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रिश्वत लेते अनुसेवक का विडियो वायरल, हड़कंप
अमर उजाला ब्यूरो टनकपुर (चंपावत )
Updated Mon, 03 Jul 2017 10:47 PM IST
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श्रम विभाग में अभिलेखों का निरीक्षण कर कर्मचारियों से पूछताछ करते एसडीएम
- फोटो : अमर उजाला
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श्रम विभाग के अनुसेवक का रिश्वत लेते विडियो वायरल होने सेे विभाग में हड़कंप मचा है। विडियो क्षेत्रीय विधायक कैलाश गहतोड़ी तक पहुंचा तो उन्होंने मामले को गंभीरता से लिया। विधायक के निर्देश पर एसडीएम अनिल चन्याल ने श्रम विभाग के कार्यालय में छापा मार तो वहां अधिकारी और कर्मचारी नदारद मिले। एसडीएम ने उपस्थिति पंजिका में टिप्पणी लिखकर मामले से डीएम को अवगत कराया है। एसडीएम ने कहा कि मामले की जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
वायरल हुए विडियो में श्रम विभाग का अनुसेवक गैंड़ाखाली निवासी राजेंद्र सिंह बोहरा से छात्रवृत्ति की फाइल मंजूर करानेे के लिए 1500 रुपये लेते दिखाई दे रहा है। यह विडियो सोमवार को विधायक तक पहुंचा तो उन्होंने मामले को गंभीर से लेते हुए एसडीएम को कार्रवाई के निर्देश दिए। विधायक के निर्देश पर एसडीएम ने श्रम विभाग के कार्यालय में छापा मारा तो वहां सिर्फ एक अनुसेवक ही मिला। कार्यालय का निरीक्षण करने पर वहां श्रमिकों के बच्चों की छात्रवृत्ति की फाइलों का ढेर मिला। बताया कि गया कि इन फाइलों के अपूर्ण होने की बात कहकर ही आरोपी अनुसेवक द्वारा लोगों से वसूली की जा रही थी। पूछताछ में आरोपी अनुसेवक ने एसडीएम को बताया कि वसूले जाने वाले रुपये पूरे स्टाफ में बंटते हैं। विभाग का बाबू सप्ताह में दो दिन कार्यालय आता है। एसडीएम ने बताया कि मामले से डीएम को अवगत कराया गया है। जांच के बाद मामला सही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वायरल हुए विडियो में श्रम विभाग का अनुसेवक गैंड़ाखाली निवासी राजेंद्र सिंह बोहरा से छात्रवृत्ति की फाइल मंजूर करानेे के लिए 1500 रुपये लेते दिखाई दे रहा है। यह विडियो सोमवार को विधायक तक पहुंचा तो उन्होंने मामले को गंभीर से लेते हुए एसडीएम को कार्रवाई के निर्देश दिए। विधायक के निर्देश पर एसडीएम ने श्रम विभाग के कार्यालय में छापा मारा तो वहां सिर्फ एक अनुसेवक ही मिला। कार्यालय का निरीक्षण करने पर वहां श्रमिकों के बच्चों की छात्रवृत्ति की फाइलों का ढेर मिला। बताया कि गया कि इन फाइलों के अपूर्ण होने की बात कहकर ही आरोपी अनुसेवक द्वारा लोगों से वसूली की जा रही थी। पूछताछ में आरोपी अनुसेवक ने एसडीएम को बताया कि वसूले जाने वाले रुपये पूरे स्टाफ में बंटते हैं। विभाग का बाबू सप्ताह में दो दिन कार्यालय आता है। एसडीएम ने बताया कि मामले से डीएम को अवगत कराया गया है। जांच के बाद मामला सही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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