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पर्यटकों से गुलजार होंगे उजड़े और वीरान हो चुके गांव
सतीश जोशी ‘सत्तू’/अमर उजाला, चंपावत
Updated Wed, 16 Sep 2015 10:27 PM IST
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पर्वतीय अंचलों में आबादी के हिसाब से उजड़े गांव और उनके वीरान आवास फिर से गुलजार हो सकेंगे। ऐसा संभव होगा राज्य सरकार की ओर से संचालित की जा रही उत्तराखंड ग्रामीण पर्यटन उत्थान योजना से। योजना के तहत गांवों के वीरान मकानों के पुराने स्वरूप को यथावत रखते हुए उनकी मरम्मत कर उनमें पर्यटकों को ठहराया जाएगा। योजना में चयनित लाभार्थी को वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना की तर्ज पर बैंक कर्ज और अनुदान की सुविधा भी दी जाएगी, जो अधिकतम 15 लाख रुपये तक होगी।
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जिला पर्यटन विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह ऐरी ने बताया कि राज्य का अधिकांश हिस्सा पर्वतीय और ग्रामीण क्षेत्रों में रहता है, जहां की विषम भौगोलिक परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए बड़े उद्योगों को स्थापित किया जाना कठिन कार्य है। इसलिए पर्यटन प्रदेश की अवधारणा को साकार करने के लिए पर्यटन संभावनाओं से भरपूर ग्रामों का चिन्हिकरण किया जा रहा है। गांवों के बेरोजगार व्यक्तियों को पर्यटन गतिविधियों से जोड़ने पर गांवों से पलायन भी रुकेगा। गांवों में रोजगार सृजन के लिए ग्रामीण पर्यटन विकास की अवधारणा, राज्य में देसी और विदेशी पर्यटकों को अधिक से अधिक संख्या में आकर्षित करने के उद्देश्य से पर्यटन ग्रामों का विकास किया जा रहा है।
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पर्यटकों के खान-पान की भी होगी व्यवस्था
योजना के तहत चयनित लाभार्थी की ओर से निजी भवनों पर पर्यटकों को बुनियादी सुविधाओं के साथ ही खान-पान की व्यवस्था भी उपलब्ध करानी होगी। आवास में कम से कम दो अतिरिक्त दो शैय्यायुक्त आवासीय कक्ष निर्मित किया जाना आवश्यक है, जिसमें शौचालय, स्नानागार, समुचित प्रकाश व्यवस्था, पानी की उचित सुविधा होना जरूरी होगा।
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पहले चरण में चुने गए हैं तीन समूह, 10 गांव
डीएम दीपेंद्र कुमार चौधरी ने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से पहले चरण में तीन ग्राम समूहों के साथ ही 10 गांवों का चयन किया गया है, जिसमें चंपावत ब्लाक के डुंगरासेठी, पवेत हिंग्लादेवी, जौल, लोहाघाट ब्लाक में कलीगांव, किमतोली, मंगोली, पंचेश्वर, फोर्ती, पाटी विकासखंड में रीठासाहिब, देवीधुरा शामिल हैं। ग्राम समूह में बाराकोट ब्लाक के चाख, छंदा, रेगडू, खकोड़ा, मरोड़ाखान, बापरू, लोहाघाट के बसकुनी, नेवलटुकरी, धौनीशिलिंग, जाख, जिंडी, सिरकोट, चमदेवी और चंपावत ब्लाक के राकड़ी फुलारा, दूधपोखरा, सिंलिंगटाक, मुडियानी शामिल हैं।
यहां किए जा सकते हैं आवेदन
योजना का लाभ पाने के लिए जिला पर्यटन विकास अधिकारी कार्यालय के अलावा विभाग के रानीखेत, कौसानी, काठगोदाम, मसूरी, कोटद्वार, जोशीमठ, ऋषिकेश एवं श्रीनगर स्थित स्वागत केंद्रों में आवेदन पत्र जमा कराए जा सकते हैं। इसके अलावा पर्यटन विकास परिषद की बेबसाइट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट यूटीटीएआरएकेएचएएनडीटीओयूआरआईएसएम डॉट जीओवी डॉट इन से डाउनलोड कर भी आवेदन किए जा सकते हैं।