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हल्की नोंकझोंक के साथ रहा दून बंद, जनता हुई परेशान
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Mon, 04 Apr 2016 08:10 PM IST
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एक्साइज ड्यूटी के विरोध में आंदोलन कर रहे सराफा कारोबारियों का दून उद्योग व्यापार मंडल, प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल सहित कई संगठनों के सहयोग से सोमवार को देहरादून बंद रहा।
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व्यापारियों की करीब 22 टीमें शहर और आसपास के गली-मोहल्लों तक दुकानें बंद कराने पहुंची। इस दौरान गढ़ी कैंट स्थित सेवन ऑक्स स्कूल को बंद करने को लेकर व्यापारियों और स्कूल प्रबंधन के बीच तीखी बहस हुई। बाद में स्कूल बंद हो गया। दूसरी ओर, परमीशन न होने की वजह से पुलिस ने व्यापारियों का नोटिस थमाते हुए उन्हें वहां से जाने को कहा।
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ज्वैलर्स एसोसिएशन ऑफ उत्तरांचल, सराफा मंडल, युवा सराफा मंडल, स्वर्ण शिल्पी समिति, रिफाइनरी समिति के संयुक्त आह्वान और व्यापार मंडलों के साथ ही कैमिस्ट एसोसिएशन, दून उद्योग व्यापार मंडल, प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल, सीटू, सीपीआईएम, पेट्रोल पंप एसोसिएशन, किसान सभा, एसएफआई, एनएसयूआई, शिवसेना सहित करीब 341 संगठनों के सहयोग से दून बंद का प्रभाव सोमवार को सुबह से ही नजर आया।
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ज्यादातर प्रतिष्ठान और स्कूल बंद रहे। गढ़ी कैंट में सेवन ऑक्स स्कूल खुला पाया गया तो व्यापारियों ने इसे बंद कराने का प्रयास किया। स्कूल प्रबंधन पहले तो नहीं माना लेकिन जब नोंकझोंक हुई तो इसके बाद प्रबंधन ने छुट्टी कर दी। सुबह करीब सात बजे व्यापारियों ने सहारनपुर चौक पर चक्काजाम कर दिया। इस वजह से वाहनों की लंबी लाइनें लग गई। बाद में पुलिस ने आकर व्यापारियों को वहां से हटाया तो जाम खुल पाया।
अध्यक्ष प्रवीण जैन ने बताया कि उन्हें उस वक्त काफी परेशानी हुई जब पुलिस ने उन्हें उकसाने के लिए दुकानें खोलने का एनाउंसमेंट शुरू किया। बावजूद इसके व्यापारियों के हौसले बुलंद रहे। व्यापारी गली मोहल्लों तक घूमकर बंद की अपील करते रहे। पेट्रोल पंप, कई जगहों पर बैंक, स्कूल, कॉलेज सहित शहर के ज्यादातर बाजार बंद रहे।
दोपहर करीब 12 बजे व्यापारी रैली के रूप में धामावाला बाजार से घंटाघर पहुंचे। यहां पहले से ही तैनात रैपिड एक्शन फोर्स ने उन्हें आगे नहीं बढ़ने दिया। इसके बाद आंदोलनकारी पलटन बाजार में धरने पर बैठ गए। उन्होंने केंद्र सरकार और वित्त मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस बीच पुलिस के अधिकारी उनके पास धरना, प्रदर्शन और जुलूस की परमीशन न होने की वजह से नोटिस लेकर पहुंचे।
मौके पर मौजूद सिटी मजिस्ट्रेट ललित नारायण मिश्र ने भी उन्हें परमीशन न होने के कारण लौटने को कहा। इसके बाद स्वर्ण कारोबारी वहां से लौट गए। सराफा मंडल के मुताबिक देहरादून, विकासनगर, आईएसबीटी, प्रेमनगर, डोईवाला, कैंट, माजरा, पलटन बाजार, हनुमान चौक, कांवली रोड, बल्लूपुर आदि में बाजार बंद रहे।
आंदोलन करने वालों में प्रवीन जैन, विपिन बैरी, सुनील मैसोन, गुरदीप सिंह, जगदीश कपूर, सतीश कपूर, अमित वर्मा, सतीश कर्णवाल, जसबीर सिंह, गुरनैन सिंसह, अमित गोयल, सुमित जैन, अमित गुप्ता, मासूम बिल्ला, अनूप बदुनी, नीरज वर्मा, अंकुश वर्मा, प्रीतपाल सिंह, अर्जुन नारायण, लेखराज, पंकज बड़वाल आदि मौजूद रहे।
जनता हुई परेशान
बंद की वजह से सुबह से ही बाजारों में सन्नाटा दिखा। ज्यादातर दुकानें बंद होने की वजह से लोग परेशान रहे। कई अभिभावक भी इसलिए परेशान दिखे, क्योंकि वह सुबह अपने बच्चे को तैयार करके स्कूल ले गए लेकिन स्कूल की छुट्टी होने की वजह से उन्हें लौटना पड़ा। पेट्रोल पंप बंद होने की वजह से भी लोग परेशान दिखे। दोपहर बाद पेट्रोल पंप खुल गए।