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पर्यटकों को लुभा रही है पानी से लबालब भरी कोलीढेक झील
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लोहाघाट के कोलीढेक झील में भरा लबालब पानी।
- फोटो : LOHAGHAT
लोहाघाट (चंपावत)। कोलीढेक में झील का निर्माण पूरा होने के बाद क्षेत्र में हुई भारी बारिश के बाद झील पानी से लबालब भर गई है। अब झील के उद्घाटन का इंतजार है जिसके बाद यहां पर्यटन की गतिविधियां बढ़ने की उम्मीदें हैं। पानी से भरी झील को देखने के लिए लोगों का पहुंचना शुरू हो गया है।
11 नवंबर 2018 में 30.76 करोड़ रुपये की लागत से झील निर्माण का कार्य शुरू हुआ था। 15 सौ मीटर लंबी, 80 मीटर चौड़ी, 21 मीटर गहरी झील का निर्माण कार्य नवंबर 2020 में पूरा होना था। कोरोना महामारी आदि कारणों से झील के काम में कुछ देरी आई। चार साल बाद झील का कार्य पूरा कर लिया गया है। बारिश होने पर पानी से लबालब भरी झील को देखने के लिए पाटी, चंपावत, गुमदेश, बाराकोट आदि स्थानों से लोग पहुंच रहे हैं।
डूब क्षेत्र के भूमि स्वामियों को बांटा जा चुका है मुआवजा
लोहाघाट (चंपावत)। कोलीढेक झील निर्माण में करीब 986 लोगों की नाप भूमि डूब क्षेत्र में आ रही है। इसमें से अधिकांश भूमि स्वामियों को मुआवजा वितरित किया जा चुका है। डूब क्षेत्र में आने वाले करीब 800 लोगों को करीब सात करोड़ रुपये का मुआवजा वितरित किया जा चुका है जबकि शेष लोगों को मुआवजा वितरित होना है। इनमें से कई लोगों का कोई अता पता नहीं है, जबकि कुछ लोगों की भूमि हस्तांतरित नहीं हो सकी है। संवाद
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झील का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। पूर्व में जुलाई अगस्त माह में झील का उद्घाटन होना मगर किन्हीं कारणों से उद्घाटन नहीं हो सका। अब झील के उद्घाटन के लिए शासन से तिथि मिलने का इंतजार है।
- डीके सिंह, अधिशासी अभियंता, सिंचाई निर्माण खंड लोहाघाट
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11 नवंबर 2018 में 30.76 करोड़ रुपये की लागत से झील निर्माण का कार्य शुरू हुआ था। 15 सौ मीटर लंबी, 80 मीटर चौड़ी, 21 मीटर गहरी झील का निर्माण कार्य नवंबर 2020 में पूरा होना था। कोरोना महामारी आदि कारणों से झील के काम में कुछ देरी आई। चार साल बाद झील का कार्य पूरा कर लिया गया है। बारिश होने पर पानी से लबालब भरी झील को देखने के लिए पाटी, चंपावत, गुमदेश, बाराकोट आदि स्थानों से लोग पहुंच रहे हैं।
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डूब क्षेत्र के भूमि स्वामियों को बांटा जा चुका है मुआवजा
लोहाघाट (चंपावत)। कोलीढेक झील निर्माण में करीब 986 लोगों की नाप भूमि डूब क्षेत्र में आ रही है। इसमें से अधिकांश भूमि स्वामियों को मुआवजा वितरित किया जा चुका है। डूब क्षेत्र में आने वाले करीब 800 लोगों को करीब सात करोड़ रुपये का मुआवजा वितरित किया जा चुका है जबकि शेष लोगों को मुआवजा वितरित होना है। इनमें से कई लोगों का कोई अता पता नहीं है, जबकि कुछ लोगों की भूमि हस्तांतरित नहीं हो सकी है। संवाद
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झील का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। पूर्व में जुलाई अगस्त माह में झील का उद्घाटन होना मगर किन्हीं कारणों से उद्घाटन नहीं हो सका। अब झील के उद्घाटन के लिए शासन से तिथि मिलने का इंतजार है।
- डीके सिंह, अधिशासी अभियंता, सिंचाई निर्माण खंड लोहाघाट