फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   They went to buy happiness, but departed leaving sorrow behind.

Champawat News: खुशियां खरीदने गए थे, गम देकर हुए रुखसत

Thu, 14 May 2026 12:27 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत Updated Thu, 14 May 2026 12:27 AM IST
विज्ञापन
They went to buy happiness, but departed leaving sorrow behind.

विज्ञापन
चंपावत। सितारगंज-टनकपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर नानकमत्ता के पास हुए कार हादसे में जीआईसी बालातड़ी के शिक्षक संजय पांडेय की मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
जानकारी के अनुसार, मंगलवार को मादली निवासी जीआईसी बालातड़ी में तैनात शिक्षक संजय पांडेय (41) अपने साथी शिक्षक चंद्र प्रकाश जोशी के साथ हल्द्वानी से नई कार लेकर आ रहे थे। रात करीब 10 बजे नानकमत्ता के पास खटीमा के तरफ से आ रही तेज रफ्तार फॉरच्यूनर कार ने शिक्षक की कार को टक्कर मार दी। इसके बाद फॉरच्यूनर कार भी अनियंत्रित होकर चार बिजली के चार पोलों से टकराते हुए सड़क पर पलट गई।
विज्ञापन

हादसे में कार चला रहे शिक्षक संजय गंभीर रूप से घायल हो गए और कार से बाहर जा गिरे जबकि उनके साथ शिक्षक चंद्र प्रकाश को भी चोटें आईं। गंभीर अवस्था में प्राथमिक इलाज के लिए दोनों शिक्षकों सितारगंंज अस्पताल ले गए। यहां इलाज के बाद शिक्षक संजय को सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी रेफर कर दिया। यहां शिक्षक संजय को जांच के बाद चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम के बाद शिक्षक का शव एंबुलेंस के जरिये करीब चार बजे उनके घर चंपावत लाया गया। यहां मौजूद सैकड़ों की संख्या में लोगों ने नम आंखों से शिक्षक को विदाई दी। शिक्षक रविवार को हल्द्वानी रवाना हुए थे। उनका अंतिम संस्कार डिप्टेश्वर घाट में किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


अपने पीछे छोड़ गए तीन बच्चे
चंपावत। सरल, सहज स्वभाव वाले शिक्षक जब संजय हमेशा भजन कीर्तन का शौकीन थे। बालेश्वर महादेव मंदिर में शाम हर संध्या उनके भजनों से होती थी। वह अपने पीछे तीन छोटे-छोटे बच्चे छोड़ गए हैं। बेटी वैष्णवी, लवी और बेटा राम (आदी)। बड़ी बेटी भी शिक्षक पिता का शव देखकर रोती बिलखती रही। उनकी मौत से दादी नारदी, माता भुवनेश्वरी, पिता भुवन चंद्र पांडे, पत्नी ममता, दो बहनों और भाई का रो-रोकर बुरा हाल है। बुआ भावना पाठक मृतक शिक्षकों के दोस्तों का नाम लेकर बार-बार फफक-फफक रो रही हैं। मृतक शिक्षक संजय परिवार में दूसरे नंबर पर थे। परिवार में बड़ी बहन गीता, छोटी बहन ऋतु और छोटा भाई अतुल है। बहनों का विवाह हो गया है। मृतक शिक्षक का फेसबुक में कुछ दिन पूर्व अपलोड किया एक भजन एक लाख लोगों ने देख लिया था। मंगलवार को 7:08 बजे उन्होंने एक लाख व्यू होने पर कहा कि भगवान भोले नाथ की कृपा है, इसके तीन घंटे बाद उनके हादसे की दुखद घटना आ गई।


शोक संवेदना देने वालों का लगा तांता
चंपावत। शिक्षक की मौत की खबर के बाद शोक संवेदना देने के लिए उनके घर पर लोग पहुंचने शुरू हो गए थे। पूरे दिन भर सैकड़ों लोगों की भीड़ जुटी रही। मृतक शिक्षक संजय शिक्षा क्षेत्र के साथ सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में भी सक्रिय रहते थे। उनकी पत्नी ममता पांडे निजी विद्यालय में शिक्षिका हैं। जिले में भजन कार्यक्रमों में उनकी मधुर धुन सुनने के लिए लोग लालायित रहते थे जो एक बार उनकी आवाज सुने ले तो फिर उनका मुरीद हो जाता था। मृतक शिक्षक लोगों से हमेशा भगवान का नाम जपने के लिए कहते थे। जब भी किसी से मिलते सीता राम से ही अभिवादन होता था। डीएम मनीष कुमार, दायित्वधारी मुकेश महराना, श्यामनारायण पांडेय, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद सामंत, पालिकाध्यक्ष प्रेमा पांडेय ने मृतक शिक्षक के घर जाकर शोक संवेदना व्यक्त की। इसके अलावा जिले के व्यापारियों, सामाजिक संगठनों, शिक्षक संगठनों, मंदिर समितियों, गोशाला समितियों, अधिवक्ताओं, राजनीतिक दलों आदि ने शोक प्रकट किया है। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed