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किरौड़ा नाले में अचानक आ गया उफान: टापू पर फंसे दो लोग बचाए, नाले के बीच खड़े होकर खिंचवा रहे थे फोटो

Mon, 23 Jun 2025 11:54 AM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, टनकपुर
अमर उजाला नेटवर्क, टनकपुर Published by: हीरा मेहरा Updated Mon, 23 Jun 2025 11:54 AM IST
सार

किरौड़ा नाले के उफान में खटीमा से घूमने आए बाइक सवारों के फंसे होने की सूचना से प्रशासन में खलबली मच गई। इस बीच एक बाइक सवार और एक मानसिक रूप से कमजोर एक व्यक्ति नाले के बीच में फंसे गए। एसडीआरएफ ने मौके में पहुंचकर बमुश्किल दोनों को सुरक्षित निकाला।

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Two people trapped due to sudden surge in Kirauda drain tanakpur
टनकपुर के किरौड़ा नाले के उफान में फंसे खटीमा के बाइक सवार और रेस्क्यू करती टीम। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

टनकपुर नगर में फायर स्टेशन के पीछे किरौड़ा नाले के उफान में खटीमा से घूमने आए बाइक सवारों के फंसे होने की सूचना से प्रशासन में खलबली मच गई। इस बीच बाइक सवार दो लोग तो सुरक्षित निकल आए लेकिन एक बाइक सवार और एक मानसिक रूप से कमजोर एक व्यक्ति नाले के बीच में फंसे गए। सीओ और कोतवाल ने एसडीआरएफ, फायर टीम के साथ मौके में पहुंचकर बमुश्किल दोनों को सुरक्षित निकाला।

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रविवार दोपहर करीब 12 बजे जब किरौड़ा नाला उफान पर था। इस बीच खटीमा से बाइक से घूमने टनकपुर आए तीन युवक फायर स्टेशन के पीछे बह रहे किरौड़ा नाले की ओर आ गए। तीनों यहां फोटो खींच रहे थे कि अचानक पानी का बहाव तेज हो गया और उनकी बाइक बहने लगी। इस पर खटीमा के ऊंची महुवट निवासी रूपेश राणा (25) पुत्र उमेश राणा और खटीमा गौटिया निवासी गुलफाम (19) पुत्र मुन्ने बाइक छोड़कर किनारे की तरफ आ गए लेकिन गौटिया निवासी तस्लीम (26) पुत्र लईक बाइक के साथ बहकर आगे निकल गया।

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किसी तरह वह नाले के बीच में बने टापू पर जाकर फंस गया। यहां पहले से 60 वर्षीय एक मानसिक रूप से कमजोर बुजुर्ग फंसा हुआ था। सूचना पर सीओ वंदना वर्मा, कोतवाल चेतन रावत ने एसडीआरएफ और फायर सर्विस की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान चलाया। काफी मशक्कत के बाद दोनों को सुरक्षित निकाल लिया गया। फायर स्टेशन के प्रभारी अग्निशमन अधिकारी अमर सिंह अधिकारी ने बताया कि टापू पर फंसे दो लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है।

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किरौड़ा नाला उफनाया, तीन घंटे ठप रहा यातायात
पहाड़ों पर भारी बारिश से रविवार सुबह करीब 11:30 बजे किरौड़ा नाला उफान पर आ गया। प्रशासन ने एहतियात बरतते हुए नाले के पास बैरियर लगाकर यातायात रोक दिया। सूचना पर एसएसआई पूरन सिंह तोमर व एआरटीओ सुरेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे और दोनों ओर से आवाजाही कर रहे लोगों को सचेत किया। डायल 112 की टीम मौके पर तैनात रही।

डायल 112 के एएसआई कुशल नगरकोटी ने बताया कि पानी बढ़ने की सूचना मिलते ही सड़क के दोनों ओर बैरियर लगाकर लोगों को सचेत किया गया। दोपहर करीब 2:30 बजे पानी का बहाव कुछ कम हुआ। इस पर कुछ पैदल लोग आते-जाते रहे। एएसआई ने बताया कि पहाड़ों पर हो रही बारिश के कारण कभी भी नाले के उफान पर आने की संभावना बनी हुई है। इसके लिए मार्ग पर निरंतर लोगों को सचेत किया जा रहा है।

बता दें कि अगस्त 2024 में किरौड़ा नाला के उफान पर आने पर तेज बहाव में श्रद्धालुओं से भरी जीप बह गई थी जिसमें सवार नौ श्रद्धालु बहे थे। इनमें से दो की मौत हो गई थी।

शाम छह बजे से सुबह छह बजे तक बंद रहेगा पूर्णागिरि मार्ग
प्रशासन की ओर से भारी बरसात में मलबा और बोल्डर आने से खतरे को देखते हुए पूर्णागिरि मार्ग को शाम छह बजे से सुबह छह बजे तक यातायात के लिए बंद कर दिया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रात में आवागमन बंद रहेगा।

तहसीलदार जगदीश गिरि ने बताया कि 17 जून को भरी मलबा आने से बाटनागाड़ में सड़क बंद हो गई थी। लोनिवि की ओर से तात्कालिक रूप से सड़क खोल दी है। उन्होंने बताया कि वर्षाकाल के दौरान ककराली गेट-ठूलीगाड़-भैरव मंदिर राजमार्ग 108 पर संभावित भूस्खलन या अन्य आपदाजनित घटनाओं के मद्देनजर यह निर्णय लिया गया है। एडीएम, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला आपदा प्रबंधक प्राधिकरण की ओर से इस संबंध में आदेश जारी किया गया है। आदेश का उल्लंघन आपदा प्रबंधन अधिनियम के अंतर्गत दंडनीय होगा। 

