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आईटीआई कर्मचारियों का दो घंटे सांकेतिक धरना-प्रदर्शन जारी
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टनकपुर आईटीआई में धरना-प्रदर्शन करते कर्मचारी। (विज्ञप्ति)
- फोटो : TANAKPUR
टनकपुर (चंपावत)। अनुदेशक से कार्यदेशक के पद पर पदोन्नति समेत पांच सूत्री मांगों के लिए आईटीआई (राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान )के कर्मचारियों का आंदोलन जारी है। सोमवार को भी उन्होंने दो घंटे संस्थान परिसर में धरने में बैठकर सांकेतिक प्रदर्शन किया।
उत्तराखंड राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण कर्मचारी संघ के बैनर तले चल रहे सांकेतिक आंदोलन के बैनर तले आईटीआई के कर्मचारी पांच सूत्री मांगों के लिए गत 30 जुलाई से काला फीता बांधकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी मांग है कि अनुदेशक से कार्यदेशक के पदों पर डीपीसी की प्रक्रिया तत्काल पूर्ण की जाए, कार्यदेशक सेवा नियमावली बनाई जाए, विभागीय ढांचे का पुनर्गठन हो, निदेशालय की कार्यप्रणाली में सुधार के लिए कुछ अधिकारियों को हटाया जाए और अनुसेवक का पद नाम बदला जाए। संगठन के जिलाध्यक्ष नितिन शास्त्री का कहना है कि उनकी संगठन लंबे समय से कर्मचारी हित की मांग उठा रहा है, लेकिन सरकार मुंह फेरे है। विरोध प्रदर्शन में सचिव गिरीश चंद्र जोशी, आरके जोशी, कमल सिंह, गोविंद राम, शैली, शांति मेहरा, राजेंद्र कौर, वीके टम्टा, नवलकिशोर ओली, प्रकाश जोशी, सुनील कुमार, मोहन चंद्र जोशी, उमेश गड़कोटी, विनोद सिंह राना आदि थे।
मांगों के लिए कार्य बहिष्कार
अस्कोट (पिथौरागढ़)। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान कर्मचारी संघ ने वेतन बढ़ाने समेत सात सूत्री मांगों के लिए सांकेतिक कार्य बहिष्कार किया। उन्होंने कहा अक्षम अधिकारियों को संस्थान से हटाया जाए। अनुदेशकों को ग्रेड वेतन 4600 रुपये के अंतर्गत कनिष्ठ अभियंता की भांति काल्पनिक वेतन वृद्धि का लाभ दिया जाए। विभागीय ढांचा बनाया जाए। उन्होंने कहा मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान नवीन चंद्र पंत, देवेंद्र सिंह बसेड़ा, दयाकृष्ण पंत, दिनेश चंद्र भट्ट, खगेंद्र चंद्र, प्रेम बल्लभ, लक्ष्मण सिंह, अश्विनी, अमीना समेत कई शामिल रहे। (संवाद)
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उत्तराखंड राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण कर्मचारी संघ के बैनर तले चल रहे सांकेतिक आंदोलन के बैनर तले आईटीआई के कर्मचारी पांच सूत्री मांगों के लिए गत 30 जुलाई से काला फीता बांधकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी मांग है कि अनुदेशक से कार्यदेशक के पदों पर डीपीसी की प्रक्रिया तत्काल पूर्ण की जाए, कार्यदेशक सेवा नियमावली बनाई जाए, विभागीय ढांचे का पुनर्गठन हो, निदेशालय की कार्यप्रणाली में सुधार के लिए कुछ अधिकारियों को हटाया जाए और अनुसेवक का पद नाम बदला जाए। संगठन के जिलाध्यक्ष नितिन शास्त्री का कहना है कि उनकी संगठन लंबे समय से कर्मचारी हित की मांग उठा रहा है, लेकिन सरकार मुंह फेरे है। विरोध प्रदर्शन में सचिव गिरीश चंद्र जोशी, आरके जोशी, कमल सिंह, गोविंद राम, शैली, शांति मेहरा, राजेंद्र कौर, वीके टम्टा, नवलकिशोर ओली, प्रकाश जोशी, सुनील कुमार, मोहन चंद्र जोशी, उमेश गड़कोटी, विनोद सिंह राना आदि थे।
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मांगों के लिए कार्य बहिष्कार
अस्कोट (पिथौरागढ़)। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान कर्मचारी संघ ने वेतन बढ़ाने समेत सात सूत्री मांगों के लिए सांकेतिक कार्य बहिष्कार किया। उन्होंने कहा अक्षम अधिकारियों को संस्थान से हटाया जाए। अनुदेशकों को ग्रेड वेतन 4600 रुपये के अंतर्गत कनिष्ठ अभियंता की भांति काल्पनिक वेतन वृद्धि का लाभ दिया जाए। विभागीय ढांचा बनाया जाए। उन्होंने कहा मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान नवीन चंद्र पंत, देवेंद्र सिंह बसेड़ा, दयाकृष्ण पंत, दिनेश चंद्र भट्ट, खगेंद्र चंद्र, प्रेम बल्लभ, लक्ष्मण सिंह, अश्विनी, अमीना समेत कई शामिल रहे। (संवाद)
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