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शारदा रेंज के जंगल में बाघ का मूवमेंट
ब्यूरो/अमर उजाला, टनकपुर (चंपावत)
Updated Fri, 10 Mar 2017 10:25 PM IST
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वन्यजीवों से मानव की सुरक्षा को लेकर वन महकमा कतई संजीदा नहीं है। एक महिला को बाघ द्वारा मौत के घाट उतारने की घटना के तेरह दिन बाद भी विभाग बाघ के मूवमेंट का अधिकारिक तौर पर पता नहीं लगा पाया है। बाघ का मूवमेंट अब भी शारदा रेंज के जंगल में बना है।
कई लोगों ने घटना के बाद भी बाघ को शारदा रेंज में देखने का दावा किया है। इस बात को विभाग भी स्वीकार रहा है, लेकिन बाघ का मूवमेंट जानने को जंगल में लगाए गए सीसी कैमरों की फुटेज को विभाग अब तक देख नहीं पाया है। विभाग को यह भी पता नहीं है कि कैमरों में बाघ का मूवमेंट कैद हुआ भी है या नहीं।
26 फरवरी शारदा रेंज के द्ववान बीट के कंपार्टमेंट 1 बी के जंगल में लकड़ी बीनने गई बोरागोठ गांव निवासी सोना देवी (55) पत्नी केसर राम पर बाघ ने हमला कर उसेे मौत के घाट उतार दिया था। जंगल में महिला का शव बरामद होने के बाद वन विभाग ने घटना को लेकर शुरू में गंभीरता दिखाते हुए बाघ का मूवमेंट जानने को द्ववान बीट के साथ ही ककराली बीट में भी सीसी कैमरे लगाए। तब लगा कि विभाग जल्द ही बाघ का मूवमेंट व गतिविधि का पता लगाकर उसे दूर जंगल में खदेड़ने की कार्रवाई करेगा, लेकिन ऐसा हुआ नहीं।
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सीसी कैमरे लगाने के बाद रेंज के अधिकारी व कर्मचारी अन्य विभागीय कार्यों में व्यस्त हो गए। जंगल में बारह दिनों से सीसी कैमरे लगे हैं, लेकिन इन कैमरों में बाघ का मूवमेंट व गतिविधि कैद हुई भी या नहीं यह विभाग को भी पता नहीं है। दरअसल विभाग के पास यहां सीसी कैमरों में कैद हुए फुटेज देखने की व्यवस्था नहीं है। फुटेज देखने को कैमरों की चिप निकाल कर हल्द्वानी भेजनी होगी और विभाग अब तक चिप भेज नहीं पाया है। रेंजर ख्याली राम आर्य का कहना है कि यहां डाटा केबल न होने से कैमरों में कैद फुटेज को नहीं देखा जा सका है। जल्द कैमरों की चिप हल्द्वानी भेजकर उसमें कैद फुटेज देखे जाएंगे।
डीएफओ के पास भेज दी मुआवजे की फाइल
बाघ के हमले से मृत महिला सोना देवी के परिजनों को दिए जाने वाले विभागीय मुआवजे की फाइल डीएफओ को भेज दी गई है। रेंजर ख्याली राम आर्य ने बताया कि होली के बाद शीघ्र पीड़ित परिवार को विभाग द्वारा मुआवजा दिया जाएगा।
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कई लोगों ने घटना के बाद भी बाघ को शारदा रेंज में देखने का दावा किया है। इस बात को विभाग भी स्वीकार रहा है, लेकिन बाघ का मूवमेंट जानने को जंगल में लगाए गए सीसी कैमरों की फुटेज को विभाग अब तक देख नहीं पाया है। विभाग को यह भी पता नहीं है कि कैमरों में बाघ का मूवमेंट कैद हुआ भी है या नहीं।
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26 फरवरी शारदा रेंज के द्ववान बीट के कंपार्टमेंट 1 बी के जंगल में लकड़ी बीनने गई बोरागोठ गांव निवासी सोना देवी (55) पत्नी केसर राम पर बाघ ने हमला कर उसेे मौत के घाट उतार दिया था। जंगल में महिला का शव बरामद होने के बाद वन विभाग ने घटना को लेकर शुरू में गंभीरता दिखाते हुए बाघ का मूवमेंट जानने को द्ववान बीट के साथ ही ककराली बीट में भी सीसी कैमरे लगाए। तब लगा कि विभाग जल्द ही बाघ का मूवमेंट व गतिविधि का पता लगाकर उसे दूर जंगल में खदेड़ने की कार्रवाई करेगा, लेकिन ऐसा हुआ नहीं।
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सीसी कैमरे लगाने के बाद रेंज के अधिकारी व कर्मचारी अन्य विभागीय कार्यों में व्यस्त हो गए। जंगल में बारह दिनों से सीसी कैमरे लगे हैं, लेकिन इन कैमरों में बाघ का मूवमेंट व गतिविधि कैद हुई भी या नहीं यह विभाग को भी पता नहीं है। दरअसल विभाग के पास यहां सीसी कैमरों में कैद हुए फुटेज देखने की व्यवस्था नहीं है। फुटेज देखने को कैमरों की चिप निकाल कर हल्द्वानी भेजनी होगी और विभाग अब तक चिप भेज नहीं पाया है। रेंजर ख्याली राम आर्य का कहना है कि यहां डाटा केबल न होने से कैमरों में कैद फुटेज को नहीं देखा जा सका है। जल्द कैमरों की चिप हल्द्वानी भेजकर उसमें कैद फुटेज देखे जाएंगे।
डीएफओ के पास भेज दी मुआवजे की फाइल
बाघ के हमले से मृत महिला सोना देवी के परिजनों को दिए जाने वाले विभागीय मुआवजे की फाइल डीएफओ को भेज दी गई है। रेंजर ख्याली राम आर्य ने बताया कि होली के बाद शीघ्र पीड़ित परिवार को विभाग द्वारा मुआवजा दिया जाएगा।