{"_id":"572e20c04f1c1b61145cf42c","slug":"to-educate-children-raised-pickaxe-shovel-mother","type":"story","status":"publish","title_hn":"बच्चों को शिक्षित करने के लिए मां ने उठाया गैंती-फावड़ा ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बच्चों को शिक्षित करने के लिए मां ने उठाया गैंती-फावड़ा
ब्यूराे/अमर उजाला, चंपावत
Updated Sat, 07 May 2016 10:37 PM IST
विज्ञापन
बच्चों को शिक्षित करने के लिए मां ने उठाया गैंती-फावड़ा
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यूं तो हर मां अपने बच्चे को कामयाबी की बुलंदी में पहुंचता देखना चाहती है। इसके लिए वह हर स्तर पर प्रयास भी करती है। अंबेडकर गांव फागपुर की अनपढ़ सावित्री देवी ने भी बच्चों को शिक्षित करने के लिए गैंती और फावड़ा उठाया।
सावित्री देवी (50) के पति का 1996 में निधन हो गया था। सावित्री देवी की छह लड़कियां और एक बेटा है। पति की मौत के बाद सावित्री देवी के सामने रोजी रोटी का संकट पैदा हो गया था, लेकिन सावित्री देवी ने हिम्मत नहीं हारी। बच्चों के भरण-पोषण और उन्हें अच्छी शिक्षा देने के लिए गैंती और फावड़ा उठाया। सावित्री ने चार लाख रुपये का एजुकेशन लोन लेकर बेटे दीपक को 2014 में बीटेक करवाया। बड़ी बेटी बबली दसवीं पास है। शादी होने के बाद वह इस समय वार्ड मेंबर है। इसके अलावा विमला एमएम, शकुंतला दसवीं, सुनीता, सरोज, खुशबू ने बीए किया है।
विज्ञापन
सावित्री देवी (50) के पति का 1996 में निधन हो गया था। सावित्री देवी की छह लड़कियां और एक बेटा है। पति की मौत के बाद सावित्री देवी के सामने रोजी रोटी का संकट पैदा हो गया था, लेकिन सावित्री देवी ने हिम्मत नहीं हारी। बच्चों के भरण-पोषण और उन्हें अच्छी शिक्षा देने के लिए गैंती और फावड़ा उठाया। सावित्री ने चार लाख रुपये का एजुकेशन लोन लेकर बेटे दीपक को 2014 में बीटेक करवाया। बड़ी बेटी बबली दसवीं पास है। शादी होने के बाद वह इस समय वार्ड मेंबर है। इसके अलावा विमला एमएम, शकुंतला दसवीं, सुनीता, सरोज, खुशबू ने बीए किया है।
विज्ञापन