{"_id":"5dd02df28ebc3e548a69284c","slug":"tourism-champawat-news-hld3642911104","type":"story","status":"publish","title_hn":"निर्माण की तरफ एक कदम और बढ़ा कूर्म सरोवर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निर्माण की तरफ एक कदम और बढ़ा कूर्म सरोवर
विज्ञापन
इस स्थान पर प्रस्तावित है डिप्टेश्वर झील।
- फोटो : CHAMPAWAT
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंपावत के लोगों के लिए अच्छी खबर है। प्रस्तावित कूर्म सरोवर निर्माण की तरफ एक कदम और बढ़ गया है। भूगर्भ शास्त्री की रिपोर्ट के बाद सिंचाई विभाग प्लेट लोड टेस्ट करवा रहा है। इस परीक्षण के बाद विस्तृत प्रगति रिपोर्ट (डीपीआर) शासन को भेजी जाएगी।
प्रदेश सरकार ने 13 सितंबर 2018 को चंपावत से करीब नौ किमी दूर सिमल्टा स्थित कूर्म सरोवर और चंपावत में गंडकी नदी में डिप्टेश्वर झील निर्माण को स्वीकृति दी थी। इसके लिए शासन ने टोकन मनी के रूप में कार्यदायी संस्था सिंचाई विभाग को 37.08 लाख रुपये जारी किए थे। जिसमें सिमल्टा में प्रस्तावित कूर्म सरोवर झील के लिए परियोजना गठन से पूर्व प्रारंभिक सर्वेक्षण और भूगर्भीय रिपोर्ट तैयार करने के लिए 16.55 लाख और डिप्टेश्वर झील निर्माण के लिए 20.53 लाख रुपये की रकम अवमुक्त की गई थी।
सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता कुंदन गोस्वामी ने बताया कि सिमल्टा में स्वीकृत कूर्म सरोवर की भूगर्भ शास्त्री की रिपोर्ट के बाद प्लेट लोड टेस्ट करवा रहा है। इस परीक्षण के बाद शासन को डीपीआर भेजी जाएगी। साथ ही डिप्टेश्वर झील के भूगर्भीय परीक्षण की अनुकूल रिपोर्ट के बाद जल्द ही काम शुरू होगा।
विज्ञापन
निर्माण से होगा बहुआयामी लाभ
चंपावत। डिप्टेश्वर झील और कूर्म सरोवर के बनने से चंपावत को बहुआयामी लाभ होगा। इन दोनों झील के बनने से यह जिला न केवल पर्यटन के रूप में अपनी पहचान बना सकेगा, बल्कि सिंचाई व पेयजल की कमी को दूर किया जा सकेगा। इसके अलावा रोजगार बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
विज्ञापन
प्रदेश सरकार ने 13 सितंबर 2018 को चंपावत से करीब नौ किमी दूर सिमल्टा स्थित कूर्म सरोवर और चंपावत में गंडकी नदी में डिप्टेश्वर झील निर्माण को स्वीकृति दी थी। इसके लिए शासन ने टोकन मनी के रूप में कार्यदायी संस्था सिंचाई विभाग को 37.08 लाख रुपये जारी किए थे। जिसमें सिमल्टा में प्रस्तावित कूर्म सरोवर झील के लिए परियोजना गठन से पूर्व प्रारंभिक सर्वेक्षण और भूगर्भीय रिपोर्ट तैयार करने के लिए 16.55 लाख और डिप्टेश्वर झील निर्माण के लिए 20.53 लाख रुपये की रकम अवमुक्त की गई थी।
विज्ञापन
सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता कुंदन गोस्वामी ने बताया कि सिमल्टा में स्वीकृत कूर्म सरोवर की भूगर्भ शास्त्री की रिपोर्ट के बाद प्लेट लोड टेस्ट करवा रहा है। इस परीक्षण के बाद शासन को डीपीआर भेजी जाएगी। साथ ही डिप्टेश्वर झील के भूगर्भीय परीक्षण की अनुकूल रिपोर्ट के बाद जल्द ही काम शुरू होगा।
विज्ञापन
निर्माण से होगा बहुआयामी लाभ
चंपावत। डिप्टेश्वर झील और कूर्म सरोवर के बनने से चंपावत को बहुआयामी लाभ होगा। इन दोनों झील के बनने से यह जिला न केवल पर्यटन के रूप में अपनी पहचान बना सकेगा, बल्कि सिंचाई व पेयजल की कमी को दूर किया जा सकेगा। इसके अलावा रोजगार बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।

चंपावत में कूर्म सरोवर के लिए ड्रीलिंग के लिए प्रस्तावित स्थान।- फोटो : CHAMPAWAT