फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dedicated teacher has changed education system

फर्स्ट टीचरः असली 'फुंसुक वांगडू' से मिलिए

Thu, 05 Sep 2013 06:33 PM IST
अमर उजाला, जीवन दानू, नाचनी/पिथौरागढ़
अमर उजाला, जीवन दानू, नाचनी/पिथौरागढ़ Updated Thu, 05 Sep 2013 06:33 PM IST
विज्ञापन
Dedicated teacher has changed  education system

थ्री ईडिएट के फुंसुक वांगडू (आमिर खान) को तो नहीं भूले ना, जो ज्ञान की रोशनी लिए शहरों के बजाय सुदूर लद्दाख में चले आते हैं।

विज्ञापन


यह तो महज फिल्मी कहानी हे आज शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में ऐसे ही एक गुरु को आप से मिलवाते हैं, जो सड़क से 27 किमी दूर ऊंचे पहाडों से ज्ञान की लौ जलाकर अपने काम में डूबे हुए हैं।

सड़क से 27 किमी दूर
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के उच्च हिमालयी क्षेत्र में 2700 मीटर की ऊंचाई और सड़क से 27 किमी दूर बसे नामिक गांव के हाईस्कूल में न तो प्रिंसिपल की नियुक्ति हुई न ही शिक्षक और अन्य स्टाफ की।
विज्ञापन


पढें..इनके एक आइडिया ने बदल दी जिदंगी
विज्ञापन
विज्ञापन


लेकिन जूनियर हाईस्कूल में तैनात शिक्षक भगवान सिंह जैमियाल गांव के बच्चों के लिए ‘भगवान’ से कम नहीं हैं। उन्होंने बच्चों को पढ़ाने के लिए अपने खर्च पर स्कूल में दो टीचर रखे हैं।

भूल गई सरकार
बेशक सरकार ऐसे अध्यापकों को सम्मानित करना भूल जाए लेकिन ऐसे शिक्षकों से ही पहाड़ के बच्चे पढ़ लिख पा रहे हैं।

पढें...कोर्ट का झटका, टीईटी परीक्षा हुई स्थगित

नामिक में भाजपा के कार्यकाल में हाईस्कूल तो खोल दिया गया लेकिन हिमालयी क्षेत्र में सजग प्रहरी की भूमिका निभा रहे नामिक के नौनिहालों को पढ़ाने के लिए प्रधानाचार्य, शिक्षक और स्कूल संचालन के लिए स्टाफ तैनात नहीं किया गया।

नहीं की शिक्षकों की तैनाती
हाईस्कूल की कक्षाओं का संचालन जूनियर हाईस्कूल के जिम्मे दे दिया गया। सरकारें आई गईं पर किसी ने यहां शिक्षक नियुक्त करने के बारे में नहीं सोचा।

भला हो जूनियर हाईस्कूल के शिक्षक भगवान सिंह जैमियाल का जिन्होंने अपने खर्च पर दो-दो हजार रुपये प्रतिमाह पर दो शिक्षित युवकों को बच्चों को पढ़ाने के लिए रखा है।


पांच बालिकाओं ने किया दसवीं पास
इसी का परिणाम है कि इस साल की बोर्ड परीक्षा नामिक की पांच बालिकाओं ने पहली बार हाईस्कूल पास किया है।

43 छात्र संख्या वाले इस स्कूल में कक्षा नौ में 10, कक्षा दस में 7 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। शिक्षक न होने की वजह से नामिक के 30 बच्चे पिथौरागढ़ और मुनस्यारी में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।

ग्राम प्रधान तुलसी देवी, पीटीए अध्यक्ष महेंद्र सिंह भंडारी, स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष बहादुर सिंह कन्यारी ने बताया है कि 2012 में एक शिक्षक की हाईस्कूल में तैनाती की गई लेकिन उक्त शिक्षक ने कार्यभार ग्रहण ही नहीं किया।

इनकी भी सुनिए
2012 में  शिक्षक की तैनाती के बावजूद न आने की जांच की जाएगी। अपर निदेशक विद्यालयी शिक्षा के संज्ञान में मामला लाया जाएगा। रमसा के तहत शिक्षक तैनात किए जाएंगे।
-वीके टम्टा मुख्य शिक्षाधिकारी पिथौरागढ़।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed