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गंगा में खनन बंद कराने को लेकर मातृसदन ने मुख्य सचिव, डीएम को लिखा पत्र
Updated Tue, 27 Feb 2018 11:52 PM IST
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हरिद्वार।
गंगा में खनन को लेकर एनजीटी के आदेश को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। जहां एक तरफ मातृसदन परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद ने पत्रकार वार्ता कर दावा किया है कि एनजीटी ने तमाम पक्षों को सुनने के बाद गंगा में खनन पर रोक लगा दी है। इतना ही नहीं एनजीटी के आदेश का हवाला देते हुए मुख्य सचिव, वन विभाग और जिलाधिकारी को पत्र लिखकर गंगा में अवैध खनन पर तत्काल प्रभाव लगाने की मांग उठाई है। वहीं जिलाधिकारी दीपक रावत का कहना है कि अभी जिला प्रशासन को एनजीटी की ओर से कोई आदेश नही मिला है। यदि आदेश मिलता है तो उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मालूम हो कि गंगा में खनन के खिलाफ मातृसदन की ओर से हाईकोर्ट के साथ ही एनजीटी में भी शिकायत दर्ज कराई थी। एनजीटी के आदेश पर गत तीन फरवरी को केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के सचिव की अगुवाई में 10 सदस्यीय टीम ने गंगा मेें होने वाले खनन निरीक्षण किया था। टीम में वन विभाग, खनन विभाग के अफसरों के अलावा जिलाधिकारी दीपक रावत व मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद को भी शामिल किया गया था।
मातृसदन परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद का कहना है कि एनजीटी ने गंगा में खनन पर रोक लगा दी है। मातृसदन के ब्रह्मचारी स्वामी दयानंद ने बताया कि एनजीटी के आदेशों का हवाला देते हुए मुख्य सचिव व जिलाधिकारी समेत तमाम अफसरों को पत्र भेजकर गंगा में खनन पर रोक लगाने की मांग की गई है। उन्होंने बताया कि अभी तक जिला प्रशासन की ओर से रोक नही लगाई गई है जो हाईकोर्ट व एनजीटी के आदेशों का भी उल्लंघन हैं।
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गंगा में खनन को लेकर एनजीटी के आदेश को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। जहां एक तरफ मातृसदन परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद ने पत्रकार वार्ता कर दावा किया है कि एनजीटी ने तमाम पक्षों को सुनने के बाद गंगा में खनन पर रोक लगा दी है। इतना ही नहीं एनजीटी के आदेश का हवाला देते हुए मुख्य सचिव, वन विभाग और जिलाधिकारी को पत्र लिखकर गंगा में अवैध खनन पर तत्काल प्रभाव लगाने की मांग उठाई है। वहीं जिलाधिकारी दीपक रावत का कहना है कि अभी जिला प्रशासन को एनजीटी की ओर से कोई आदेश नही मिला है। यदि आदेश मिलता है तो उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मालूम हो कि गंगा में खनन के खिलाफ मातृसदन की ओर से हाईकोर्ट के साथ ही एनजीटी में भी शिकायत दर्ज कराई थी। एनजीटी के आदेश पर गत तीन फरवरी को केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के सचिव की अगुवाई में 10 सदस्यीय टीम ने गंगा मेें होने वाले खनन निरीक्षण किया था। टीम में वन विभाग, खनन विभाग के अफसरों के अलावा जिलाधिकारी दीपक रावत व मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद को भी शामिल किया गया था।
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मातृसदन परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद का कहना है कि एनजीटी ने गंगा में खनन पर रोक लगा दी है। मातृसदन के ब्रह्मचारी स्वामी दयानंद ने बताया कि एनजीटी के आदेशों का हवाला देते हुए मुख्य सचिव व जिलाधिकारी समेत तमाम अफसरों को पत्र भेजकर गंगा में खनन पर रोक लगाने की मांग की गई है। उन्होंने बताया कि अभी तक जिला प्रशासन की ओर से रोक नही लगाई गई है जो हाईकोर्ट व एनजीटी के आदेशों का भी उल्लंघन हैं।
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