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पथरी में फसल उजाड़ी, श्यामपुर में हाथी का आतंक
Updated Sat, 14 Apr 2018 10:52 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
पथरी/ श्यामपुर।
रानीमाजरा और पुरानी कुंडी में बृहस्पतिवार और शुक्रवार रात में हाथियों ने खेतों में घुसकर गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचाया है।
सुशील सैनी, सतीश चौहान, सुरेंद्र सिंह, जगपाल सिंह आदि का कहना है कि कई दिनों से हाथी खेतों में फसल को नुकसान पहुंचाकर कर उनकी मेहनत पर पानी फेर रहे हैं। ग्राम प्रधान चंद्रशेखर, बिजेंद्र सिंह, ऋषिपाल, मोहित सैनी का कहना है कि हाथियों की संख्या अधिक होने से फसलों की रखवाली के लिए रात को खेतों पर जाने वाले किसानों को भी जान बचाने के लिए भागना पड़ता है। वन विभाग के उप रेंज अघिकारी राजेश कुमार का कहना है कि हाथी आने की सूचना मिलने पर मौके पर वनकर्मी भेजे जाते हैं।
दूसरी ओर शुक्रवार की रात करीब साढ़े दस बजे एक जंगली हाथी आबादी क्षेत्र के पास गुड्डू के खेत में जा घुसा। सूचना पर वन आरक्षी अशोक कुमार, दैनिक श्रमिक मजदूर जोनी राठौर और विकास कुमार ने ग्रामीणों के साथ मिलकर हाथी को खेत से निकालना चाहा लेकिन सफलता नहीं मिली।
फायरिंग करने पर हाथी वनकर्मियों और ग्रामीणों के पीछे दौड़ा। ग्रामीणों ने भाग कर यशपाल के घर के अंदर घुसकर जान बचाई। दोबारा से हवाई राउंड फायर करने पर हाथी को जंगल की ओर खदेड़ा गया । ग्रामीण बबलू पाल, धनप्रकाश, प्रमोद पाल, नरेश पाल, राम प्रकाश शर्मा, चौधरी निरंजन सिंह, गुड्डू, मांगेराम, भूपेंद्र और देवेंद्र का कहना है कि काफी समय से हाथी खेतों में घुसकर फसलों को बर्बाद कर रहा है।
पथरी/ श्यामपुर।
रानीमाजरा और पुरानी कुंडी में बृहस्पतिवार और शुक्रवार रात में हाथियों ने खेतों में घुसकर गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचाया है।
सुशील सैनी, सतीश चौहान, सुरेंद्र सिंह, जगपाल सिंह आदि का कहना है कि कई दिनों से हाथी खेतों में फसल को नुकसान पहुंचाकर कर उनकी मेहनत पर पानी फेर रहे हैं। ग्राम प्रधान चंद्रशेखर, बिजेंद्र सिंह, ऋषिपाल, मोहित सैनी का कहना है कि हाथियों की संख्या अधिक होने से फसलों की रखवाली के लिए रात को खेतों पर जाने वाले किसानों को भी जान बचाने के लिए भागना पड़ता है। वन विभाग के उप रेंज अघिकारी राजेश कुमार का कहना है कि हाथी आने की सूचना मिलने पर मौके पर वनकर्मी भेजे जाते हैं।
दूसरी ओर शुक्रवार की रात करीब साढ़े दस बजे एक जंगली हाथी आबादी क्षेत्र के पास गुड्डू के खेत में जा घुसा। सूचना पर वन आरक्षी अशोक कुमार, दैनिक श्रमिक मजदूर जोनी राठौर और विकास कुमार ने ग्रामीणों के साथ मिलकर हाथी को खेत से निकालना चाहा लेकिन सफलता नहीं मिली।
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फायरिंग करने पर हाथी वनकर्मियों और ग्रामीणों के पीछे दौड़ा। ग्रामीणों ने भाग कर यशपाल के घर के अंदर घुसकर जान बचाई। दोबारा से हवाई राउंड फायर करने पर हाथी को जंगल की ओर खदेड़ा गया । ग्रामीण बबलू पाल, धनप्रकाश, प्रमोद पाल, नरेश पाल, राम प्रकाश शर्मा, चौधरी निरंजन सिंह, गुड्डू, मांगेराम, भूपेंद्र और देवेंद्र का कहना है कि काफी समय से हाथी खेतों में घुसकर फसलों को बर्बाद कर रहा है।
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