा, विकल राठी, गगन नामदेव, डॉ. हर्षवर्धन जैन, डॉ. सीडी काला, नरेश गिरि, राजपाल नेगी, अमर सदाणी सहित क्षेत्र के विशिष्ट व्यक्ति उपस्थित रहे।
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