फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   Wages being paid to children on the perennial road

बारहमासी सड़क पर बच्चों से कराई जा रही है मजदूरी

Thu, 07 Jun 2018 11:07 PM IST
अमर उजाला ब्यूराे चंपावत।
अमर उजाला ब्यूराे चंपावत। Updated Thu, 07 Jun 2018 11:07 PM IST
विज्ञापन
Wages being paid to children on the perennial road
बारहमासी सड़क में बाल मजदूरों से कराई जा रही है मजदूरी - फोटो : अमर उजाला

जिले में टनकपुर-पिथौरागढ़ के बीच निर्माणाधीन बारहमासी सड़क निर्माण में बाल मजदूरों का सहारा लिया जा रहा है। सड़क के चौड़ीकरण और कटिंग कार्य में लगी निर्माणदायी कंपनियों की ओर से छोटे-छोटे बच्चों से मजदूरी कराई जा रही है। इसकी जानकारी राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण खंड के अधिकारियों को नहीं है।

विज्ञापन


बारहमासी सड़क निर्माण में लगी शिवालया कंपनी की ओर से नियमों को ताक पर रख कर निर्माण कार्य करवाया जा रहा है। कंपनी के प्रतिनिधियों की ओर से अधिक मुनाफा कमाने के लिए नेपाली मूल के बाल मजदूरों को मलबा हटाने तथा पत्थर उठाने के कार्य में लगाया गया है। बारहमासी सड़क पर चंपावत से लोहाघाट के बीच और  बनलेख से सूखीढांग के बीच दर्जनों बाल मजदूर इन दिनों निर्माण कार्य में लगाए गए हैं। स्थानीय मजदूरों की अपेक्षा बच्चों को कम मजदूरी में काम पर रखा गया है। छोटे-छोटे बच्चों को बिना किसी खास सुरक्षा उपकरणों के चट्टानों से मलबा हटाने और पत्थर उठाने के जोखिम भरे कार्य में लगाया गया है।
विज्ञापन


बताते चलें कि एक पखवाड़े पूर्व कुमाऊं कमिश्नर के निरीक्षण में भी बारहमासी सड़क निर्माण में कई खामियां पाई गई थी। जिन्हें तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन खामियों को ठीक किया जाना तो दूर निर्माणदायी कंपनियों की ओर से नियमों को ताक में रखकर बाल मजदूरी तक कराई जा रही है। राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता एलडी मथेला के अनुसार उन्हें निर्माण कार्य में बाल मजदूरों को लगाए जाने की जानकारी नहीं है। यदि ऐसा है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


श्रम विभाग और एसडीएम को दिए जांच के दिए आदेश
चंपावत। बारहमासी सड़क निर्माण में बाल मजदूरों को लगाए जाने के मामले का डीएम डॉ.अहमद इकबाल ने संज्ञान लेते हुए श्रम प्रवर्तन अधिकारी और एसडीएम सदर को जांच के निर्देश दिए है। डीएम का कहना है कि छोटे बच्चों से मजदूरी कराए जाना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद संबंधित के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed