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धौन-बनलेख में घंटों लग रहे जाम से यात्री परेशान
अमर उजाला ब्यूूूूराे चंपावत
Updated Mon, 15 Jan 2018 10:42 PM IST
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बारामासी सड़क में धौन के समीप सोमवार को लगे जाम का नजारा
- फोटो : अमर उजाला
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टनकपुर, पिथौरागढ़ के बीच निर्माणाधीन बारहमासी सड़क के कारण लग रहे जाम से यात्रियों को दिक्क्तों का सामना करना पड़ रहा है। विशेषकर धौन और बनलेख के बीच में कई कई घंटों तक लग रहे जाम से यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। निर्माण स्थल में दोनों ओर कई किमी तक वाहनों की कतारें लग जा रही हैं। इस कारण बाद में जाम खुलने पर एक साथ कई वाहनों के आने से मुख्यालय में भी जाम की स्थिति बन रही है।
सड़क निर्माण के दौरान कई स्थानों पर दिन-रात पहाड़ कटिंग का कार्य किया जा रहा है। इस कारण गिर रहे भारी मलबे से राष्ट्रीय राजमार्ग में यात्रियों को जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा है। सड़क निर्माण के लिए जहां रात्रि में वाहनों का आवागमन जहां पूरी तरह से बंद रखा जा रहा है। वहीं दिन के समय रोड कटिंग से कई कई घंटों तक जाम में एंबुलेंस सहित कई जरूरी वाहन फंस जा रहे हैं। सोमवार को भी धौन में दोपहर 12:30 बजे लगा जाम दो घंटे बाद खुल सका। इस कारण अमोड़ी से चंपावत तक की 25 किमी की दूरी तय करने के लिए यात्रियों को चार घंटे तक परेशानी उठानी पड़ी। एआरटीओ का वाहन भी जाम में फंस गया। इसे बड़ी मशक्कत के बाद निकाला जा सका। उधर, एनएच खंड के ईई एलडी मथेला का कहना है कि निर्माण कार्य में लगी कंपनियों को आधे घंटे से अधिक समय तक यातायात न रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
मनमाने तरीके से हो रहा है डंपिंग जोन का निर्धारण
चंपावत। बारहमासी सड़क निर्माण के कार्य में लगी कंपनियों की ओर से मनमाने तरीके से डंपिंग जोन का निर्धारण किया जा रहा है। प्रशासन की ओर से तय डंपिंग जोन के स्थान पर कंपनियों को जहां पर सुविधा हो रही है, पहाड़ी से निकले मलबे को सीधे खाई में फेंक दिया जा रहा है। धौन, स्वांला के बीच भी डंपिंग जोन के बदले सीधे खाई में मलबा डाला जा रहा है। कई स्थानों में मलबे के कारण गांवों को जोड़ने वाले पैदल संपर्क मार्गों का अस्तित्व ही समाप्त हो गया है।
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सड़क निर्माण के दौरान कई स्थानों पर दिन-रात पहाड़ कटिंग का कार्य किया जा रहा है। इस कारण गिर रहे भारी मलबे से राष्ट्रीय राजमार्ग में यात्रियों को जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा है। सड़क निर्माण के लिए जहां रात्रि में वाहनों का आवागमन जहां पूरी तरह से बंद रखा जा रहा है। वहीं दिन के समय रोड कटिंग से कई कई घंटों तक जाम में एंबुलेंस सहित कई जरूरी वाहन फंस जा रहे हैं। सोमवार को भी धौन में दोपहर 12:30 बजे लगा जाम दो घंटे बाद खुल सका। इस कारण अमोड़ी से चंपावत तक की 25 किमी की दूरी तय करने के लिए यात्रियों को चार घंटे तक परेशानी उठानी पड़ी। एआरटीओ का वाहन भी जाम में फंस गया। इसे बड़ी मशक्कत के बाद निकाला जा सका। उधर, एनएच खंड के ईई एलडी मथेला का कहना है कि निर्माण कार्य में लगी कंपनियों को आधे घंटे से अधिक समय तक यातायात न रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
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मनमाने तरीके से हो रहा है डंपिंग जोन का निर्धारण
चंपावत। बारहमासी सड़क निर्माण के कार्य में लगी कंपनियों की ओर से मनमाने तरीके से डंपिंग जोन का निर्धारण किया जा रहा है। प्रशासन की ओर से तय डंपिंग जोन के स्थान पर कंपनियों को जहां पर सुविधा हो रही है, पहाड़ी से निकले मलबे को सीधे खाई में फेंक दिया जा रहा है। धौन, स्वांला के बीच भी डंपिंग जोन के बदले सीधे खाई में मलबा डाला जा रहा है। कई स्थानों में मलबे के कारण गांवों को जोड़ने वाले पैदल संपर्क मार्गों का अस्तित्व ही समाप्त हो गया है।
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