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तीसरे दिन भी भक्तों की भीड़ में नहीं दिखी कमी
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मां पूर्णागिरि धाम में उमड़ी आस्था की भीड़।
- फोटो : TANAKPUR
टनकपुर (चंपावत)। उत्तर भारत के प्रसिद्ध पूर्णागिरि मेले में श्रद्धालुओं के बड़ी संख्या में आवाजाही का सिलसिला लगातार बना हुआ है। मेले के तीसरे दिन बृहस्पतिवार को भी मां के धाम में भक्तों की खासी भीड़ उमड़ी। 24 घंटे में 25 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने मां के दरबार में मत्था टेक पुण्य कमाया। श्रद्धालुओं की भीड़ से क्षेत्र में खासी चहल-पहल है। वहीं पड़ोसी देश नेपाल का सीमांत बाजार ब्रह्मदेव भी बाबा सिद्धनाथ के दर्शन को जा रहे भक्तों की भीड़ से गुलजार है।
श्रद्धालुओं की आस्था के आगे कोरोना संक्रमण का खौफ बृहस्पतिवार को तीसरे दिन भी गायब दिखा। भीड़ के कारण दर्शन के लिए तय नियमों का कहीं पालन होता नजर नहीं आया। स्वास्थ्य विभाग और पुलिस ने जिले की सीमा पर चेकिंग सख्त बरतनी शुरू कर दी है, लेकिन निगेटिव आरटीपीसीआर रिपोर्ट की अनिवार्यता का श्रद्धालुओं की आवाजाही पर कोई असर नहीं पड़ा है। उत्तर प्रदेश के कोने-कोने से श्रद्धालु 24 घंटे लगातार आवाजाही कर रहे हैं। मां पूर्णागिरि के दर्शन कर आते-जाते श्रद्धालुओं से समूचा क्षेत्र जय माता दी के उद्घोष से गुंजायमान है। पूर्णागिरि धाम के अलावा बूम स्नानघाट, टनकपुर शारदा स्नानघाट और नेपाल मार्ग मार्ग में यात्रियों की चहल-कदमी से खासी रौनक है।
भैरव मंदिर चिकित्सा कैंप में अभी लटका है ताला
तीन दिन बाद भी मेले की व्यवस्थाएं पूरी पटरी पर नहीं आ पाई है। इस कारण श्रद्धालुओं को खासी परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग का भैरव मंदिर चिकित्सा कैंप अब भी शुरू नहीं हो पाया है। केंद्र के दरवाजे पर अब भी ताला लटका है। पथप्रकाश की व्यवस्था अब भी कई स्थानों पर लचर है। भैरव मंदिर से लेकर मुख्य मंदिर तक बिजली के खंबों पर लगी जिला पंचायत और मंदिर समिति संचालित एलईडी स्ट्रीट लाइटें जलनी शुरू नहीं हो पाई है। वहीं फोर्स की कमी से यातायात और मुख्य मंदिर में दर्शन की व्यवस्था अब भी बेलगाम है। श्रद्धालु धक्का-मुक्की झेलते हुए दर्शन कर रहे हैं। अलबत्ता प्रशासन ने नायकगोठ पार्किंग की व्यवस्थाएं दुरुस्त कर भारी वाहनों को नायकगोठ में ही रोकना शुरू कर दिया है।
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ओवरलोडिंग पर नहीं है किसी का अंकुश
मेला क्षेत्र की यातायात व्यवस्था का बुरा हाल है। वाहनों में ओवरलोडिंग पर किसी का नियंत्रण नहीं है। टैक्सी गाड़ियों के साथ ही बैराज मार्ग में संचालित ई-रिक्शों में यात्रियों को ठूंस-ठूंस कर ढोया जा रहा है, जिससे कभी दुर्घटना का खतरा है।
टनकपुर से नेपाल जाने में नहीं है कोई रोक-टोक
बाबा सिद्धनाथ के दर्शन के लिए भले ही बनबसा सीमा से नेपाल में प्रवेश पर प्रतिबंध हो, लेकिन टनकपुर सीमा से हजारों की संख्या में श्रद्धालु बेरोकटोक बाबा सिद्धनाथ के दर्शन के लिए ब्रह्मदेव (नेपाल) जा-आ रहे हैं। सीमा पर दोनों ओर न तो किसी तरह की चेकिंग हो रही है और न ही टोका-टाकी। मां पूर्णागिरि धाम की तर्ज पर ही रोज हजारों श्रद्धालु नेपाल के ब्रह्मदेव में स्थित बाबा सिद्धनाथ के दर्शन कर पूर्णागिरि यात्रा पूरी कर रहे हैं। मान्यता है कि मां पूर्णागिरि धाम की यात्रा देवी पूर्णागिरि के दर्शन के बाद बाबा सिद्धनाथ के दर्शन से ही पूरी मानी जाती है। इसी के चलते श्रद्धालु पूर्णागिरि के बाद नेपाल जाकर बाबा सिद्धनाथ के दर्शन करते हैं।
