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Champawat News: सरकारी खरीद केंद्रों पर नहीं पहुंचा गेहूं

Wed, 24 Apr 2024 11:52 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत Updated Wed, 24 Apr 2024 11:52 PM IST
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Wheat did not reach government procurement centers
बनबसा (चंपावत)। बनबसा-टनकपुर में गेहूं खरीद केंद्र खुले तीस सप्ताह से अधिक बीत गया है। दोनों केंद्रों पर गेहूं की खरीद नहीं हो पाई है। इसका प्रमुख कारण बाजार में सरकारी मूल्य से अधिक मूल्य मिलना बताया जा रहा है।
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बनबसा में फागपुर और टनकपुर मंडी समिति में एक अप्रैल को गेहूं खरीद क्रय केंद्र खोल दिए गए थे। अब तक वहां किसान अपना उत्पाद लेकर नहीं पहुंचा है। क्रय विक्रय समिति सचिव मनोहर दत्त सती ने बताया कि बनबसा में तीन और टनकपुर में दो हजार क्विंटल खरीद लक्ष्य दिया गया है। अभी तक कोई किसान गेहूं लेकर केंद्र तक नहीं पहुंचा है। बताया कि इस बार गेहूं का सरकारी मूल्य 2275 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित है। बाजार में गेहूं का मूल्य 2500 रुपये है। व्यापारी किसान के घर से ही गेहूं उठा रहे हैं। इससे किसान का ढुलान खर्च बचने के साथ ही हाथोंहाथ पैसा भी मिल रहा है। संवाद
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बारिश नहीं होने से अदरक की फसल सूखी
-जिले में किया गया है 360 क्विंटल बीज का वितरण

संवाद न्यूज एजेंसी

चंपावत। बारिश नहीं होने से अदरक की फसल सूखने लगी है। जिले में विभाग ने 360 क्विंटल अदरक का बीज काश्तकारों को वितरित किया है।

जिले में बारिश नहीं होने से काश्तकार परेशान हैं। काश्तकारों ने राजस्व विभाग से क्षति का आंकलन कर मुआवजे की मांग की है। काश्तकारों का कहना है कि सीजन में अदरक की खेती की जाती है। इस बार अच्छी बारिश नहीं होने का असर अदरक की खेती पर दिखने लगा है। काश्तकार विपिन पांडेय, राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि उनकी हाल में लगाई अदरक की फसल भी आलू की तरह ही सूखती जा रही है। उन्होंने कहा कि विभाग को क्षति का आकलन कर मुआवजा देना चाहिए। अब बारिश हो भी गई तो पैदावार अच्छी नहीं होगी।
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कोट
बारिश नहीं होने से अदरक की फसल में भी इसका असर देखने को मिल रहा है। अदरक की पैदावार के लिए पर्याप्त मात्रा में बारिश की जरूरत है ताकि खेतों में नमी बनी रहे। जिले में 360 क्विंटल अदरक बीज का वितरण किया गया है। - टीएन पांडेय, जिला उद्यान अधिकारी, चंपावत।
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