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तीन नौनिहालों का भविष्य बनाने में जुटा एक शिक्षा मित्र
सतीश जोशी ‘सत्तू’/अमर उजाला, चंपावत
Updated Wed, 30 Sep 2015 10:21 PM IST
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लगता है जिले का शिक्षा विभाग नौनिहालों के भविष्य सुधारने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहा है, इसलिए जहां एक ओर हल्दुआ प्राथमिक विद्यालय में एक छात्र को पढ़ाने के लिए तीन-तीन कर्मचारी तैनात किए गए हैं वहीं, पाटी विकासखंड के बालातड़ी ग्राम पंचायत में स्थित प्राथमिक विद्यालय सुंदरचौड़ में एक शिक्षा मित्र तीन नौनिहालों का भविष्य संवार रहे हैं। यहां दो परिवारों के तीन छात्रों के सहारे प्राथमिक विद्यालय चल रहा है।
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वर्ष 1998 में 50 छात्र संख्या पर खोले गए सुंदरचौड़ विद्यालय में वर्तमान में केवल तीन छात्र ही पढ़ते हैं। स्कूल में बीते तीन सालों से केवल ये तीन ही छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। इन तीन छात्रों को पढ़ाने वाले पैरा टीचर तुलसी दत्त जोशी कई किलोमीटर की दूरी तय कर तलियाबांज से आते हैं। उनका कहना है कि अलग राज्य बनने के बाद वर्ष 2000 से ग्रामीण परिवारों के अन्यत्र चले जाने के कारण विद्यालय में छात्र संख्या लगातार कम होती गई। उप शिक्षा अधिकारी मनीष बिष्ट का कहना है कि स्कूल में कम होती जा रही छात्र संख्या की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई है।
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अगले वर्ष रह जाएगा केवल एक छात्र
प्राथमिक विद्यालय सुंदरचौड़ में अध्ययनरत तीन छात्रों में से दो छात्र कक्षा पांच और एक छात्र कक्षा चार में पढ़ता है। इस वर्ष पांचवीं कक्षा के दोनों छात्र अगली कक्षाओं में चले जाएंगे तो स्कूल में केवल एक ही छात्र रह जाएगा। शिक्षा विभाग की ओर से क्षेत्र में कराई गई बाल गणना के बाद भविष्य में यहां छात्र संख्या बढ़ने की कोई संभावना नहीं है।
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प्रबंध समिति में परिवार के लोग ही शामिल
सुंदरचौड़ गांव में एक दशक पूर्व तक करीब बीस परिवार रहा करते थे। सामाजिक कार्यकर्ता दीपक शर्मा के अनुसार ग्रामीण परिवारों के तराई-भाबर को चले जाने के कारण यहां वर्तमान में केवल दो ही परिवार रह गए हैं, जिस कारण भोजन माता सहित स्कूल प्रबंध समिति, अभिभावक संघ आदि में इन दो ही परिवार के सदस्य शामिल हैं।