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एसएमजेएन कॉलेज में गंदगी का तालाब बनेगा चुनावी मुद्दा

Tue, 28 Aug 2018 11:44 PM IST
Updated Tue, 28 Aug 2018 11:44 PM IST
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एसएमजेएन कॉलेज में गंदगी का तालाब बनेगा चुनावी मुद्दा

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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार। शहर के सबसे बड़े महाविद्यालय एसएमजेएन पीजी कालेज में समस्याओं का अंबार है। कालेज का मैदान दो महीने से गंदे पानी से भरा है। दुर्गंध से कक्षाओं में बैठना दूभर हो गया है। परिसर में आवारा पशुओं की आवाजाही बढ़ गई है। छात्र भी कालेज प्रबंधन से काफी नाराज हैं।
दो हजार से अधिक छात्र संख्या वाले इस महाविद्यालय में यह समस्याएं अब छात्रसंघ चुनाव में बड़ा मुद्दे बनने जा रहे हैं। छात्रों को आरोप है कि कक्षाएं तो नियमित रूप से शुरू हो गई हैं, लेकिन शिक्षकों की संख्या काफी कम है। बरसात में कालेज की छतों से पानी रिसने लगता है। मैदान गंदे पानी से भरे होने से वहां खेलकूद नहीं हो पा रहे हैं। चुनाव की तैयारियों में जुटे छात्र नेता इन मुद्दों को लेकर इस बार और अधिक मुखरता के साथ चुनावी खम ठोंकने के मूड़ में दिख रहे हैं। इसके लिए सब अपनी तरफ से रणनीति बना रहे हैं।
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कालेज में पनप रही बीमारियां
गंदगी और गंदे पानी के तालाब के कारण कालेज के छात्र बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। बीते वर्ष प्राचार्य डा. सुनील कुमार बत्रा को भी डेंगू हो गया था। वहीं कई अन्य छात्र भी डेंगू की चपेट में आए थे, इस बार भी कई बच्चे बीमार पड़ चुके हैं, लेकिन अभी तक समस्या का कोई समाधान नहीं हो पाया है।
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प्रशासन ने नहीं सुनी छात्रों की गुहार
गंदे पानी की समस्या से निजात के लिए दस महीनों से छात्र संघर्ष कर रहे हैं। छात्रसंघ सहित अन्य छात्रों ने शहरी विकास मंत्री, जिलाधिकारी और मेयर के समक्ष अपनी समस्या रखी, लेकिन उन्हें आश्वासन के सिवाय कुछ नहीं मिला।

क्या कहते हैं छात्र
मैदान में पानी भरा होने से खेलने का स्थान नहीं बचा है। दुर्गंध के कारण न कक्षाओं में बैठ पाते हैं और न ही मैदान में।
- हिमांशु उनियाल, बीएससी प्रथम

बड़ी उम्मीदों के साथ कालेज में प्रवेश लिया था, लेकिन गंदगी से बीमार होने का डर बना हुआ है। कालेज आने का भी मन नहीं करता है।
- रोहित कश्यप, बीएसी प्रथम
गंदे पानी का तालाब मुख्य समस्या है। दुर्गंध से कक्षाओं में बैठना दूभर हो गया है। पुस्तकालय के आसपास भी पानी भरा जाता है।
- ऽाबेर अहमद, बीएससी प्रथम
कई बार मांग करने के बाद भी लगातार छात्रों की समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है। नया सेशन शुरू होने के बाद भी गंदगी सहित अन्य समस्या भी जस की तस बनी हुई है।

- शिवम चौधरी, बीकॉम द्वितीय
छात्रों के हितों की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। कालेज प्रशासन और जिला प्रशासन मैदान से पानी खाली करवाने का केवल आश्वासन ही देता है।
- शुभम चौधरी, बीकॉम द्वितीय
छात्र- छात्राओं की संख्या के अनुसार शौचालयों की संख्या काफी कम है। कालेज में शिक्षक पर्याप्त नहीं है। हल्की बरसात में कॉलेज में कीचड़ कीचड़ हो जाता है।
- सचिन कश्यप, बीकॉम तृतीय
क्या कहते हैं प्राचार्य
गंदे पानी को निकालवाने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। समस्या के निदान के लिए प्रशासन को अवगत करा दिया गया है।
- डा. सुनील कुमार बत्रा, प्राचार्य
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