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नगर निगम को बेचकर विदा हो रहा है भाजपा का बोर्ड
Updated Wed, 21 Feb 2018 12:04 AM IST
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हरिद्वार।
नगर निगम ने अपनी प्राइम लोकेशन की अपनी बेशकीमती संपत्तियों (जमीन) को एचआरडीए को बेचने का निर्णय कर लिया है। इस संपत्ति की कीमत लगभग 73 करोड़ रुपये है। शासन ने यदि नगर निगम के प्रस्ताव को जस का तस स्वीकृति प्रदान कर दी तो ब्रिटिशकाल में बने नगर निगम के भवनों का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा।
नगर निगम का नया मुख्यालय भल्ला कालेज के समीप नगर स्वास्थ्य अधिकारी के आवासीय परिसर में बनेगा। एचआरडीए बोर्ड के प्रस्ताव में उल्लेख किया गया है कि नगर निगम की ओर से अपने कार्यालय भवन को निर्मित करने का प्रस्ताव प्राधिकरण से किया हैै। कार्यालय भवन के निर्माण लागत की पूर्ति के बदले में नगर निगम देवपुरा स्थित पुरानी खाली कराई गई आईटीआई की भूमि को प्राधिकरण को हस्तगत करेगा। प्रस्ताव में आईटीआई स्थल की भूमि सर्किल दर से 30 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर के आधार पर आंकी गई है। जिसके आधार पर यह भूमि का मूल्य 5 करोड़ 63 लाख 20 हजार 800 रुपये होता है। नगर निगम कार्यालय भवन निर्माण लागत यदि इससे अधिक आती है तो बाकी की राशि की भरपाई प्राधिकरण और नगर निगम की ओर से किया जाएगा। इसके साथ ही नगर निगम ने वर्तमान सर्किल दरों पर वर्तमान नगर निगम परिसर की चार अन्य संपत्तियों को प्राधिकरण को बेचने का निर्णय लिया है।
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>> प्रस्ताव में बताया गया कि नगर निगम ने वर्तमान बस अड्डे की भूमि सर्किल दर पर प्राधिकरण को हस्तगत करने पर सहमति प्रदान कर दी है। बस अड्डे का क्षेत्रफल 11.152 वर्ग मीटर है जिसकी सर्किल दर 50 हजार 600 रुपये प्रति वर्ग मीटर है। जिसका कुल मूल्य 56 करोड़ 42 लाख 91 हजार 200 रुपये होता है।
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>> देवपुुरा स्थिति भाजपा कार्यालय के बराबर स्थित संपत्ति जिसका क्षेत्रफल 433.85 वर्ग मीटर है। जिसका सर्किल रेट 30 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर है, जिसके मुताबिक ही यह संपत्ति एक करोड़ 30 लाख 15 हजार रुपये मूल्य की है।
>> फायर स्टेशन के पीछे और मेयर कार्यालय स्थित संपत्ति को भी ठिकाने लगाया जा रहा है। प्रस्ताव में 239.88 वर्ग मीटर में फैली इस भूमि का मूल्य 30 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से 71 लाख 96 हजार 400 रुपये बताया गया है।
>> इसी प्रकार मायापुर स्थित मेयर निवास की संपत्ति को भी बेचा जा रहा है। जिसका क्षेत्रफल 2997.54 वर्ग मीटर है। जिसका मूल्य 8 करोड़ 99 लाख 26 हजार 200 रुपये आंका गया है।
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इन प्रस्तावों का बोर्ड ने अनुमोदन कर दिया है
नगर निगम से कार्यालय भवन निर्माण कराने और नगर निगम की संपत्तियों को क्रय किए जाने के संबंध में हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण को जो प्रस्ताव प्राप्त हुए थे। बोर्ड ने उनका अनुमोदन कर दिया है। भूमि की दर 14 जनवरी से प्रभावी सर्किल दर के आधार पर आंकी गई हैं। जिसका सत्यापन अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) की ओर से भी किया गया है। इन संपत्तियों पर पूर्व से जो निर्माण विद्यमान हैं, नगर निगम उन्हें हटाकर समतल कर भूमि प्राधिकरण को देगा। प्राधिकरण अपनी विभिन्न योजना में इन संपत्तियों का उपयोग करेगा।
- बंशीधर तिवारी सचिव, एचआरडीए
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आला अधिकारी एक ही होने से राह आसान
प्राधिकरण और निगम में आला अधिकारी के पद पर एक ही अधिकारी के होने से नगर निगम और प्राधिकरण की राह भी आसान हुई है। नितिन सिंह भदौरिया प्राधिकरण वीसी के साथ ही नगर आयुक्त भी हैंद्घ इसलिए एक ही अधिकारी के हस्ताक्षर दोनों के विभागों का काम हो गया है।
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नगर निगम ने सर्किल रेट पर कुछ संपत्तियों को प्राधिकरण को हस्तगत करने का निर्णय नगर निगम और जनहित में लिया है। नगर निगम को नया कार्यालय भवन बनाकर प्राधिकरण देगा। इसके अलावा जो करोड़ों रुपये नगर निगम को प्राप्त होंगे। उनको नगर निगम आय बढ़ाने और शहर की विकास योजनाओं पर खर्च किया जाएगा। कर्मचारियों की करोड़ों की देनदारी भी से छुटकारा मिलेगा।
