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जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड का काम ठप
अमर उजाला ब्यूराे पिथौरागढ़।
Updated Sun, 08 Apr 2018 10:59 PM IST
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पिथौरागढ़ जिला अस्पताल।
- फोटो : अमर उजाला
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जिले के प्रमुख सरकारी अस्पताल में अल्ट्रासाउंड का काम ठप पड़ा हुआ है। इसके साथ ही अल्ट्रासाउंड मशीन शोपीस बन गई है। रोगियों को अल्ट्रासाउंड के लिए निजी सेंटरों की शरण लेनी पड़ रही है। निजी सेंटरों की फीस से रोगियों की जेब भी ढीली हो रही है।
जिला अस्पताल में रोजाना औसतन 80 मरीजों का अल्ट्रासाउंड किया जाता है। जबकि अस्पताल में रोजाना एक हजार मरीजों की आमद होती है। पिथौरागढ़ जिला ही नहीं अस्पताल मेें चंपावत, बागेश्वर के मरीज तक आते हैं। यहां तैनात एकमात्र रेडियोलॉजिस्ट डॉ. एनएस गुुंजियाल गंभीर रोग के चलते मेडिकल लीव पर हैं। इसके चलते अस्पताल में अल्ट्रासाउंड का काम ठप हो गया है। रोजाना दर्जनों मरीज अस्पताल से वापस लौट रहे हैं। मरीजों को निजी अल्ट्रासाउंड सेंटरों और अस्पतालों की शरण लेनी पड़ रही है। ज्यादा फीस के चलते कई रोगी अल्ट्रासाउंड नहीं करा पा रहे हैं। इससे उन्हें इलाज नहीं मिल पा रहा है।
एक और डॉक्टर घटा
जिला अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ दीपक कन्याल को बागेश्वर ट्रॉमा सेंटर से अटैच किया गया है। इससे अस्पताल में प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक के रूप में अब एक ही हड्डी रोग चिकित्सक रह गया है। इसके साथ ही अस्पताल में तैनात चिकित्सकों की संख्या घटकर 20 रह गई है। चिकित्सकों के सात पद रिक्त हो गए हैं।
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तीन चिकित्सक छुट्टी पर
जिला अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ विजय जोशी, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ आरपीएस नेगी और वरिष्ठ दंत शल्यक डॉ सारिका छुट्टी पर हैं। इससे ओपीडी का काम प्रभावित हो रहा है। रोगियों को इलाज के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। बारी न आने से कई रोगियों को ओपीडी से बैरंग लौटना पड़ रहा है।
कोट
रेडियोलॉजिस्ट के मेडिकल लीव पर होने के चलते अल्ट्रासाउंड नहीं हो पा रहा है। मुख्यालय को वस्तुस्थिति से अवगत करा दिया है। इस पद पर चंपावत से जल्द चिकित्सक की तैनाती की जाएगी।
डॉ. एचएस खड़ायत, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक, जिला अस्पताल
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जिला अस्पताल में रोजाना औसतन 80 मरीजों का अल्ट्रासाउंड किया जाता है। जबकि अस्पताल में रोजाना एक हजार मरीजों की आमद होती है। पिथौरागढ़ जिला ही नहीं अस्पताल मेें चंपावत, बागेश्वर के मरीज तक आते हैं। यहां तैनात एकमात्र रेडियोलॉजिस्ट डॉ. एनएस गुुंजियाल गंभीर रोग के चलते मेडिकल लीव पर हैं। इसके चलते अस्पताल में अल्ट्रासाउंड का काम ठप हो गया है। रोजाना दर्जनों मरीज अस्पताल से वापस लौट रहे हैं। मरीजों को निजी अल्ट्रासाउंड सेंटरों और अस्पतालों की शरण लेनी पड़ रही है। ज्यादा फीस के चलते कई रोगी अल्ट्रासाउंड नहीं करा पा रहे हैं। इससे उन्हें इलाज नहीं मिल पा रहा है।
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एक और डॉक्टर घटा
जिला अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ दीपक कन्याल को बागेश्वर ट्रॉमा सेंटर से अटैच किया गया है। इससे अस्पताल में प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक के रूप में अब एक ही हड्डी रोग चिकित्सक रह गया है। इसके साथ ही अस्पताल में तैनात चिकित्सकों की संख्या घटकर 20 रह गई है। चिकित्सकों के सात पद रिक्त हो गए हैं।
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तीन चिकित्सक छुट्टी पर
जिला अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ विजय जोशी, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ आरपीएस नेगी और वरिष्ठ दंत शल्यक डॉ सारिका छुट्टी पर हैं। इससे ओपीडी का काम प्रभावित हो रहा है। रोगियों को इलाज के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। बारी न आने से कई रोगियों को ओपीडी से बैरंग लौटना पड़ रहा है।
कोट
रेडियोलॉजिस्ट के मेडिकल लीव पर होने के चलते अल्ट्रासाउंड नहीं हो पा रहा है। मुख्यालय को वस्तुस्थिति से अवगत करा दिया है। इस पद पर चंपावत से जल्द चिकित्सक की तैनाती की जाएगी।
डॉ. एचएस खड़ायत, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक, जिला अस्पताल