समझौता बैठक में आई थी, सबके सामने ही गटक लिया जहर
- छोटी बहन को नौकरी देने के नाम पर लिये थे छह लाख
- स्कूल प्रबंधन नहीं लौटा रहा था युवती के रुपये
- ज्वालापुर के एक अस्पताल में आईसीयू में भर्ती है युवती
विस्तार
छोटी बहन की नौकरी के लिए दी गई साढ़े छह लाख की रकम वापस न मिलने से क्षुब्ध बड़ी बहन ने समझौता बैठक में ही जहर गटक लिया। युवती को ज्वालापुर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
गांव गढ़मीरपुर की रहने वाली एक युवती ने गांव के ही एक स्कूल में लिपिक के पद के लिए आवेदन किया था। स्कूल प्रबंधन ने उसे लिपिक के तौर पर नियुक्ति दे दी पर स्थायी नियुक्ति के नाम पर साढ़े छह लाख की रकम मांगी। युवती ने छह लाख रुपये दे दिए।
आरोप है कि जब स्थायी नियुक्ति नहीं हो पाई तब युवती ने अपनी रकम वापस देने को कहा। इसपर स्कूल प्रबंधन ने उसे नौकरी से हटा दिया। इसके बाद युवती और उसकी दो बहनों ने मामले की शिकायत शिक्षा विभाग, राज्यपाल और शासन से की। शिकायत होने के बाद स्कूल प्रबंधन ने मंगलवार को गांव में ही एक प्रभावशाली ग्रामीण के घर समझौता बैठक बुलाई।
युवती के जहर पीते ही बैठक में मची अफरातफरी
युवती अपनी बहनों के साथ वहां पहुंची थी। आरोप है कि रकम लौटाने में आनाकानी कर रहे स्कूल प्रबंधन के रवैये से क्षुब्ध होकर युवती की बड़ी बहन ने जहरीला पदार्थ गटक लिया।
इसपर बैठक में अफरा तफरी मच गई। युवती को ज्वालापुर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत गंभीर होने पर आईसीयू में शिफ्ट किया गया है। पीड़िता का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने ही उसकी बहन को आत्महत्या के लिए उकसाया है। प्रबंधन उनसे वसूली गई रकम लौटा नहीं रहा है।
औद्योगिक चौकी प्रभारी प्रदीप मिश्रा ने बताया कि युवती के जहरीले पदार्थ खाने की बात सामने आई है। पूरे मामले की पड़ताल कर रहे हैं।