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बारह साल से बिना गर्भ के दूध दे रही हैं गौमाता
सतीश जोशी ‘सत्तू’/अमर उजाला, चंपावत
Updated Fri, 23 Oct 2015 10:24 PM IST
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इसे कुदरत का करिश्मा ही कहा जाएगा कि चंपावत जिले में एक गाय बीते बारह सालों से बिना गर्भ धारण किए अनवरत दूध दे रही है। पशु विज्ञानियों और चिकित्सकों के लिए भले ही गाय का इस तरह दूध देना चुनौती बन रहा हो, लेकिन इस ‘कामधेनु’ रूपी गाय को पाकर पशुपालक परिवार बेहद गदगद है।
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चंपावत जिले के टनकपुर तहसील के खेतखेड़ा ग्राम निवासी सामाजिक कार्यकर्ता मदन सिंह महर के गौशाला में बंधी यह गाय अन्य लोगों के लिए भी कौतूहल का विषय बनी हुई है। आसपास के गांवों में भी इस अनूठी गाय को लेकर काफी चर्चाएं हैं। मदन सिंह महर बताते हैं कि वर्ष 2003 में यह गाय चंपावत के मेलाकोट निवासी त्रिलोक सिंह तड़ागी उन्हें दी थी। वह इस गाय को चंपावत से टनकपुर लाए। उस समय गाय का एक बछड़ा भी साथ था, जो टनकपुर पहुंचने के कुछ ही दिनों बाद मर गया।
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उसके बाद से अब तक यह गाय बिना गर्भ धारण किए लगातार दूध दे रही है। गाय एक समय में तीन से चार किलोग्राम तक दूध देती है। वह बताते हैं कि गाय का दूध भैंस के दूध के समान गाढ़ा होने के साथ ही उससे कहीं अधिक स्वादिष्ट होता है।
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पूर्व में भी प्रकाश में आए हैं ऐसे मामले
आजीविका सहयोग परियोजना के पशुचिकित्सक डा.अमित कुमार सिंह का कहना है कि सामान्य परिस्थितियों में गाय का बिना गर्भ धारण किए लगातार दूध देना संभव नहीं है, लेकिन लोहाघाट क्षेत्र में पूर्व में इस तरह के एक दो मामले प्रकाश में आ चुके हैं, जहां गायें बिना गर्भधारण किए ही दूध दे रही थी, जिनकी जांच करने पर पाया गया कि पशुपालकों की ओर से किट लगाए जाने के कारण ऐसा संभव हो सका। इस मामले में गाय की जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।