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टनकपुर के राहत कैंप में पिथौरागढ़ का युवक फरार, केस दर्ज
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टनकपुर (चंपावत)। सरस्वती शिशु मंदिर राहत कैंप में निगरानी में रखा गया पिथौरागढ़ निवासी एक युवक फरार हो गया। पुलिस ने उसे खोजने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं मिला। बताया जा रहा है कि चाचा का निधन होने पर युवक ने यह कदम उठाया है। इधर पुलिस ने फरार युवक के खिलाफ आईपीसी, आपदा और महामारी अधिनियम की धाराओं में केस दर्ज किया है। वहीं नेपाली मजदूरों को लॉकडाउन के दौरान घर भेजने पर लोहाघाट के एक ठेकेदार के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। उधर, लॉकडाउन का उल्लंघन करने पर होम क्वारंटीन में रखी गई सितारगंज से बस्तिया पहुंची तीन युवतियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
पिथौरागढ़ जिले के जमराड़ी गांव का निवासी महेश सिंह (26) पुत्र भगवान सिंह को प्रशासन ने लॉकडाउन में बाहरी क्षेत्र से आने पर करीब छह दिन पहले ही यहां सरस्वती शिशु मंदिर राहत कैंप में निगरानी में रखा था, जो बुधवार शाम मौका पाकर कैंप से फरार हो गया। कैंप में उसके साथ रहने वाले लोगों ने बताया कि महेश अपने चाचा का निधन होने की बात कह घर जाने को कह रहा था। कोतवाल धीरेंद्र कुमार ने बताया कि फरार यवक के बारे में पिथौरागढ़ पुलिस को सूचित करने के साथ ही उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 188, 269, 270, 51 ख आपदा अधिनियम और 03 महामारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
उधर, हैड़ाखान में लोहाघाट निवासी ठेकेदार खुशाल सिंह अधिकारी के सड़क निर्माण कार्य में मजदूूरी करने वाले 15 नेपाली मजदूर गत मंगलवार शाम हैड़ाखान से पैदल चलकर यहां पहुंचे थे। जिन्हें प्रशासन ने राप्रावि टनकपुर राहत कैंप में रखा है। पूछताछ में इन मजदूरों ने बताया था कि ठेकेदार ने काम बंद होने की बात कह घर जाने को कहा। कोतवाल धीरेंद्र कुमार ने बताया कि ठेकेदार खुशाल सिंह अधिकारी के खिलाफ आईपीसी, आपदा और महामारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। बस्तिया निवासी तीन युवतियां बुधवार को किसी तरह सितारगंज से यहां पहुंची थी। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तीनों के स्वास्थ्य की जांच कर इन्हें होम क्वारंटीन में रहने की हिदायत दी थी। बुधवार देर शाम प्रशासन ने इन्हें एक होटल में संस्थागत क्वारंटीन कर दिया है। कोतवाल धीरेंद्र कुमार ने बताया कि तीनों युवतियों के खिलाफ लॉकडाउन का उल्लंघन करने पर आईपीसी की धारा 188 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। संवाद
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पिथौरागढ़ जिले के जमराड़ी गांव का निवासी महेश सिंह (26) पुत्र भगवान सिंह को प्रशासन ने लॉकडाउन में बाहरी क्षेत्र से आने पर करीब छह दिन पहले ही यहां सरस्वती शिशु मंदिर राहत कैंप में निगरानी में रखा था, जो बुधवार शाम मौका पाकर कैंप से फरार हो गया। कैंप में उसके साथ रहने वाले लोगों ने बताया कि महेश अपने चाचा का निधन होने की बात कह घर जाने को कह रहा था। कोतवाल धीरेंद्र कुमार ने बताया कि फरार यवक के बारे में पिथौरागढ़ पुलिस को सूचित करने के साथ ही उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 188, 269, 270, 51 ख आपदा अधिनियम और 03 महामारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
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उधर, हैड़ाखान में लोहाघाट निवासी ठेकेदार खुशाल सिंह अधिकारी के सड़क निर्माण कार्य में मजदूूरी करने वाले 15 नेपाली मजदूर गत मंगलवार शाम हैड़ाखान से पैदल चलकर यहां पहुंचे थे। जिन्हें प्रशासन ने राप्रावि टनकपुर राहत कैंप में रखा है। पूछताछ में इन मजदूरों ने बताया था कि ठेकेदार ने काम बंद होने की बात कह घर जाने को कहा। कोतवाल धीरेंद्र कुमार ने बताया कि ठेकेदार खुशाल सिंह अधिकारी के खिलाफ आईपीसी, आपदा और महामारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। बस्तिया निवासी तीन युवतियां बुधवार को किसी तरह सितारगंज से यहां पहुंची थी। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तीनों के स्वास्थ्य की जांच कर इन्हें होम क्वारंटीन में रहने की हिदायत दी थी। बुधवार देर शाम प्रशासन ने इन्हें एक होटल में संस्थागत क्वारंटीन कर दिया है। कोतवाल धीरेंद्र कुमार ने बताया कि तीनों युवतियों के खिलाफ लॉकडाउन का उल्लंघन करने पर आईपीसी की धारा 188 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। संवाद
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