पिथौरागढ़ में झमाझम बारिश ने दी गर्मी से राहत
जिला मुख्यालय सहित जिले के विभिन्न हिस्सों में बारिश से जनजीवन प्रभावित रहा। जिला मुख्यालय में बारिश से गर्मी से राहत मिली। वहीं कुछ जगहों पर जलभराव होने से यात्रियों और राहगीरों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।

रविवार को सुबह से आसमान में बादल छाए रहे। दोपहर बाद मौसम ने करवट बदली और जिला मुख्यालय के साथ ही बंगापानी, कनालीछीना, मुनस्यारी सहित अन्य हिस्सों में बारिश हुई। जिला मुख्यालय की आंतरिक सड़कों के साथ ही धारचूला हाईवे पर रई, पंडा, जाजरदेवल, सतगढ़ सहित अन्य हिस्सों पर जलभराव होने से यात्रियों और वाहन चालकों को दिक्कत का सामना करना पड़ा। करीब एक घंटे बाद बारिश थमने से लोगों ने राहत की सांस ली।

आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक बीते 24 घंटे में मुनस्यारी में सबसे अधिक 17.4 मिमी बारिश रिकाॅर्ड की गई। धारचूला में 6.2 और बंगापानी में एक मिमी बारिश हुई। धारचूला और मुनस्यारी में बारिश के बाद काली और गोरी नदी का भी जलस्तर काफी बढ़ गया है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी भूपेंद्र महर ने बताया कि फिलहाल दोनों नदियां चेतावनी स्तर से नीचे बह रही हैं।

मुनस्यारी-मिलम सड़क पर गौंखा नदी पर बनी अस्थायी पुलिया बही
चीन सीमा के साथ माइग्रेशन वाले गांवों को जोड़ने वाली मुनस्यारी-मिलम सड़क पर गौंखा नदी पर बनी अस्थायी पुलिया भी बह गई है। यहां बना बैली ब्रिज पहले ही एवलांच आने से ध्वस्त हो चुका है। ऐसे में प्रवास से लौटने वाले ग्रामीणों के साथ ही सेना और आईटीबीपी की दिक्कत बढ़ गई है। कोई वैकल्पिक व्यवस्था न होने से ग्रामीण और सेना के जवान जान जोखिम में डालकर क्षतिग्रस्त बैली ब्रिज से नदी पार करने के लिए मजबूर हैं। लगातार हो रही बारिश के कारण नदी के उफान पर आने से दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है।

मुनस्यारी-मिलम सड़क पर गौंखा नदी पर बना बैली ब्रिज करीब पांच महीने पूर्व एवलांच आने से ध्वस्त हो गया था। सेना, आईटीबीपी के जवानों के साथ ही प्रवास से अपने पैतृक गांवों में लौट रहे ग्रामीणों की परेशानी को देखते हुए नदी में अस्थायी पुलिया बनाई गई थी। बीते दिनों हुई बारिश के दौरान उफान पर आई नदी में अस्थायी पुलिया बह गई। यहां वाहनों की आवाजाही पहले ही पूरी तरह ठप है। अब अस्थायी पुलिया के बहने से सेना के जवानों और ग्रामीणों की दिक्कत बढ़ गई है।

इसलिए जरूरी थी यह पुलिया
सेना के जवानों को हर रोज चीन सीमा पर स्थित अग्रिम चौकियों पर पहुंचना पड़ता है। सेना के लिए राशन और अन्य जरूरी सामान की आपूर्ति भी इसी मार्ग से होती है। पुलिया के बहने से सैनिकों और ग्रामीणों के लिए क्षतिग्रस्त बैली ब्रिज से उफनाई नदी को पार करना मजबूरी बन गया है। क्षतिग्रस्त बैली ब्रिज के गार्डर भी धंसने लगे हैं जिससे खतरा काफी बढ़ गया है। पूर्व जिला पंचायत सदस्य जगत मर्तोलिया ने बताया कि यदि यहां जल्द नया पुल नहीं बना और इसी तरह क्षतिग्रस्त बैली ब्रिज से आवाजाही होती रही तो बड़ी घटना हो सकती है। उन्होंने जल्द पुल का निर्माण न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।

दूसरे दिन भी नहीं खुल सकी सड़क
मुनस्यारी-मिलम सड़क बीते शनिवार रलगाड़ी और लीलम के बीच पहाड़ी दरकने से बंद हो गई थी। ऐसे में जोहार घाटी के 13 गांवों के साथ ही चीन सीमा पर स्थित सेना की चौकियों का जिला मुख्यालय से सड़क संपर्क पूरी तरह कट गया है। यहां भारी संख्या में बड़े-बड़े बोल्डर गिरे हैं जिन्हें हटाना बीआरओ के लिए चुनौती बन गया है। रविवार को भी बोल्डर हटाकर आवाजाही शुरू नहीं हो सकी जिससे ग्रामीणों और सैनिकों को पैदल सफर करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

गौंखा नदी पर बनी अस्थायी पुलिया बहने से दिक्कत आई है। आवाजाही के लिए जल्द वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी। बीआरओ को शीघ्र बैली ब्रिज के निर्माण के निर्देश दिए गए हैं। लीलम और रलगाड़ी के बीच भी जल्द आवागमन शुरू करा दिया जाएगा। - आशीष जोशी, एसडीएम, मुनस्यारी

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