उत्तराखंड : महिलाएं संगठन बनाकर बुझा रहीं हैं जंगलों में लगी आग, वन विभाग ने भी सराहा
महिलाएं न केवल वनों में लगी आग बुझाने में सहयोग कर रही हैं, बल्कि लोगों को जागरूक करने में भी वन विभाग का पूरा साथ दे रही हैं।
विस्तार
चंपावत जिले में जंगलों की आग को बुझाने के लिए अब वन विभाग को महिला शक्ति का भी साथ मिल रहा है। चंपावत वन प्रभाग के काली कुमाऊं रेंज के पश्चिमी छीड़ा बीट के तड़ाग और मिरतोली गांव की महिलाओं ने वनों को आग से बचाने के लिए अपना एक संगठन तैयार किया है।
उत्तराखंड : कोटद्वार में देर रात कॉलेज तक पहुंची जंगलों की आग, खाक हुए चार कमरे, तस्वीरें
महिलाएं न केवल वनों में लगी आग बुझाने में सहयोग कर रही हैं, बल्कि लोगों को जागरूक करने में भी वन विभाग का पूरा साथ दे रहीं हैं। बीते दिनों में वन पंचायत में बने रास्तों में पिरुल की सफाई हो या फिर आग लगने पर कंट्रोल करने के लिए फायर लाइन बनाने का काम हो, ये महिलाएं हर जगह वन विभाग को सहयोग कर रहीं हैं।
राज्य में हो रही वनाग्नि की घटनाओं को लेकर भी इन महिलाओं की चिंता गहरी है। महिलाओं का कहना है कि जिस तरह से इस बार आग लग रही है, इससे उनके चारागाह वाली जगहें खत्म हो जाएंगी, प्राकृतिक धारे-नौले सूख जाएंगे। इससे गांव के जानवर भूखे मर जाएंगे, इसके लिए सभी ग्रामीणों को आगे आना चाहिए।
वन विभाग ने सराहा महिला संगठन की पहल को
वन विभाग ने भी इन महिलाओं के काम को सराहा है। वन विभाग के एसडीओ मनोहर सिंह सेमिया ने महिलाओं के कार्य की सराहना करते हुए कहा कि महिलाएं अक्सर जंगल में घास काटने ओर सूखी लकड़ी उठाने आती हैं।
महिलाओं की जागरूकता से न केवल अराजक तत्वों पर नकेल कसेगी, बल्कि जंगलों में लगने वाली आग में भी कमी आएगी। वन बीट अधिकारी गिरीश जोशी ने बताया कि तड़ाग, कालाकोट, पम्दा, मिरतोली में जंगलों में लगी आग की सूचना वन विभाग को महिलाओं ने ही दी थी तथा महिलाओं ने आग बुझाने में वन विभाग का पूरा सहयोग भी किया।
ये महिलाएं कर रही हैं आग बुझाने में सहयोग
वनों में आग बुझाने वाले महिला संगठन में मुन्नी देवी, हेमा देवी, गंगा देवी, कमला देवी, गीता देवी, नरी देवी, बच्ची देवी, भागीरथी देवी, गोपी देवी और लक्ष्मी देवी आदि महिलाएं शामिल हैं।