फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   harak's department work will go to mantri prasad naithani.

हरक को लगेगा अब एक और झटका

Tue, 17 May 2016 03:33 AM IST
अरुणेश पठानिया/अमर उजाला, देहरादून
अरुणेश पठानिया/अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 17 May 2016 03:33 AM IST
सार

  • सैनिक स्कूल का निर्माण शिक्षा विभाग को देने की तैयारी
  • मंत्री रहते हुए हरक ने अपने महकमे को दिलवाया था जिम्मा
  • स्कूल निर्माण के लिए हरक और मंत्री प्रसाद में हुआ था टकराव
  • हरक के विधानसभा क्षेत्र रुद्रप्रयाग में बनना है सैनिक स्कूल

विज्ञापन
harak's department work will go to mantri prasad naithani.
हरक सिंह रावत - फोटो : ANI

विस्तार

बगावत कर सरकार को खतरे में डालने वाले बागी मंत्री हरक सिंह को सरकार झटका देने जा रही है। हरक के विधानसभा क्षेत्र रुद्रप्रयाग में सैनिक स्कूल के निर्माण का जिम्मा सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास की जगह अब शिक्षा विभाग को दिया जाएगा।

विज्ञापन


स्कूल की अनुमति के लिए सैनिक कल्याण मंत्री रहते हुए हरक सिंह ने शिक्षा मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी की एक नहीं चलने दी थी। हरक के दबाव में सरकार ने केंद्र की गाइडलाइन को साइडलाइन कर सैनिक कल्याण को जिम्मा सौंप दिया था। सूत्रों के अनुसार सोमवार को नए सिरे से करार के लिएशासन ने फाइल सीएम हरीश रावत को भेज दी है।
विज्ञापन


पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत ने 6 माह पहले स्कूल निर्माण का जिम्मा सैनिक कल्याण विभाग को दिये जाने के लिए सीएम हरीश रावत से अनुमोदन करवाया था। नियमों के तहत यह शिक्षा विभाग को दिया जाना चाहिए था। हरक की हनक के चलते किसी ने आपत्ति भी दर्ज नहीं करवाई।

विज्ञापन
विज्ञापन

बागी बनते ही हरक के फैसलों पर चली कैंची

harak's department work will go to mantri prasad naithani.
हरक सिंह रावत - फोटो : file photo

अब उनके बागी होते ही नियम कायदों का हवाला देकर त्रुटी को दुरुस्त किया जा रहा है। सैनिक कल्याण विभाग ने निर्माण का जिम्मा शिक्षा विभाग को देने के लिए फाइल सीएम कार्यालय को भेजी गई है। इससे पहले मुख्यसचिव के स्तर पर हुई बैठक में यह मामला उठा, जिसके बाद अब सुधार किया जा रहा है। सीएम के अनुमोदन के बाद नए सिरे से सैनिक स्कूल सोसाइटी से एमओयू में बदलाव होगा।

मंत्री का फैसला पलटने का आधार
पूर्व सैनिक कल्याण मंत्री हरक सिंह की हनक का अंदाजा इसी बात से लगता है कि देश के 24 सैनिक स्कूल जिस राज्य में हैं उनके शिक्षा विभाग उसे संचालित कर रहे हैं। उत्तराखंड का एकमात्र घोड़ाखाल स्थित सैनिक स्कूल भी शिक्षा विभाग के अधीन है। अब केंद्र की गाइडलाइन को आधार बनाकर फैसला पलटा जाएगा।

संस्था को वापस मिल सकते हैं पांच करोड़
पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों की कल्याणकारी योजनाओं संचालित करने वाली सैनिक कल्याण कि जिस संस्था से पांच करोड़ सैनिक स्कूल के निर्माण के लिए दिए थे। फंड के अभाव से जूझ रही संस्था को पांच करोड़ वापस दिए जाने के लिए पत्राचार भी शुरू हो गया है। इसके अलावा उपनल से भी पांच करोड़ स्कूल निर्माण के लिए दिए गए थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed