{"_id":"58726bfb4f1c1b1929ba81c8","slug":"young-man-trapped-in-the-rock-to-bartoli","type":"story","status":"publish","title_hn":"भारतोली के पास चट्टान में युवक फंसा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भारतोली के पास चट्टान में युवक फंसा
ब्यूरो/अमर उजाला, लोहाघाट (चंपावत)
Updated Sun, 08 Jan 2017 10:12 PM IST
विज्ञापन
ग्वीनाड़ा में इसी चटटान में फंसा हरीश।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बाराकोट विकासखंड के ग्वीनाड़ा का एक युवक भारतोली के पास चट्टान में फंस गया। पुलिस और आपदा राहत की टीम उसे सुरक्षित निकालने के लिए रेस्क्यू में जुट गई हैं लेकिन खबर लिखे जाने तक निकाला नहीं जा सका था। युवक चट्टान पर शिलाजीत निकालने गया था।
लोहाघाट के थानाध्यक्ष डीएल वर्मा का कहना है कि यहां से करीब 19 किमी दूर तल्ली ग्वीनाड़ा गांव का हरीश चंद्र (26) पुत्र बालादत्त भारतोली के पास पहाड़ी में शिलाजीत निकालने गया हुआ था। पहाड़ी के पास की संकरी चट्टान में युवक फंस गया।
ग्राम प्रधान केशव दत्त तिवारी का कहना है कि रविवार करीब दो बजे हरीश किसी को सूचना दिए बगैर भारतोली के पास रोलिया कांठा चिल्ल घोल नामक चट्टान में शिलाजीत निकालने के लिए गया। प्रधान का कहना है कि 20 साल पहले गांव की महिलाएं इस पहाड़ी से शिलाजीत निकाला करती थी, तब से कोई इस पहाड़ी पर नहीं गया। ऐसे में हरीश वहां कैसे पहुंचा, यह भी बड़ा सवाल है। प्रधान ने बताया कि हरीश ने अपने मोबाइल से ग्रामीणों को पहाड़ी पर फंसने की जानकारी दी। इसके बाद ही ग्रामीणों ने पुलिस और आपदा टीम को घटना की जानकारी दी।
विज्ञापन
फंसे युवक को बचाने के लिए चंपावत से एडीएम हेमंत वर्मा, जिला आपदा नियंत्रण अधिकारी मनोज पांडेय के अलावा पुलिस व फायर ब्रिगेड की टीम मौके को रवाना हुई। रेस्क्यू टीम राहत में जुटी है। अलबता खबर लिखे जाने तक युवक को निकाला नहीं जा सका था।
विज्ञापन
लोहाघाट के थानाध्यक्ष डीएल वर्मा का कहना है कि यहां से करीब 19 किमी दूर तल्ली ग्वीनाड़ा गांव का हरीश चंद्र (26) पुत्र बालादत्त भारतोली के पास पहाड़ी में शिलाजीत निकालने गया हुआ था। पहाड़ी के पास की संकरी चट्टान में युवक फंस गया।
विज्ञापन
ग्राम प्रधान केशव दत्त तिवारी का कहना है कि रविवार करीब दो बजे हरीश किसी को सूचना दिए बगैर भारतोली के पास रोलिया कांठा चिल्ल घोल नामक चट्टान में शिलाजीत निकालने के लिए गया। प्रधान का कहना है कि 20 साल पहले गांव की महिलाएं इस पहाड़ी से शिलाजीत निकाला करती थी, तब से कोई इस पहाड़ी पर नहीं गया। ऐसे में हरीश वहां कैसे पहुंचा, यह भी बड़ा सवाल है। प्रधान ने बताया कि हरीश ने अपने मोबाइल से ग्रामीणों को पहाड़ी पर फंसने की जानकारी दी। इसके बाद ही ग्रामीणों ने पुलिस और आपदा टीम को घटना की जानकारी दी।
विज्ञापन
फंसे युवक को बचाने के लिए चंपावत से एडीएम हेमंत वर्मा, जिला आपदा नियंत्रण अधिकारी मनोज पांडेय के अलावा पुलिस व फायर ब्रिगेड की टीम मौके को रवाना हुई। रेस्क्यू टीम राहत में जुटी है। अलबता खबर लिखे जाने तक युवक को निकाला नहीं जा सका था।