- मनोज गर्ग, मेयर नगर निगम हरिद्वार।
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नगर निगम ने अपनी प्राइम लोकेशन की अपनी बेशकीमती संपत्तियों (जमीन) को एचआरडीए को बेचने का निर्णय कर लिया है। इस संपत्ति की कीमत लगभग 73 करोड़ रुपये है। शासन ने यदि नगर निगम के प्रस्ताव को जस का तस स्वीकृति प्रदान कर दी तो ब्रिटिशकाल में बने नगर निगम के भवनों का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा।
नगर निगम का नया मुख्यालय भल्ला कालेज के समीप नगर स्वास्थ्य अधिकारी के आवासीय परिसर में बनेगा। एचआरडीए बोर्ड के प्रस्ताव में उल्लेख किया गया है कि नगर निगम की ओर से अपने कार्यालय भवन को निर्मित करने का प्रस्ताव प्राधिकरण से किया हैै। कार्यालय भवन के निर्माण लागत की पूर्ति के बदले में नगर निगम देवपुरा स्थित पुरानी खाली कराई गई आईटीआई की भूमि को प्राधिकरण को हस्तगत करेगा। प्रस्ताव में आईटीआई स्थल की भूमि सर्किल दर से 30 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर के आधार पर आंकी गई है। जिसके आधार पर यह भूमि का मूल्य 5 करोड़ 63 लाख 20 हजार 800 रुपये होता है। नगर निगम कार्यालय भवन निर्माण लागत यदि इससे अधिक आती है तो बाकी की राशि की भरपाई प्राधिकरण और नगर निगम की ओर से किया जाएगा। इसके साथ ही नगर निगम ने वर्तमान सर्किल दरों पर वर्तमान नगर निगम परिसर की चार अन्य संपत्तियों को प्राधिकरण को बेचने का निर्णय लिया है।
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>> प्रस्ताव में बताया गया कि नगर निगम ने वर्तमान बस अड्डे की भूमि सर्किल दर पर प्राधिकरण को हस्तगत करने पर सहमति प्रदान कर दी है। बस अड्डे का क्षेत्रफल 11.152 वर्ग मीटर है जिसकी सर्किल दर 50 हजार 600 रुपये प्रति वर्ग मीटर है। जिसका कुल मूल्य 56 करोड़ 42 लाख 91 हजार 200 रुपये होता है।
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>> देवपुुरा स्थिति भाजपा कार्यालय के बराबर स्थित संपत्ति जिसका क्षेत्रफल 433.85 वर्ग मीटर है। जिसका सर्किल रेट 30 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर है, जिसके मुताबिक ही यह संपत्ति एक करोड़ 30 लाख 15 हजार रुपये मूल्य की है।
>> फायर स्टेशन के पीछे और मेयर कार्यालय स्थित संपत्ति को भी ठिकाने लगाया जा रहा है। प्रस्ताव में 239.88 वर्ग मीटर में फैली इस भूमि का मूल्य 30 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से 71 लाख 96 हजार 400 रुपये बताया गया है।
>> इसी प्रकार मायापुर स्थित मेयर निवास की संपत्ति को भी बेचा जा रहा है। जिसका क्षेत्रफल 2997.54 वर्ग मीटर है। जिसका मूल्य 8 करोड़ 99 लाख 26 हजार 200 रुपये आंका गया है।
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इन प्रस्तावों का बोर्ड ने अनुमोदन कर दिया है
नगर निगम से कार्यालय भवन निर्माण कराने और नगर निगम की संपत्तियों को क्रय किए जाने के संबंध में हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण को जो प्रस्ताव प्राप्त हुए थे। बोर्ड ने उनका अनुमोदन कर दिया है। भूमि की दर 14 जनवरी से प्रभावी सर्किल दर के आधार पर आंकी गई हैं। जिसका सत्यापन अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) की ओर से भी किया गया है। इन संपत्तियों पर पूर्व से जो निर्माण विद्यमान हैं, नगर निगम उन्हें हटाकर समतल कर भूमि प्राधिकरण को देगा। प्राधिकरण अपनी विभिन्न योजना में इन संपत्तियों का उपयोग करेगा।
- बंशीधर तिवारी सचिव, एचआरडीए
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आला अधिकारी एक ही होने से राह आसान
प्राधिकरण और निगम में आला अधिकारी के पद पर एक ही अधिकारी के होने से नगर निगम और प्राधिकरण की राह भी आसान हुई है। नितिन सिंह भदौरिया प्राधिकरण वीसी के साथ ही नगर आयुक्त भी हैंद्घ इसलिए एक ही अधिकारी के हस्ताक्षर दोनों के विभागों का काम हो गया है।
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नगर निगम ने सर्किल रेट पर कुछ संपत्तियों को प्राधिकरण को हस्तगत करने का निर्णय नगर निगम और जनहित में लिया है। नगर निगम को नया कार्यालय भवन बनाकर प्राधिकरण देगा। इसके अलावा जो करोड़ों रुपये नगर निगम को प्राप्त होंगे। उनको नगर निगम आय बढ़ाने और शहर की विकास योजनाओं पर खर्च किया जाएगा। कर्मचारियों की करोड़ों की देनदारी भी से छुटकारा मिलेगा।
- मनोज गर्ग, मेयर नगर निगम हरिद्वार।