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श्यामलाताल को पर्यटन हब बनाने से थमेगा पलायन
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श्यामलाताल के ग्रामीणों की बैठक लेते एसडीएम दयानंद सरस्वती।
- फोटो : TANAKPUR
श्यामलाताल को विश्व पर्यटन से जोड़ने और पर्यटन को बढ़ावा देने को एसडीएम दयानंद सरस्वती ने श्यामलाताल के आस पास के ग्रामीणों की बैठक ली। इस दौरान श्यामलाताल को विश्व पर्यटन मानचित्र में लाने और पर्यटन हब बनाने की संभावनाओं पर ग्रामीणों के साथ विचार मंथन किया गया। तय किया गया कि श्यामलाताल को पर्यटन से जोड़ने को ग्रामीणों की समिति का गठन किया जाएगा। एसडीएम ने बताया कि पर्यटन को बढ़ावा देने से यहां रोजगार के अवसर मिलेंगे जिससे पलायन भी थमेगा।
सोमवार को एसडीएम कार्यालय में आयोजित बैठक में श्यामलाताल को पर्यटन हब बनाने एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों का विकास करने को लेकर मंथन किया गया। तय किया गया कि ग्रामीणों की एक समिति का गठन किया जाएगा जो ग्रामीण विकास के अलावा श्यामलाताल को पर्यटन से जोड़ने को समय-समय पर प्रशासन को सहयोग एवं सुझाव देगी। एसडीएम ने बताया कि ग्रामीणों की समिति ही पर्यटन का सारा कार्यभार संभालेगी। पर्यटन के विकास को मिलने वाला बजट भी समिति के खाते में जाएगा।
श्यामलाताल के टूरिज्म को ऑनलाइन किया जाएगा ताकि विश्व के पर्यटक यहां आने को ऑनलाइन बुकिंग करा सकें। बताया कि श्यामलाताल में पर्यटन के अलावा वोटिंग, फिशिंग, ट्रैकिंग, बर्डवाचिंग आदि की भारी संभावनाएं हैं। दिसंबर में पर्यटन का पहला शिविर आयोजित करने का निर्णय लिया गया जिसके लिए पर्यटन विभाग से संपर्क किया जाएगा। वहां श्यामलाताल के ग्रामप्रधान जगदीश प्रसाद, गंभीर राम, बालादत्त कलोनी, लक्ष्मण राम, सूरज विश्वकर्मा, जगत सिंह, पंकज, अर्जुन राज आदि मौजूद थे।
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सोमवार को एसडीएम कार्यालय में आयोजित बैठक में श्यामलाताल को पर्यटन हब बनाने एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों का विकास करने को लेकर मंथन किया गया। तय किया गया कि ग्रामीणों की एक समिति का गठन किया जाएगा जो ग्रामीण विकास के अलावा श्यामलाताल को पर्यटन से जोड़ने को समय-समय पर प्रशासन को सहयोग एवं सुझाव देगी। एसडीएम ने बताया कि ग्रामीणों की समिति ही पर्यटन का सारा कार्यभार संभालेगी। पर्यटन के विकास को मिलने वाला बजट भी समिति के खाते में जाएगा।
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श्यामलाताल के टूरिज्म को ऑनलाइन किया जाएगा ताकि विश्व के पर्यटक यहां आने को ऑनलाइन बुकिंग करा सकें। बताया कि श्यामलाताल में पर्यटन के अलावा वोटिंग, फिशिंग, ट्रैकिंग, बर्डवाचिंग आदि की भारी संभावनाएं हैं। दिसंबर में पर्यटन का पहला शिविर आयोजित करने का निर्णय लिया गया जिसके लिए पर्यटन विभाग से संपर्क किया जाएगा। वहां श्यामलाताल के ग्रामप्रधान जगदीश प्रसाद, गंभीर राम, बालादत्त कलोनी, लक्ष्मण राम, सूरज विश्वकर्मा, जगत सिंह, पंकज, अर्जुन राज आदि मौजूद थे।
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