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ारतीय संस्कृति में पर्व ों का विशेष महत्व-स्वामी हंसदेवाचार्य
Updated Sat, 14 Apr 2018 10:48 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी हंसदेवाचार्य महाराज ने कहा कि भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म में पर्वों का विशेष महत्व है। पर्व समाज में समरसता और भाईचारे की भावना को जागृत कर राष्ट्र में एकता और अखंडता का संदेश देते हैं।
उन्होंने कहा कि मानव जीवन विविधताओं से भरा है। अपने जीवन में उसे अनेक प्रकार के कर्तव्यों और दायित्वों का निर्वाह करना पड़ता है।
महंत केदारनाथ गोसाईं महाराज ने कहा कि त्योहार और पर्व सामाजिक मान्यताओं परंपराओं व पूर्व संस्कारों पर आधारित होते हैं। कहा कि बैसाखी का पर्व हमारी भारतीय संस्कृति की धरोहर है। जिसके माध्यम से हमारी संस्कृति की वास्तविक पहचान होती है। उन्होंने कहा कि हम सबको पर्वो को मिलजुलकर एकतापूर्वक मनाना चाहिए। इससे सामाजिक एकता में प्रगाढ़ता आती है। कहा कि पर्व देश को एक सूत्र में बांधे रखने में महत्वपूर्ण योगदान देेते हैं। उन्होंने कहा कि धर्मनगरी हरिद्वार ऋषिमुनियों की तपस्थली है और गंगा तट पर संत्रो के सानिध्य में जो भक्त इन आयोजनों में शामिल होता है, उसका शेष जीवन सफल हो जाता है। इस अवसर पर महामंडलेश्वर स्वामी कपिल मुनि, स्वामी चिद्विलासानंद, स्वामी ऋषि रामकृष्ण, महंत साधनानंद, स्वामी जगदीशानंद गिरि, महंत प्रेेमदास महाराज आदि का स्वागत किया। राधेश्याम गोसाईं, अशोक गोसाईं, दर्शनलाल गोर्साईं, शिल्पा गोर्साईं, शिवम महंत, मनोज महंत, आदि शामिल रहे।
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