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श्रद्धालुओं की आस्था के आगे कोरोना संक्रमण का खौफ बृहस्पतिवार को तीसरे दिन भी गायब दिखा। भीड़ के कारण दर्शन के लिए तय नियमों का कहीं पालन होता नजर नहीं आया। स्वास्थ्य विभाग और पुलिस ने जिले की सीमा पर चेकिंग सख्त बरतनी शुरू कर दी है, लेकिन निगेटिव आरटीपीसीआर रिपोर्ट की अनिवार्यता का श्रद्धालुओं की आवाजाही पर कोई असर नहीं पड़ा है। उत्तर प्रदेश के कोने-कोने से श्रद्धालु 24 घंटे लगातार आवाजाही कर रहे हैं। मां पूर्णागिरि के दर्शन कर आते-जाते श्रद्धालुओं से समूचा क्षेत्र जय माता दी के उद्घोष से गुंजायमान है। पूर्णागिरि धाम के अलावा बूम स्नानघाट, टनकपुर शारदा स्नानघाट और नेपाल मार्ग मार्ग में यात्रियों की चहल-कदमी से खासी रौनक है।
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भैरव मंदिर चिकित्सा कैंप में अभी लटका है ताला
तीन दिन बाद भी मेले की व्यवस्थाएं पूरी पटरी पर नहीं आ पाई है। इस कारण श्रद्धालुओं को खासी परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग का भैरव मंदिर चिकित्सा कैंप अब भी शुरू नहीं हो पाया है। केंद्र के दरवाजे पर अब भी ताला लटका है। पथप्रकाश की व्यवस्था अब भी कई स्थानों पर लचर है। भैरव मंदिर से लेकर मुख्य मंदिर तक बिजली के खंबों पर लगी जिला पंचायत और मंदिर समिति संचालित एलईडी स्ट्रीट लाइटें जलनी शुरू नहीं हो पाई है। वहीं फोर्स की कमी से यातायात और मुख्य मंदिर में दर्शन की व्यवस्था अब भी बेलगाम है। श्रद्धालु धक्का-मुक्की झेलते हुए दर्शन कर रहे हैं। अलबत्ता प्रशासन ने नायकगोठ पार्किंग की व्यवस्थाएं दुरुस्त कर भारी वाहनों को नायकगोठ में ही रोकना शुरू कर दिया है।
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ओवरलोडिंग पर नहीं है किसी का अंकुश
मेला क्षेत्र की यातायात व्यवस्था का बुरा हाल है। वाहनों में ओवरलोडिंग पर किसी का नियंत्रण नहीं है। टैक्सी गाड़ियों के साथ ही बैराज मार्ग में संचालित ई-रिक्शों में यात्रियों को ठूंस-ठूंस कर ढोया जा रहा है, जिससे कभी दुर्घटना का खतरा है।
टनकपुर से नेपाल जाने में नहीं है कोई रोक-टोक
बाबा सिद्धनाथ के दर्शन के लिए भले ही बनबसा सीमा से नेपाल में प्रवेश पर प्रतिबंध हो, लेकिन टनकपुर सीमा से हजारों की संख्या में श्रद्धालु बेरोकटोक बाबा सिद्धनाथ के दर्शन के लिए ब्रह्मदेव (नेपाल) जा-आ रहे हैं। सीमा पर दोनों ओर न तो किसी तरह की चेकिंग हो रही है और न ही टोका-टाकी। मां पूर्णागिरि धाम की तर्ज पर ही रोज हजारों श्रद्धालु नेपाल के ब्रह्मदेव में स्थित बाबा सिद्धनाथ के दर्शन कर पूर्णागिरि यात्रा पूरी कर रहे हैं। मान्यता है कि मां पूर्णागिरि धाम की यात्रा देवी पूर्णागिरि के दर्शन के बाद बाबा सिद्धनाथ के दर्शन से ही पूरी मानी जाती है। इसी के चलते श्रद्धालु पूर्णागिरि के बाद नेपाल जाकर बाबा सिद्धनाथ के दर्शन करते हैं।