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अंबेडकर जयंती पर फिर हो सकता है तांडव
Updated Tue, 03 Apr 2018 11:00 PM IST
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राजेश शर्मा
हरिद्वार।
सोमवार को दलित समाज के आंदोलन के दौरान सामने आए प्रदर्शनकारियों के हिंसक मिजाज ने अधिकारियों के होश उड़ा दिए हैं। 14 अप्रैल को भारतरत्न बाबा भीमराव अंबेडकर की जयंती पर इस मुद्दे के गरमाने के संकेत मिलने पर आला अफसरों ने पुलिस को एहतियात बरतने और अंबेडकर प्रतिमाओं की सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस ने भी सुरक्षा के व्यापक इंतजाम करने की कवायद शुरू कर दी हैञ
एससीएसटी एक्ट में संशोधन को लेकर सुप्रीम कोर्ट की ओर से की गई टिप्पणी के विरोध में जिस तरह दलित समाज सोमवार को सड़कों पर उतरा उससे पूरा प्रशासनिक अमला सन्न रह गया है। सोमवार को जिस तरह कुछ ही घंटों में लाखों की भीड़ अनियंत्रित होकर सड़कों पर उतर्री वह भविष्य के लिए भी चिंता का विषय है। पुनरावृत्ति रोकने को लेकर प्रशासन और पुलिस अधिकारी मशक्कत करने में जुटे हैं। इस बीच खुफिया तंत्र की रिपोर्ट ने यह आशंका जताई गई है कि 14 अप्रैल को डा. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर दोबारा ऐसा ही प्रदर्शन हो सकता सकता है। इस संकेत के साथ सुरक्षा के व्यापक प्रबंध पहले से ही करने की सिफारिश की गई है। अधिकारी इस तरह की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कवायद में जुट गए हैं। सभी थानाध्यक्षों को अपने क्षेत्रों में अंबेडकर प्रतिमाओं की सुरक्षा बढ़ाने को कहा गया है। सोमवार के बवाल के बाद रातभर जिले में डेरा डाले रहे अपर पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने बताया कि 14 अप्रैल को लेकर मिले इनपुट को देखते हुए सतर्कता बरतने को कहा गया है। संवेदनशील गांवों में सुरक्षा के प्रबंध करने को कहा गया है। गांव- गांव में मृत कमेटियों को सक्रिय करने को कहा गया है।
हरिद्वार।
सोमवार को दलित समाज के आंदोलन के दौरान सामने आए प्रदर्शनकारियों के हिंसक मिजाज ने अधिकारियों के होश उड़ा दिए हैं। 14 अप्रैल को भारतरत्न बाबा भीमराव अंबेडकर की जयंती पर इस मुद्दे के गरमाने के संकेत मिलने पर आला अफसरों ने पुलिस को एहतियात बरतने और अंबेडकर प्रतिमाओं की सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस ने भी सुरक्षा के व्यापक इंतजाम करने की कवायद शुरू कर दी हैञ
एससीएसटी एक्ट में संशोधन को लेकर सुप्रीम कोर्ट की ओर से की गई टिप्पणी के विरोध में जिस तरह दलित समाज सोमवार को सड़कों पर उतरा उससे पूरा प्रशासनिक अमला सन्न रह गया है। सोमवार को जिस तरह कुछ ही घंटों में लाखों की भीड़ अनियंत्रित होकर सड़कों पर उतर्री वह भविष्य के लिए भी चिंता का विषय है। पुनरावृत्ति रोकने को लेकर प्रशासन और पुलिस अधिकारी मशक्कत करने में जुटे हैं। इस बीच खुफिया तंत्र की रिपोर्ट ने यह आशंका जताई गई है कि 14 अप्रैल को डा. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर दोबारा ऐसा ही प्रदर्शन हो सकता सकता है। इस संकेत के साथ सुरक्षा के व्यापक प्रबंध पहले से ही करने की सिफारिश की गई है। अधिकारी इस तरह की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कवायद में जुट गए हैं। सभी थानाध्यक्षों को अपने क्षेत्रों में अंबेडकर प्रतिमाओं की सुरक्षा बढ़ाने को कहा गया है। सोमवार के बवाल के बाद रातभर जिले में डेरा डाले रहे अपर पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने बताया कि 14 अप्रैल को लेकर मिले इनपुट को देखते हुए सतर्कता बरतने को कहा गया है। संवेदनशील गांवों में सुरक्षा के प्रबंध करने को कहा गया है। गांव- गांव में मृत कमेटियों को सक्रिय करने को कहा गया है।
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