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गंगा प्रेमियों ने फूंका आंदोलन का बिगुल
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ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
गंगा की रक्षा और स्वामी सानंद की मांगों के समर्थन देशभर के गंगा प्रेमियों ने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। सभी गंगा प्रेमी और संगठन समाजसेवी संदीप पांडे के नेतृत्व में नौ से 17 मार्च तक दिल्ली से हरिद्वार तक पदयात्रा निकालेंगे।
गंगा की रक्षा के लिए विशेष एक्ट बनाने की मांग को लेकर स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद ने 11 अक्तूबर को आमरण अनशन के 112वें दिन ऋषिकेश एम्स में अपने प्राण त्याग दिए थे। इसके बाद गंगा की रक्षा के लिए अनशन करने वाले संत गोपालदास अस्पताल से ही गायब हैं, जिसका आज तक कुछ पता नहीं चल सका है। स्वामी सानंद की मांगों के समर्थन और गंगा की रक्षा के लिए मातृसदन के ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद 107 दिनों से अनशनरत हैं, लेकिन सरकार ने अभी तक उनकी सुध नहीं ली है। समाजसेवी संदीप पांडे ने बताया कि पदयात्रा नौ मार्च को दिल्ली से चलकर एम्स नई दिल्ली, राजघाट, साहिबाबाद, मुरादनगर, मोदी नगर, मेरठ, दौराला, खतौली, मुजफ्फरनगर, पुरकाजी, गुरुकुल नारसन, मंगलौर, रुड़की, पिरान कलियर होते हुए 17 मार्च को हरिद्वार पहुंचेगी।
उन्होंने कहा गंगा की रक्षा करना हर व्यक्ति का कर्तव्य है और देश का हर नागरिक इस पदयात्रा से जुड़ सकता है। माटू जनसंगठन के संस्थापक विमल भाई ने बताया कि गंगा की रक्षा के लिए जनजागृति जरूरी है। जनजागृति के लिए ही पदयात्रा निकाली जा रही है।
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गंगा की रक्षा और स्वामी सानंद की मांगों के समर्थन देशभर के गंगा प्रेमियों ने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। सभी गंगा प्रेमी और संगठन समाजसेवी संदीप पांडे के नेतृत्व में नौ से 17 मार्च तक दिल्ली से हरिद्वार तक पदयात्रा निकालेंगे।
गंगा की रक्षा के लिए विशेष एक्ट बनाने की मांग को लेकर स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद ने 11 अक्तूबर को आमरण अनशन के 112वें दिन ऋषिकेश एम्स में अपने प्राण त्याग दिए थे। इसके बाद गंगा की रक्षा के लिए अनशन करने वाले संत गोपालदास अस्पताल से ही गायब हैं, जिसका आज तक कुछ पता नहीं चल सका है। स्वामी सानंद की मांगों के समर्थन और गंगा की रक्षा के लिए मातृसदन के ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद 107 दिनों से अनशनरत हैं, लेकिन सरकार ने अभी तक उनकी सुध नहीं ली है। समाजसेवी संदीप पांडे ने बताया कि पदयात्रा नौ मार्च को दिल्ली से चलकर एम्स नई दिल्ली, राजघाट, साहिबाबाद, मुरादनगर, मोदी नगर, मेरठ, दौराला, खतौली, मुजफ्फरनगर, पुरकाजी, गुरुकुल नारसन, मंगलौर, रुड़की, पिरान कलियर होते हुए 17 मार्च को हरिद्वार पहुंचेगी।
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उन्होंने कहा गंगा की रक्षा करना हर व्यक्ति का कर्तव्य है और देश का हर नागरिक इस पदयात्रा से जुड़ सकता है। माटू जनसंगठन के संस्थापक विमल भाई ने बताया कि गंगा की रक्षा के लिए जनजागृति जरूरी है। जनजागृति के लिए ही पदयात्रा निकाली जा रही है।
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