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खिरद्वारी के शतायु वनरावत दान सिंह का निधन
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चंपावत जिले के एकमात्र आदिम गांव खिरद्वारी की बसावट करने वाले दान सिंह (फाइल फोटो)
- फोटो : CHAMPAWAT
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जिले के अकेले आदिम जाति वनरावत गांव खिरद्वारी के 104 साल के दान सिंह का निधन हो गया। वे धारचूला से दो बार विधायक रह चुके गगन सिंह रावत के मामा भी थे। जिले के इस सबसे बुजुर्ग शख्स को चंपावत से 51 किमी दूर खिरद्वारी गांव को बसाने का श्रेय है। मंगलवार को उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। उनके दोनों बेटों की पहली ही मौत होने से उनके परिवार में बहू और पौत्र हैं। गांव तक सड़क पहुंचाने के साथ बिजली की उनकी हसरत पूरी नहीं हो सकी।
क्षेत्र की निवर्तमान ग्राम प्रधान लक्ष्मी देवी बताती हैं कि 1948 में पिथौरागढ़ जिले की डीडीहाट तहसील के वनरावत गांव से वे अपने पिता के साथ खिरद्वारी गांव में आने वाले पहले व्यक्ति थे। 1952 के पहले आम चुनाव से अब तक 31 बार वोट देने वाले दान सिंह को जनवरी 2019 में चौथी बार शतायु मतदाता के रूप में निर्वाचन विभाग ने सम्मानित किया।
चंपावत विकासखंड के पोथ ग्राम पंचायत का आदिम जाति बाहुल्य गांव खिरद्वारी अभी भी रोड से कटा है। चल्थी से खिरद्वारी पहुंचने के लिए 12 किलोमीटर पैदल दूरी तय करनी पड़ती है।
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क्षेत्र की निवर्तमान ग्राम प्रधान लक्ष्मी देवी बताती हैं कि 1948 में पिथौरागढ़ जिले की डीडीहाट तहसील के वनरावत गांव से वे अपने पिता के साथ खिरद्वारी गांव में आने वाले पहले व्यक्ति थे। 1952 के पहले आम चुनाव से अब तक 31 बार वोट देने वाले दान सिंह को जनवरी 2019 में चौथी बार शतायु मतदाता के रूप में निर्वाचन विभाग ने सम्मानित किया।
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चंपावत विकासखंड के पोथ ग्राम पंचायत का आदिम जाति बाहुल्य गांव खिरद्वारी अभी भी रोड से कटा है। चल्थी से खिरद्वारी पहुंचने के लिए 12 किलोमीटर पैदल दूरी तय करनी पड़ती है।
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