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Champawat News: पैदल आवाजाही ठप, 200 वाहन फंसे
Thu, 19 Jun 2025 11:31 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Thu, 19 Jun 2025 11:31 PM IST
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टनकपुर (चंपावत)। मां पूर्णागिरि मार्ग पर बाटनागाड़ में भारी मलबा आने से सड़क दूसरे दिन भी बंद रही। बृहस्पतिवार को लोनिवि की टीम जेसीबी, पोकलेन से अवरुद्ध मार्ग से मलबा हटाने में जुटी रही। करीब एक किमी सड़क भारी बोल्डर से पटी पड़ी है।
वाहनों के साथ पैदल श्रद्धालुओं की आवाजाही रोकने से पूर्णागिरि धाम क्षेत्र में सन्नाटा पसरा रहा। धाम में निजी, टैक्सी समेत करीब 200 खाली वाहन फंसे हैं। यहां रुके श्रद्धालु दूसरे दिन भी निकलते रहे। धाम में बिजली आपूर्ति के साथ ही संचार व्यवस्था भी ठप पड़ी है। एसडीएम ने बताया कि लोनिवि ने मार्ग खोलने के लिए 21 जून तक का समय मांगा है लेकिन भारी बारिश होने पर मलबा और आ सकता है।
मंगलवार रात पहाड़ों पर भारी बारिश होने से बाटनागाड़ रपटा उफान पर आने पर पूर्णागिरि मार्ग मलबे से पट गया था। प्रशासन ने बुधवार को दो जेसीबी, एक पोकलेन लगाकर मार्ग खोलने का कार्य शुरू कराया।
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एसडीएम आकाश जोशी बताया कि करीब पांच हजार श्रद्धालुओं को रेस्क्यू किया गया है। किरौड़ा और बूम में बैरियर लगाकर बुधवार सुबह से ही पैदल श्रद्धालुओं की आवाजाही भी बंद करा दी गई थी। मात्र पूर्णागिरि मार्ग से सटे क्षेत्र के गांवों के लोग ही वाहन से और पैदल आवाजाही कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्रशासन की पहली प्राथमिकता है।
लोनिवि के एई लक्ष्मण सिंह सामंत ने बताया कि बाटनागाड़ में दो जेसीबी, दो पोकलेन मलबा हटाने के काम में लगाई गई हैं। बहरहाल, धाम में पैदल श्रद्धालुओं की आवाजाही भी ठप होने से सन्नाटा पसरा हुआ है।
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वाहनों के साथ पैदल श्रद्धालुओं की आवाजाही रोकने से पूर्णागिरि धाम क्षेत्र में सन्नाटा पसरा रहा। धाम में निजी, टैक्सी समेत करीब 200 खाली वाहन फंसे हैं। यहां रुके श्रद्धालु दूसरे दिन भी निकलते रहे। धाम में बिजली आपूर्ति के साथ ही संचार व्यवस्था भी ठप पड़ी है। एसडीएम ने बताया कि लोनिवि ने मार्ग खोलने के लिए 21 जून तक का समय मांगा है लेकिन भारी बारिश होने पर मलबा और आ सकता है।
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मंगलवार रात पहाड़ों पर भारी बारिश होने से बाटनागाड़ रपटा उफान पर आने पर पूर्णागिरि मार्ग मलबे से पट गया था। प्रशासन ने बुधवार को दो जेसीबी, एक पोकलेन लगाकर मार्ग खोलने का कार्य शुरू कराया।
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एसडीएम आकाश जोशी बताया कि करीब पांच हजार श्रद्धालुओं को रेस्क्यू किया गया है। किरौड़ा और बूम में बैरियर लगाकर बुधवार सुबह से ही पैदल श्रद्धालुओं की आवाजाही भी बंद करा दी गई थी। मात्र पूर्णागिरि मार्ग से सटे क्षेत्र के गांवों के लोग ही वाहन से और पैदल आवाजाही कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्रशासन की पहली प्राथमिकता है।
लोनिवि के एई लक्ष्मण सिंह सामंत ने बताया कि बाटनागाड़ में दो जेसीबी, दो पोकलेन मलबा हटाने के काम में लगाई गई हैं। बहरहाल, धाम में पैदल श्रद्धालुओं की आवाजाही भी ठप होने से सन्नाटा पसरा हुआ है।