महिला विधायक के हाथों घिर गए पर्यटन मंत्री
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सदन में कांग्रेस विधायक अमृता रावत ने सवालों के माध्यम से पर्यटन मंत्री दिनेश धनै की घेराबंदी की। मंत्री की मुसीबत उस समय और बढ़ गई जब विपक्ष के साथ-साथ अमृता रावत सरीखे सत्ता पक्ष के ही लोगों ने मंत्री पर सदन को गुमराह करने का गंभीर आरोप जड़ा।
भाजपा के मदन कौशिक के सवाल के जवाब में मंत्री ने बताया कि 31 जनवरी 2015 तक 2,93,74,410 देशी और 1,11,094 विदेशी पर्यटकों ने उत्तराखंड का भ्रमण किया।
पर्यटकों को आकर्षित करने की योजनाओं के बारे में कहा कि नए टूरिस्ट सर्किट विकसित करने के साथ ही अवस्थापना सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। शीतकालीन चारधाम यात्रा के साथ ही साहसिक खेलों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
नानकमत्ता, रीठासाहिब बनेंगे टूरिस्ट सर्किट:
राज्य के पर्यटन विकास योजनाओं के तहत सरकार नानकमत्ता और रीठा साहिब क्षेत्र को टूरिस्ट सर्किट के रूप में विकसित करेगी।
डॉ. प्रेम सिंह राणा के सवाल के जवाब में पर्यटन मंत्री दिनेश धनै ने कहा कि केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय के सहयोग से रीठा साहिब और नानकमत्ता के समेकित विकास के लिए 466.56 लाख का बजट स्वीकृत कर केएमवीएन को बजट मुहैया करा दिया गया है।
योजना के तहत दोनों स्थलों पर बिजली, पानी, सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं के साथ ही म्यूजिकल फाउंटेन, का कार्य कराया जा रहा है।
सीताबनी सफारी सर्किट पर उठाए सवाल
सीताबनी सफारी सर्किट को लेकर बृहस्पतिवार को सदन में जमकर हंगामा हुआ। कांग्रेस की अमृता रावत ने सवाल उठाते हुए सरकार और पर्यटन मंत्री पर आरोप जड़ा कि केंद्र के बजट का दुरुपयोग किया गया है।
कहा कि केंद्र से बजट लाने में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और पर्यटन मंत्री ने उनके हिस्से का बजट अन्य योजनाओं में लगा दिया। जवाब में पर्यटन मंत्री ने कहा कि वन विभाग से जमीन हस्तांतरित नहीं होने से दिक्कतें आई है।
यदि अन्य योजनाओं में बजट का इस्तेमाल न किया जाता तो धनराशि केंद्र को लौटानी पड़ती। अमृता रावत मंत्री के जवाब से संतुष्ट नजर नहीं आई। उन्होंने जमीन हस्तांतरण की जिम्मेदारी वन विभाग और सरकार है। उन्होंने मंत्री पर सदन को गुमराह करने का गंभीर आरोप भी लगाया।
538 विद्यालयों के शौचालयों में जल संयोजन नहीं:
बजट के अभाव में सूबे के 538 नवनिर्मित विद्यालयों में जल संयोजन नहीं हो पा रहा है। परिणामस्वरूप इन शौचालयों का उपयोग नहीं हो रहा है।
भाजपा के हरबंश कपूर के सवाल के जवाब में शिक्षा मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी ने कहा कि राज्य भर में 12,536 विद्यालयों में 538 ऐसे है जहां जल संयोजन नहीं है।
बजट की कमी से शौचालयों के अनुरक्षण और जल संयोजन में दिक्कत आ रही है। विपक्ष ने इस पर जमकर हंगामा किया। विपक्षी सदस्यों का कहना था कि सरकार के पास इतना भी बजट नहीं कि जल संयोजन तक करा सके।
आखिरकार भारी हंगामे के बीच मुख्यमंत्री ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने कहा कि वित्त सचिव को निर्देशित किया गया है कि सेस का एक हिस्सा ऐसे विद्यालयों के अनुरक्षण के लिए सुरक्षित किया जाए। सीएम ने कहा कि यह गंभीर मुद्दा है।
हेरिटेज, इको टूरिज्म को बढ़ावा दे रही सरकार
मुख्यमंत्री हरीश रावत का कहना है कि उनकी सरकार हेरिटेज टूरिज्म के अलावा ऐतिहासिक और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने का हर संभव कदम उठा रही है।
महावीर सिंह रागड़ के सवाल में जवाब में पर्यटन मंत्री का बचाव करते हुए सीएम ने कहा कि सरकार पर्यटन को बढ़ाने के तमाम उपाय कर रही है।
इको टूरिज्म का उल्लेख करते हुए सीएम ने कहा कि केदारकाठा जैसे वन क्षेत्रों को इको टूरिज्म के तौर पर विकसित करने को लेकर इको टूरिज्म कारपोरेशन का भी गठन कर लिया गया है। इको टूरिज्म के लिए पूंजी वन विकास निगम मुहैया कराएगा। जबकि पर्यटन की योजनाएं विभाग तैयार करेगा।
निजी स्कूलों के बच्चों को मुफ्त में किताब, ड्रेस नहीं:
सरकार ने साफ तौर पर कह दिया है कि निजी स्कूलों के बच्चों को शिक्षा विभाग की ओर एनसीआरटीई की पुस्तकें और ड्रेस मुहैया नहीं कराया जा सकता है। ललित फर्स्वाण के सवाल के जवाब में शिक्षा मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी ने कहा कि सरकार की ऐसी कोई योजना नहीं है।
नहीं हटाए जाएंगे गेस्ट टीचर्स:
एक सवाल के जवाब में शिक्षा मंत्री ने सदन को अवगत कराया कि गेस्ट टीचर्स नहीं हटाए जाएंगे। भाजपा के गणेश जोशी ने स्कूलो में शिक्षकों की भारी कमी का मामला सदन में रखा।
जवाब में शिक्षा मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी ने कहा कि राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा के तहत सहायक अध्यापक एलटी संवर्ग के 3415 पदों के सापेक्ष 2442 विजिटिंग शिक्षक की व्यवस्था की गई है।
जबकि प्रवक्ता संवर्ग के 4969 रिक्त पदों के सापेक्ष 384 विजिटिंग शिक्षक कार्यरत हैं। ऐसे में कुल मिलाकर 2258 शिक्षकों की कमी है।
जिसके लिए भर्ती प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। शिक्षकों की भर्ती को लेकर दो अलग-अलग तिथियों पर आवेदन मांगे जाने को लेकर सदन में एक बार फिर हंगामा हुआ।