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Champawat News: नेपाल सीमा से लगे मजपीपल में पानी का संकट

Tue, 09 Apr 2024 10:27 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत Updated Tue, 09 Apr 2024 10:27 PM IST
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Water crisis in Majpipal near Nepal border
लोहाघाट के दूरस्थ नेपाल सीमा से लगे मजपीपल में पेयजल योजना क्षतिग्रस्त हाेने से सूखा पड़ा हैंड

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लोहाघाट (चंपावत)। विकासखंड के दूरस्थ नेपाल सीमा से लगे मजपीपल के कलौटा और गुनबाड़ा तोक में गंभीर पेयजल संकट बना हुआ है। पेयजल योजना क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीण नौलों, गधेरों से पानी ढोने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने जल्द क्षतिग्रस्त पेयजल योजना को ठीक न करने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।

कलौटा तोक के धर्म सिंह बोहरा, लाल सिंह, जोगा सिंह, राकेश सिंह, बसंती देवी, उमेदी देवी, गणेश राम, नारायण सिंह आदि ने बताया कि भैरकोटा तोक के पास मुख्य पेयजल टैंक से गांव में पानी की सप्लाई होती है। योजना को बने करीब 30 साल हो गए हैं। तब से जल संस्थान ने पाइप लाइन को नहीं बदला है जिस कारण पाइप लाइन कई जगह क्षतिग्रस्त हो गई है।
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इस कारण उनके तोक में करीब एक महीने से पानी बहुत कम मात्रा में आ रहा है। मजबूरी में लोगों को नौले, धारों और गधेरों से पानी ढोना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अगर जल्द ही पानी की समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आचार संहिता की समाप्ति के बाद उग्र आंदोलन किया जाएगा। इधर जल संस्थान के सहायक अभियंता पवन बिष्ट ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। जल्द ही समस्या का समाधान कर दिया जाएगा। संवाद
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कोट
मजपीपल के गुनबाड़ा तोक की पेयजल पोस्ट में तो करीब दो साल से पानी की आपूर्ति ठप है। इससे भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गर्मी बढ़ने के साथ पेयजल संकट काफी गहरा गया है। कई बार जल संस्थान से कहने के बाद भी उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। - जोगा सिंह, ग्रामीण।

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गांव में करीब 30 साल पूर्व जल संस्थान की ओर से पेयजल योजना बनाई गई थी। वर्तमान में इसके पाइप जीर्णशीर्ण हालत में है। योजना के पाइप कई जगह क्षतिग्रस्त भी हो गए हैं। योजना की पाइप लाइन बदलने की कई बार मांग उठाई जा चुकी है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। - सोबन सिंह, ग्रामीण।

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