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Champawat News: वनराजि जनजाति की दो छात्राओं ने उच्च शिक्षा के लिए बढ़ाए कदम
Wed, 30 Apr 2025 11:29 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Wed, 30 Apr 2025 11:29 PM IST
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टनकपुर के कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय स्कूल में पहली बार कक्षा नौ में दाखिला लेतीं वनराजि समु
टनकपुर (चंपावत)। प्रदेश की सबसे कम आबादी वाली वनराजि (वनरावत) जनजाति भी अब मुख्य धारा में आने लगी है। दूरस्थ समाज के ग्राम खिरद्वारी से दो परिवारों की दो छात्राओं ने कक्षा आठवीं उत्तीर्ण करने के बाद साहस दिखाकर उच्च शिक्षा के लिए कक्षा नौ में नगर के कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय स्कूल में प्रवेश ले लिया है। दोनों छात्राओं को मुफ्त आवासीय भोजन, स्टेशनरी, ड्रेस के साथ दो सौ रुपये मासिक छात्रवृत्ति भी मिलेगी। दोनों छात्राओं का स्कूल में तिलक लगाकर छात्राओं ने स्वागत किया।
स्कूल की वार्डन प्रेमा ठाकुर ने बताया कि ग्राम खिरद्वारी में कक्षा आठ तक पढ़ाई की सुविधा है। वनरावत जनजाति की छात्राएं आठवीं के बाद उच्च शिक्षा के लिए बाहर कम निकल पाती हैं। स्कूल प्रबंधन लंबे समय से जनजाति की छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित कर रहा था। इस बार राजकीय प्राथमिक स्कूल की शिक्षिका चंद्रकला पोखरिया के योगदान से सफलता मिली है।
दो छात्रा बीना और सरु ने स्कूल में दाखिला ले लिया है। दोनों छात्राओं के परिजन गांव में रहकर खेती बाड़ी कर जीवन यापन करते हैं। दोनों अपने-अपने परिवार में भाई-बहनों में सबसे बड़े हैं। छात्रा बीना के परिवार में छोटा भाई और एक बहन है, जबकि छात्रा सरु के दो छोटे भाई हैं। बताया कि छात्रावास में 150 बालिकाएं शिक्षा ग्रहण कर रही हैं।
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स्कूल की वार्डन प्रेमा ठाकुर ने बताया कि ग्राम खिरद्वारी में कक्षा आठ तक पढ़ाई की सुविधा है। वनरावत जनजाति की छात्राएं आठवीं के बाद उच्च शिक्षा के लिए बाहर कम निकल पाती हैं। स्कूल प्रबंधन लंबे समय से जनजाति की छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित कर रहा था। इस बार राजकीय प्राथमिक स्कूल की शिक्षिका चंद्रकला पोखरिया के योगदान से सफलता मिली है।
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दो छात्रा बीना और सरु ने स्कूल में दाखिला ले लिया है। दोनों छात्राओं के परिजन गांव में रहकर खेती बाड़ी कर जीवन यापन करते हैं। दोनों अपने-अपने परिवार में भाई-बहनों में सबसे बड़े हैं। छात्रा बीना के परिवार में छोटा भाई और एक बहन है, जबकि छात्रा सरु के दो छोटे भाई हैं। बताया कि छात्रावास में 150 बालिकाएं शिक्षा ग्रहण कर रही हैं।
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