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Champawat News: समस्याओं का हल निकालने के लिए छात्रसंघ अध्यक्ष ने खुद को किया कैद
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कैंपस के मुख्य भवन में चैनल पर लगाकर धरना दे रहे छात्रसंघ अध्यक्ष को समझाते कैंपस के डीएसडब्ल्य
चंपावत। चंपावत कैंपस में विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग करते हुए छात्रसंघ अध्यक्ष मुकेश महर ने परिसर में खुद को कैद कर धरना शुरू कर दिया। उनके इस कदम से कैंपस प्रबंधन में खलबली मच गई। पुलिस बल भी मौके पर पहुंचा लेकिन छात्रसंघ अध्यक्ष अपनी बात पर अड़े रहे। शाम करीब पांच बजे लिखित आश्वासन मिलने पर उन्होंने धरना समाप्त किया। इन आठ घंटों के दौरान परिसर में खलबली मची रही।
बृहस्पतिवार को छात्रसंघ अध्यक्ष मुकेश महर सुबह नौ बजे कैंपस परिसर पहुंचे। समस्याओं के समाधान की मांग करते हुए वह मुख्य भवन में चैनल गेट पर अंदर से ताला लगाकर धरने पर बैठक गए। सूचना पर कैंपस पहुंचे डीएसडब्ल्यू डॉ. भवान सिंह ने छात्रसंघ अध्यक्ष को समझाने की कोशिश की लेकिन वह नहीं माने। इधर सूचना पर प्रभारी कोतवाल राजेश कुमार मिश्रा, एसआई प्रदीप बिष्ट के नेतृत्व में पुलिस टीम भी कैंपस में पहुंच गई।
पुलिस ने भी छात्रसंघ अध्यक्ष से वार्ता की लेकिन वह चैनल गेट खोलने के लिए तैयार नहीं हुए। इधर छात्रसंघ अध्यक्ष के धरने का पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष मनीष महर, एबीवीपी नगर मंत्री दीपक भट्ट और अंशुल जोशी ने समर्थन किया। देर शाम को छात्रसंघ अध्यक्ष को समस्याओं के समाधान का लिखित में आश्वासन दिया गया, जिस पर वह धरने से उठे और चैनल का ताला खोलकर बाहर आए। उन्होंने कहा कि यदि समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया तो वह फिर से धरना करेंगे। धरने के दौरान उन्होंने आठ घंटे तक न पानी पीया और न ही कुछ खाया।
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छात्रसंघ अध्यक्ष की ये हैं मांगें
कैंपस में स्थायी प्राध्यापकों की तैनाती की जाए और रिक्त पदों को भरा जाए।
पूर्व प्रभारी निदेशक के समय में एमए योग में गलत तरीके से हुए 34 प्रवेशों की जांच की जाए।
बिना विज्ञप्ति के लाखों का निर्माण कार्य कैंपस में कराया जा रहा है, स्थिति स्पष्ट की जाए।
कैंपस बना, लेकिन फायदा नहीं
छात्रसंघ अध्यक्ष महर ने कहा कि डिग्री कॉलेज को एसएसजे विश्वविद्यालय अल्मोड़ा का कैंपस बनाकर शिक्षा व्यवस्था को बिगाड़ दिया गया है। कैंपस बनने से सिर्फ छात्र-छात्राओं को अधिक सेमेस्टर शुल्क देना पड़ रहा है। हर सेमेस्टर में परीक्षा शुल्क लिया जा रहा है। परीक्षा परिणामों में भी कमियां है। बच्चों के पहले सेमेस्टर के परीक्षा परिणाम समय पर नहीं आते हैं।
कोट
एमए योग में गलत तरीके प्रवेश कराए जाने के आरोपों के मामले में जांच के लिए समिति गठित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए कुलसचिव ने आदेश जारी कर दिया हैं। कैंपस में काम जैम पोर्टल में पंजीकृत ठेकेदारों के माध्यम से कराया जा रहा है। किसी भी प्रकार की अनियमितता नहीं हो रही है। - डॉ. पीएस बिष्ट, निदेशक, चंपावत कैंपस
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बृहस्पतिवार को छात्रसंघ अध्यक्ष मुकेश महर सुबह नौ बजे कैंपस परिसर पहुंचे। समस्याओं के समाधान की मांग करते हुए वह मुख्य भवन में चैनल गेट पर अंदर से ताला लगाकर धरने पर बैठक गए। सूचना पर कैंपस पहुंचे डीएसडब्ल्यू डॉ. भवान सिंह ने छात्रसंघ अध्यक्ष को समझाने की कोशिश की लेकिन वह नहीं माने। इधर सूचना पर प्रभारी कोतवाल राजेश कुमार मिश्रा, एसआई प्रदीप बिष्ट के नेतृत्व में पुलिस टीम भी कैंपस में पहुंच गई।
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पुलिस ने भी छात्रसंघ अध्यक्ष से वार्ता की लेकिन वह चैनल गेट खोलने के लिए तैयार नहीं हुए। इधर छात्रसंघ अध्यक्ष के धरने का पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष मनीष महर, एबीवीपी नगर मंत्री दीपक भट्ट और अंशुल जोशी ने समर्थन किया। देर शाम को छात्रसंघ अध्यक्ष को समस्याओं के समाधान का लिखित में आश्वासन दिया गया, जिस पर वह धरने से उठे और चैनल का ताला खोलकर बाहर आए। उन्होंने कहा कि यदि समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया तो वह फिर से धरना करेंगे। धरने के दौरान उन्होंने आठ घंटे तक न पानी पीया और न ही कुछ खाया।
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छात्रसंघ अध्यक्ष की ये हैं मांगें
कैंपस में स्थायी प्राध्यापकों की तैनाती की जाए और रिक्त पदों को भरा जाए।
पूर्व प्रभारी निदेशक के समय में एमए योग में गलत तरीके से हुए 34 प्रवेशों की जांच की जाए।
बिना विज्ञप्ति के लाखों का निर्माण कार्य कैंपस में कराया जा रहा है, स्थिति स्पष्ट की जाए।
कैंपस बना, लेकिन फायदा नहीं
छात्रसंघ अध्यक्ष महर ने कहा कि डिग्री कॉलेज को एसएसजे विश्वविद्यालय अल्मोड़ा का कैंपस बनाकर शिक्षा व्यवस्था को बिगाड़ दिया गया है। कैंपस बनने से सिर्फ छात्र-छात्राओं को अधिक सेमेस्टर शुल्क देना पड़ रहा है। हर सेमेस्टर में परीक्षा शुल्क लिया जा रहा है। परीक्षा परिणामों में भी कमियां है। बच्चों के पहले सेमेस्टर के परीक्षा परिणाम समय पर नहीं आते हैं।
कोट
एमए योग में गलत तरीके प्रवेश कराए जाने के आरोपों के मामले में जांच के लिए समिति गठित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए कुलसचिव ने आदेश जारी कर दिया हैं। कैंपस में काम जैम पोर्टल में पंजीकृत ठेकेदारों के माध्यम से कराया जा रहा है। किसी भी प्रकार की अनियमितता नहीं हो रही है। - डॉ. पीएस बिष्ट, निदेशक, चंपावत कैंपस