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बेटा मुख्यमंत्री और पिता का घर-आंगन 'उजड़ा'

Sun, 06 Oct 2013 06:46 PM IST
अमर उजाला, श्रीनगर
अमर उजाला, श्रीनगर Updated Sun, 06 Oct 2013 06:46 PM IST
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CM's ancestral house in a worse state

पूर्व मुख्यमंत्री हेमवती नंदन बहुगुणा के पैतृक भवन की उपेक्षा से क्षेत्रीय निवासी आहत हैं। विजय बहुगुणा के मुख्यमंत्री बनने के बाद बुघाणी के हालात सुधरने की आस बंधी थी।

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मगर घोषणा के करीब दो साल बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो पाई। बहुगुणा के पैतृक निवास को संग्रहालय बनाने के लिए जारी टेंडर में कोई आवेदन नहीं मिलने से इंतजार और बढ़ गया है।
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पैतृक निवास आज भी उपेक्षित
पांच दशकों तक भारतीय राजनीति में चमक बिखरने वाले हेमवती नंदन बहुगुणा का पैतृक निवास आज भी उपेक्षित है। मुख्यमंत्री बनते ही विजय बहुगुणा ने पैतृक भवन को संग्रहालय में तब्दील करने की घोषणा की, जो अब तक पूरी नहीं हो सकी है।
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सिर्फ खानापूर्ति के लिए जर्जर भवन के ऊपर टीन शेड बनाकर छोड़ दिया गया है। सरकार के उपेक्षित रवैये के कारण क्षेत्रीय निवासियों में रोष है। बुघाणी निवासी जितेंद्र डंगवाल के अनुसार संग्रहालय बनने की घोषणा के बाद क्षेत्रवासियों में विकास की उम्मीद जगी थी।

प्रगति न होने से ग्रामीण निराश
मगर दो साल बाद भी खास प्रगति न होने से ग्रामीण निराश हैं। जितेंद्र के मुताबिक जब पहाड़ का महान नेता अपने पुत्र के राज में ही उपेक्षित है तो फिर किसी और से क्या उम्मीद करें।


विकास उनियाल, रवि राणा, सुभाष बहुगुणा आदि ने भी सरकार की सुस्ती पर नाराजगी जताई है। दूसरी ओर अधिकारियों का कहना है कि आपदा के कारण इस कार्य में देरी हुई है। टेंडर खुलने के तुरंत बाद कार्य शुरू करवा दिया जाएगा।

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