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Haridwar News: निवेश का झांसा देकर युवक के खाते से 10 लाख उड़ाए, केस
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बहादराबाद। निवेश का झांसा देकर एक युवक को साइबर ठगों ने करीब 10 लाख रुपये की चपत लगा दी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस के अनुसार, राकेश कुमार निवासी शिव बिहार कालोनी दादूपुर गोविन्दपुर ने तहरीर देकर बताया कि शीतल शर्मा नाम की एक महिला से उनकी जान-पहचान सोशल
मीडिया पर हुई। महिला ने उन्हें एस्सेलर स्टोर नाम की एक वेबसाइट के जरिए इन्वेस्टमेंट और प्रॉफिट का लालच दिया। महिला ने बताया कि वेबसाइट पर रुपये लगाने से ऑर्डर आते हैं, जिन्हें प्रोसेस करने पर बीच का मार्जिन प्रॉफिट के रूप में मिलता है। शुरुआत में कुछ लेन-देन सही चलता रहा, उससे उसका भरोसा बढ़ा और उसने धीरे-धीरे दो से तीन लाख रुपये निवेश कर दिए। जब रकम निकालने की कोशिश की तो कंपनी ने नए-नए नियम थोप दिए।
कंपनी की ओर से कहा गया कि रकम निकालने के लिए और तीन लाख रुपये डालने होंगे। पीड़ित ने अपनी सारी बचत झोंक दी, यहां तक कि पत्नी के गहने बेचकर और उधार लेकर भी पैसे लगाए। इसके बाद भी कंपनी ने साढ़े तीन लाख रुपये और जमा करने को कहा। बाद में वेबसाइट अचानक बंद हो गई। 4 अप्रैल 2025 से शुरू हुई इस ठगी में वह अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए करीब दस लाख रुपये गवा बैठा। एसएसआई प्रदीप राठौर ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर गई दी है।
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पुलिस के अनुसार, राकेश कुमार निवासी शिव बिहार कालोनी दादूपुर गोविन्दपुर ने तहरीर देकर बताया कि शीतल शर्मा नाम की एक महिला से उनकी जान-पहचान सोशल
मीडिया पर हुई। महिला ने उन्हें एस्सेलर स्टोर नाम की एक वेबसाइट के जरिए इन्वेस्टमेंट और प्रॉफिट का लालच दिया। महिला ने बताया कि वेबसाइट पर रुपये लगाने से ऑर्डर आते हैं, जिन्हें प्रोसेस करने पर बीच का मार्जिन प्रॉफिट के रूप में मिलता है। शुरुआत में कुछ लेन-देन सही चलता रहा, उससे उसका भरोसा बढ़ा और उसने धीरे-धीरे दो से तीन लाख रुपये निवेश कर दिए। जब रकम निकालने की कोशिश की तो कंपनी ने नए-नए नियम थोप दिए।
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कंपनी की ओर से कहा गया कि रकम निकालने के लिए और तीन लाख रुपये डालने होंगे। पीड़ित ने अपनी सारी बचत झोंक दी, यहां तक कि पत्नी के गहने बेचकर और उधार लेकर भी पैसे लगाए। इसके बाद भी कंपनी ने साढ़े तीन लाख रुपये और जमा करने को कहा। बाद में वेबसाइट अचानक बंद हो गई। 4 अप्रैल 2025 से शुरू हुई इस ठगी में वह अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए करीब दस लाख रुपये गवा बैठा। एसएसआई प्रदीप राठौर ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर गई दी है।
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