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अच्छे संस्कार नहीं देने वाले माता-पिता बच्चों के शत्रु
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फाइल फोटो
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
रोशनाबाद स्थित दीप गंगा अपार्टमेंट में श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन रविवार को कथा व्यास पंडित पवन कृष्ण शास्त्री ने कहा कि माता-पिता द्वारा बच्चों मेें गुण और अवगुण का उदय होता है। क्योंकि शास्त्र माता-पिता को ही बच्चों का प्रथम गुरु मानते हैं।
कथा व्यास ने कहा कि जो माता-पिता अपने बच्चों को अच्छे संस्कार नहीं दे पाते हैं, आचार्य चाणक्य ने उन माता-पिता को बच्चों का शत्रु माना है। कथा व्यास पंडित पवन कृष्ण शास्त्री ने भागवत कथा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कथा का श्रवण करने वाले भक्तों के मन पवित्र होते हैं और उन्हें गलत विचार नहीं आते। भागवत कथा जीवन का सार है, जिसमें सभी समस्याओं का हल विद्यमान है।
कहा कि मनुष्य के सारी आवश्यकताओं की पूर्ति शक्ति आराधना से होती है। बुद्धि मां सरस्वती व शक्ति मां काली आराधना से सहज भाव से प्राप्त किया जा सकता है। सभी लोगों को भागवत कथा का श्रवण करना चाहिए। भगवान मानव की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।
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रोशनाबाद स्थित दीप गंगा अपार्टमेंट में श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन रविवार को कथा व्यास पंडित पवन कृष्ण शास्त्री ने कहा कि माता-पिता द्वारा बच्चों मेें गुण और अवगुण का उदय होता है। क्योंकि शास्त्र माता-पिता को ही बच्चों का प्रथम गुरु मानते हैं।
कथा व्यास ने कहा कि जो माता-पिता अपने बच्चों को अच्छे संस्कार नहीं दे पाते हैं, आचार्य चाणक्य ने उन माता-पिता को बच्चों का शत्रु माना है। कथा व्यास पंडित पवन कृष्ण शास्त्री ने भागवत कथा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कथा का श्रवण करने वाले भक्तों के मन पवित्र होते हैं और उन्हें गलत विचार नहीं आते। भागवत कथा जीवन का सार है, जिसमें सभी समस्याओं का हल विद्यमान है।
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कहा कि मनुष्य के सारी आवश्यकताओं की पूर्ति शक्ति आराधना से होती है। बुद्धि मां सरस्वती व शक्ति मां काली आराधना से सहज भाव से प्राप्त किया जा सकता है। सभी लोगों को भागवत कथा का श्रवण करना चाहिए। भगवान मानव की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।
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