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Champawat News: घर पर ताला लगा कब तक आठ किमी दूर जाएंगे वोट देने

Tue, 20 Feb 2024 10:08 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत Updated Tue, 20 Feb 2024 10:08 PM IST
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When the house is locked, how long will it take to go eight kilometers away to vote?
बंगापानी (पिथौरागढ़)। तहसील के ग्राम सभा माणी धामी और ग्रामसभा आलम दारमा के तोक आलम के ग्रामीणों को वोट देने के लिए छह से आठ किमी दूर पैदल दारमा जाना पड़ता है। सड़क विहीन होने के साथ पैदल रास्ता भी सही नहीं है। गांव तक सड़क सुविधा नहीं होने से ग्रामीणों में रोष है। ऐसे में उनका कहना है कि चुनाव के समय वोट देने के नाम पर उन्हें झूठे आश्वासन दिए जाते हैं। आखिर घर में ताला लगाकर कब तक इतनी दूर वोट देने जाएंगे।
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सड़क नहीं होने से ग्रामीण व्यथित हैं। बुजुर्ग तो चट्टान और गधेरों में चल नहीं सकते हैं। ग्रामीणों ने आजीविका के लिए गाय-भैंस पाल रखे हैं। इनको छोड़कर जाना भी मुश्किल है। खेत-खलिहानों में बंदरों की दहशत है। आर्थिक रूप से संपन्न लोग तो गांव छोड़कर चले गए हैं। अब गरीब तबके के लोगों का ही गांव में बसेरा है। ग्रामीणों का कहना है आगामी लोकसभा चुनाव में वोट नहीं दे सकेंगे। उनका कहना है कि घर में ताला लगाकर कैसे इतनी दूर वोट देने जाएंगे। आने जाने में ही पूरा दिन लग जाता है।
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बाक्स
सैनिक बहुल है माणी धामी गांव
बंगापानी। माणी-धामी सैनिक बहुल गांव है। गांव से एक दर्जन से अधिक भूतपूर्व सैनिक हैं। उनका कहना है कि कब तक हम सड़क विहीन गांव में रहकर वोट देने पैदल इतनी दूर कैसे जाएंगे।
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नौ स्वतंत्रता सेनानियों का गांव है आलम
बंगापानी। गांव के नौ स्वतंत्रता सेनानियों ने देश की आजादी में अपना योगदान दिया। आज उनकी अनदेखी हो रही है। सड़क तो दूर इसके लिए सर्वे तक नहीं हुआ है। ग्रामीणों का है कि हम वोट देने क्यों जायेंगे। कम से कम पैदल मार्ग तो अच्छा होता।

कोट:
जब तक ड्यूटी में था तो पोस्टल बैलेट से ही वोट दिया। आज पेंशन आने के बाद भी वोट देने छह किमी पैदल चलना है। तकलीफ के चलते चल नहीं सकता। वोट देने की तो दिली तमन्ना है पर वहां तक कैसे जा पाऊंगा। - तेज सिंह मेहरा, पूर्व आनरेरी कैप्टन, माणी धामी।
कोट:
14 नवंबर 2021 को जौलजीबी मेले में मुख्यमंत्री धामी ने बंगापानी से माणी धामी तक आठ किमी सड़क की घोषणा की थी। आज तक दूर सर्वे तक नहीं हुआ है। मधुमेह और दिल का मरीज हूं, पैदल कैसे जाऊं। - जसपाल सिंह मेहरा, पूर्व सूबेदार, माणी-धामी।

कोट:
हमारे तोक आलम में आज तक कहीं से भी सड़क के लिए सर्वे तक नहीं हो पाई है। वोट के नाम पर आज तक राजनीतिक दल हों या प्रशासन केवल कोरे आश्वासन ही मिलते आए हैं। - रुक्मिणी देवी, पूर्व प्रधान, आलम दारमा।
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