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जयपुरिया भवन का कमरा नंबर 24 वाजपेयी की यादों का झरोखा
Updated Fri, 17 Aug 2018 12:52 AM IST
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हरिद्वार। रामघाट पर गंगा किनारे स्थित जयपुरिया भवन से पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुरानी यादें जुड़ी हैं। वे यहां आने पर अक्सर कमरा नंबर 24 में रुकते थे।
अटल बिहारी वाजपेयी जब भी हरिद्वार आते थे तो वह अक्सर जयपुरिया भवन में आम आदमी की तरह निवास करते थे। यहां की शांति और मां गंगा की आरती उनके मन को सुकून पहुंचाती थी। यही वजह है कि वह बार- बार गंगा की गोद में खिंचे चले आते थे। उनसे मिलने के लिए लोगों का जमावड़ा लगता था। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जयपुरिया धर्मशाला के कमरा नंबर 24 में ही अक्सर रुका करते थे। गंगा फेसिंग होने से उन्हें यही कमरा भाता था। सुबह होते ही वह बालकनी में गंगा की लहरों को देखते और उस शांतिपूर्ण माहौल की अलौकिकता को आत्मसात करते। अक्सर गंगा आरती में एक आम नागरिक की भांति ही जाते थे।
जयपुरिया धर्मशाला के चौकीदार कैलाश प्रसाद ने बताया कि अटल बिहारी वाजपेयी जब भी धर्मशाला में आते थे तो सबसे बेहद आत्मीयता से मिलते थे। किसी को भी उनके इतने बड़े व्यक्तित्व होने का आभास तक नहीं होता था। उन्होंने बताया कि उस दौरान वह हरिद्वार अकेले ही आते थे और अक्सर संघ की पोशाक में घूमा करते थे। साधारण खाना खाते थे।
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जयपुरिया भवन के पास ट्रेवल एजेंसी चलाने वाले सुमित श्रीकुंज ने बताया कि अटल जी के हरिद्वार आने के चर्चे अक्सर जयपुरिया भवन और आसपास के लोगों से होते रहते हैं।
कई बार अटलजी से मिल चुके चौकीदार कैलाश प्रसाद ने बताया कि वह धर्मशाला में बनने वाला सात्विक खाना रोटी, दाल और सब्जी ही खाया करते थे।
अटल बिहारी वाजपेयी जब भी हरिद्वार आते थे तो वह अक्सर जयपुरिया भवन में आम आदमी की तरह निवास करते थे। यहां की शांति और मां गंगा की आरती उनके मन को सुकून पहुंचाती थी। यही वजह है कि वह बार- बार गंगा की गोद में खिंचे चले आते थे। उनसे मिलने के लिए लोगों का जमावड़ा लगता था। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जयपुरिया धर्मशाला के कमरा नंबर 24 में ही अक्सर रुका करते थे। गंगा फेसिंग होने से उन्हें यही कमरा भाता था। सुबह होते ही वह बालकनी में गंगा की लहरों को देखते और उस शांतिपूर्ण माहौल की अलौकिकता को आत्मसात करते। अक्सर गंगा आरती में एक आम नागरिक की भांति ही जाते थे।
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जयपुरिया धर्मशाला के चौकीदार कैलाश प्रसाद ने बताया कि अटल बिहारी वाजपेयी जब भी धर्मशाला में आते थे तो सबसे बेहद आत्मीयता से मिलते थे। किसी को भी उनके इतने बड़े व्यक्तित्व होने का आभास तक नहीं होता था। उन्होंने बताया कि उस दौरान वह हरिद्वार अकेले ही आते थे और अक्सर संघ की पोशाक में घूमा करते थे। साधारण खाना खाते थे।
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जयपुरिया भवन के पास ट्रेवल एजेंसी चलाने वाले सुमित श्रीकुंज ने बताया कि अटल जी के हरिद्वार आने के चर्चे अक्सर जयपुरिया भवन और आसपास के लोगों से होते रहते हैं।
कई बार अटलजी से मिल चुके चौकीदार कैलाश प्रसाद ने बताया कि वह धर्मशाला में बनने वाला सात्विक खाना रोटी, दाल और सब्जी ही खाया करते थे।