टीकाकरण: बच्चों को टीका लगाने में पहाड़ मैदान से आगे, जानिए किस जिले में हुआ कितना प्रतिशत वैक्सीनेशन
अभी तक प्रदेश में लक्ष्य के सापेक्ष 33.4 प्रतिशत बच्चों को वैक्सीन की पहली डोज लगाई जा चुकी है।चमोली जिले में सबसे अधिक 89.6 प्रतिशत और बागेश्वर जिले में 81.5 प्रतिशत बच्चों को पहला टीका लग चुका है।
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उत्तराखंड में 12 से 14 साल के बच्चों को कोविड वैक्सीन लगवाने में पहाड़ के लोग आगे हैं। पर्वतीय जिलों की तुलना में मैदानों में टीकाकरण की रफ्तार धीमी है। चमोली जिले में लक्ष्य के सापेक्ष 89.6 प्रतिशत बच्चों को वैक्सीन की पहली डोज लग चुकी है। जबकि हरिद्वार जिले में मात्र 9.3 प्रतिशत को वैक्सीन लगी है।
प्रदेश में 16 मार्च से 12 से 14 साल के बच्चों का टीकाकरण शुरू किया गया था। इस आयु वर्ग में 3.92 लाख बच्चों को कोविड वैक्सीन लगाने का लक्ष्य रखा गया है। अभी तक प्रदेश में लक्ष्य के सापेक्ष 33.4 प्रतिशत बच्चों को वैक्सीन की पहली डोज लगाई जा चुकी है। बच्चों के टीकाकरण में पर्वतीय जिले आगे हैं। चमोली जिले में सबसे अधिक 89.6 प्रतिशत और बागेश्वर जिले में 81.5 प्रतिशत बच्चों को पहला टीका लग चुका है।
मैदानी जिले हरिद्वार, देहरादून, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर, पर्वतीय जिलों की तुलना में टीकाकरण में पीछे हैं।राज्य प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ.कुलदीप सिंह मर्तोलिया का कहना है कि प्रदेश में बच्चों को लगने वाली वैक्सीन की कोई कमी नहीं है।
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सभी जिलों को चार लाख से अधिक डोज दी गई है। पर्वतीय जिलों में बच्चों के वैक्सीनेशन में अच्छा काम किया जा रहा है। हरिद्वार जिले में पहले से ही बच्चों को अन्य टीकाकरण का अभियान चल रहा है। जिससे वहां पर कोविड टीकाकरण कम हुआ है। प्रदेश में स्कूल खुलने से अब कोविड टीकाकरण में तेजी आएगी।
बच्चों के कोविड टीकाकरण की स्थिति
| जिला | टीकाकरण |
| अल्मोड़ा | 58.20 प्रतिशत |
| बागेश्वर | 81.50 प्रतिशत |
| चमोली | 89.60 प्रतिशत |
| चंपावत | 38.40 प्रतिशत |
| देहरादून | 28.10 प्रतिशत |
| हरिद्वार | 09.30 प्रतिशत |
| नैनीताल | 30.40 प्रतिशत |
| पौड़ी | 36.20 प्रतिशत |
| पिथौरागढ़ | 48.10 प्रतिशत |
| रुद्रप्रयाग | 46.90 प्रतिशत |
| टिहरी | 66.40 प्रतिशत |
| यूएस नगर | 25.90 प्रतिशत |
| उत्तरकाशी | 46.60 प्रतिशत |