फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   curfew in kedarnath dham

केदारनाथ धाम में लगा कर्फ्यू!

Tue, 10 Sep 2013 05:52 PM IST
अमर उजाला, संदीप थपलियाल, फाटा (रुद्रप्रयाग)
अमर उजाला, संदीप थपलियाल, फाटा (रुद्रप्रयाग) Updated Tue, 10 Sep 2013 05:52 PM IST
विज्ञापन
curfew in kedarnath dham

जून को आई आपदा के बाद अब केदारनाथ धाम में प्रशासन द्वारा 'कर्फ्यू' लगवा दिया गया है। उत्तराखंड के केदारनाथ धाम में 11 सितंबर से पूजा शुरू होनी है। जिसके मद्देनजर अपने घर जा रहे केदारघाटी के बाशिंदों से उनकी पहचान पूछी जा रही है।

विज्ञापन


जो अपनी पहचान का सबूत दे रहा है वह फाटा से आगे बढ़ पा रहा है। जो अपनी पहचान का सबूत नहीं दे पा रहा, उसको लौटाया जा रहा है। बहरहाल, फाटा से आगे अघोषित कर्फ्यू जैसी ही स्थिति है।
विज्ञापन


पढ़ें, केदारघाटी में गूंजने लगी घंटियां
विज्ञापन
विज्ञापन


यह पहला मौका है कि जब कडे़ पहरे के बीच बाबा केदार की पूजा शुरू हो रही है। प्रशासन फूंक-फूंक कर कदम बढ़ा रहा है। केदारनाथ में बिना पास के कोई भी व्यक्ति न पहुंच पाए, इसके लिए यात्रा मार्गों पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

बाहरी लोगों के साथ स्थानीय लोगों का भी सत्यापन किया जा रहा है। पूजा की कवरेज के लिए मीडियाकर्मी पैदल केदारनाथ जाना चाहते हैं, तो कुछ यात्री, स्थानीय लोग और स्वयंसेवी संस्थाएं भी बाबा की पूजा के साक्षी बनने के लिए लालायित हैं, लेकिन प्रशासन किसी को भी पैदल जाने की अनुमति देने को तैयार नहीं है।

पढ़ें, अब तबाही से पहले बजेगा अलार्म

अनुमति प्राप्त लोग हेलीकॉप्टर से ही केदारनाथ जा सकेंगे। प्रशासन की इस कड़ी चेकिंग से सबसे ज्यादा दिक्कत केदारघाटी के लोगों को उठानी पड़ रही है। प्रशासन उनके गांव-घर का रास्ता रोक रहा है। फाटा से आगे अपने गांव जा रहे लोगों से बैरियर पर कड़ी पूछताछ की जा रही है।


सत्यापित होने के बाद ही उन्हें छोडा जा रहा है। जिस किसी के पास अपनी आईडी नहीं है, उसे लौटा दिया जा रहा है। स्थानीय निवासी गोविंद सिंह रावत का कहना है कि आपदा के ढाई माह बाद भी बुनियादी सुविधाएं नहीं जुट पाई हैं। सरकार अपनी कमियों को छुपाने के लिए लोगों पर प्रतिबंध लगा रही है, जो उनकी स्वतंत्रता का हनन है।

चप्पे-चप्पे पर पुलिस
केदारघाटी को सील कर दिया गया है। बिना अनुमति कोई भी व्यक्ति केदारनाथ न पहुंच सके, इसके लिए चप्पे-चप्पे पर पुलिस निगहबानी कर रही है। अकेले फाटा में पुलिस और पीएसी के 80 जवान तैनात किए गए हैं।

पढ़ें, झील में 'डूब' सकते हैं चारों धाम

त्रियुगीनारायण में 20, चौमासी में दस जवानों की तैनाती के अलावा गुप्तकाशी, गौरीकुंड में भी पुलिस के जवान दिखाई दे रहे हैं। तीर्थ पुरोहितों और विभिन्न दलों से जुड़े लोगों की गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है।

फेसबुक पर अपनी राय देने के लिए यहां क्लिक करें

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed