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जिला योजना के बजट से अधिक है शराब का राजस्व
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, चंपावत।
Updated Fri, 23 Feb 2018 10:29 PM IST
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कम आबादी वाले चंपावत जिले में शराब और शराबियों से खूब धन बरस रहा है। विकास के लिए जिला योजना मद में जनवरी तक जितनी रकम मिली है, उससे करीब 37 प्रतिशत अधिक राजस्व शराब से प्राप्त हो चुका है। आबकारी विभाग का मौजूदा वित्त वर्ष का 40 करोड़ का लक्ष्य दो माह पहले ही हासिल हो चुका है।
चंपावत जिले की 2017-18 की जिला प्लान की रकम 40.97 करोड़ रुपये है, लेकिन जनवरी तक महज 29.18 करोड़ रुपये ही शासन से अवमुक्त हुआ है। वहीं शराब से मौजूदा वित्त वर्ष के पहले दस माह में 40 करोड़ रुपये का राजस्व मिल चुका है। जबकि पिछले साल इसी अवधि (अप्रैल 2016 से जनवरी 2017 तक) में 33 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। जिला आबकारी अधिकारी आरएल साह ने बताया कि शराब से मौजूदा वित्त वर्ष के लिए 40 करोड़ रुपये का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, ये रकम जनवरी तक प्राप्त हो चुकी है। विभाग को शेष दो महीनों में करीब पांच करोड़ का राजस्व और मिलने की उम्मीद है। यानी कि शराब से सरकार को मिलने वाली आय विकास के लिए जिला योजना से प्राप्त होने वाले धन से करीब पांच करोड़ रुपये ज्यादा है।
महज 2.65 लाख आबादी वाले जिले में नौ हजार बोतलों से ज्यादा की औसतन रोजाना खपत है। साल भर में 150 करोड़ रुपये से अधिक की शराब की बिक्री होती है लेकिन सरकारी खजाने को भरने वाले इस महकमे के खुद के हाल खस्ता हैं। जितना स्टाफ पुलिस के एक थाने में होता है, उससे भी कम कर्मी आबकारी विभाग में हैं। उसमें भी ज्यादातर पद रिक्त हैं। कुल 18 पदों में से 6 पद खाली हैं। ऊधमसिंह नगर, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा और नैनीताल जिलों के अलावा नेपाल सीमा से लगे चंपावत जिले के आबकारी विभाग की बागडोर ढीलीढाली है। विभाग में तीन के बजाय मात्र एक निरीक्षक से काम चल रहा है। ये हालात शराब के अवैध कारोबार पर लगाम कसने पर तो असर डाल ही रहा है, साथ ही रोजमर्रा के काम को भी प्रभावित करता है।
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चार मिश्रित दुकानों से अलग होंगी अंग्रेजी शराब की दुकानें
चंपावत जिले में अगले वित्त वर्ष में शराब की चार नई दुकानें खुलेंगी। जिला आबकारी अधिकारी आरएल साह ने बताया कि जिले की चार मिश्रित (देशी और विदेशी शराब की बिक्री वाली दुकानें) दुकानों को अलग-अलग किया जाएगा। इस वक्त बाराकोट, पुलहिंडोला, पाटी और भिंगराड़ा की शराब की दुकानों में देशी व विदेशी दोनों तरह की शराब बिकती है लेकिन नए वित्त वर्ष से इन स्थानों में अंग्रेजी की दुकान अलग खोली जाएगी। देशी शराब की दुकान मौजूदा स्थान पर ही रहेंगी। इन दुकानों के खुलने के बाद जिले में शराब की दुकानों की संख्या बढ़कर 18 हो जाएगी।
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चंपावत जिले की 2017-18 की जिला प्लान की रकम 40.97 करोड़ रुपये है, लेकिन जनवरी तक महज 29.18 करोड़ रुपये ही शासन से अवमुक्त हुआ है। वहीं शराब से मौजूदा वित्त वर्ष के पहले दस माह में 40 करोड़ रुपये का राजस्व मिल चुका है। जबकि पिछले साल इसी अवधि (अप्रैल 2016 से जनवरी 2017 तक) में 33 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। जिला आबकारी अधिकारी आरएल साह ने बताया कि शराब से मौजूदा वित्त वर्ष के लिए 40 करोड़ रुपये का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, ये रकम जनवरी तक प्राप्त हो चुकी है। विभाग को शेष दो महीनों में करीब पांच करोड़ का राजस्व और मिलने की उम्मीद है। यानी कि शराब से सरकार को मिलने वाली आय विकास के लिए जिला योजना से प्राप्त होने वाले धन से करीब पांच करोड़ रुपये ज्यादा है।
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महज 2.65 लाख आबादी वाले जिले में नौ हजार बोतलों से ज्यादा की औसतन रोजाना खपत है। साल भर में 150 करोड़ रुपये से अधिक की शराब की बिक्री होती है लेकिन सरकारी खजाने को भरने वाले इस महकमे के खुद के हाल खस्ता हैं। जितना स्टाफ पुलिस के एक थाने में होता है, उससे भी कम कर्मी आबकारी विभाग में हैं। उसमें भी ज्यादातर पद रिक्त हैं। कुल 18 पदों में से 6 पद खाली हैं। ऊधमसिंह नगर, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा और नैनीताल जिलों के अलावा नेपाल सीमा से लगे चंपावत जिले के आबकारी विभाग की बागडोर ढीलीढाली है। विभाग में तीन के बजाय मात्र एक निरीक्षक से काम चल रहा है। ये हालात शराब के अवैध कारोबार पर लगाम कसने पर तो असर डाल ही रहा है, साथ ही रोजमर्रा के काम को भी प्रभावित करता है।
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चार मिश्रित दुकानों से अलग होंगी अंग्रेजी शराब की दुकानें
चंपावत जिले में अगले वित्त वर्ष में शराब की चार नई दुकानें खुलेंगी। जिला आबकारी अधिकारी आरएल साह ने बताया कि जिले की चार मिश्रित (देशी और विदेशी शराब की बिक्री वाली दुकानें) दुकानों को अलग-अलग किया जाएगा। इस वक्त बाराकोट, पुलहिंडोला, पाटी और भिंगराड़ा की शराब की दुकानों में देशी व विदेशी दोनों तरह की शराब बिकती है लेकिन नए वित्त वर्ष से इन स्थानों में अंग्रेजी की दुकान अलग खोली जाएगी। देशी शराब की दुकान मौजूदा स्थान पर ही रहेंगी। इन दुकानों के खुलने के बाद जिले में शराब की दुकानों की संख्या बढ़कर 18 हो जाएगी।