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मोहम्मद के शहर में हर दर्द की दवा है...
अमर उजाला ब्यूराे चंपावत।
Updated Sun, 13 May 2018 10:55 PM IST
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लोहाघाट में उर्स के दौरान कलाम पेश करते खटीमा से आए सूफियाना कब्बाल।
- फोटो : अमर उजाला
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नगर के हथरंगिया स्थित हिंदु मुस्लिम एकता की मिशाल कालू सैय्यद बाबा की मजार शरीफ में चल रहे तीन दिनी उर्स कुल शरीफ के साथ संपन्न हो गया है। इस दौरान विभिन्न स्थानों से आए जायरीनों ने बाबा की मजार में चादरपोशी कर मन्नतें मांगी।
शनिवार की देर रात तक चंपावत, पिथौरागढ़, पीलीभीत, रानीखेत, अल्मोड़ा, धारचूला, बरेली आदि स्थानों से आए जायरीनों ने बाबा की मजार में चादरपोशी की। रात को खटीमा से आए सूफियाना कव्वाल रियाज साबरी और उनके हमनवां आखिद हुसैद और सारिक हुसैन की टीम ने देर रात तक बाबा की शान में एक से बढ़कर का कलाम पेश कर समां बांध दिया। कव्वालों ने मेरा इमान नवी-नवी मेरी जान नवी...., मोहम्मद के शहर में हर दर्द की दवा है, मोहम्मद के शहर में ..., दमा दम मस्त कलंदर अली दम दम के अंदर, मैं चला जो पढ़ के विस्मिल्लाह मेरे बाबा का करम सुभान अल्लाह.... आदि की प्रस्तुतियां देकर दर्शकों को झूमने को मजबूर कर दिया।
इस दौरान बाल्मिकी समाज के अध्यक्ष हरचरन सिंह और भुवन चतुर्वेदी ने जायरीनों के लिए खीर का लंगर लगाया था। रविवार सुबह कुल शरीफ के बाद उर्स का समापन किया गया। वक्फ बोर्ड के सदर बाबा हसमत के अलावा कमेटी के लोगों ने मुल्क की तरक्की और खुशहाली की दुआ मांगी। उन्होंने कहा कि कालू सैय्यद बाबा की मजार पर होने वाले उर्स पर मुस्लिमों के अलावा हिंदू भाईयों की भी पूरी आस्था है। बाबा हसमत का कहना है कि बाबा की मजार में सच्चे मन से आने वाला उनका उपासक कभी खाली हाथ नहीं लौटता है। शांति और सुरक्षा के लिए प्रभारी एसओ देवेंद्र मेहता के नेतृत्व में पुलिस बल तैनात था। व्यवस्थाओं में डॉ. योगेश चतुर्वेदी, जावेद यारखां, जोली, नाजिस हुसैन, दानिश, उदय साह, निस्सू खान, जाहिद सिद्दीकी, नीतिन सिंह आदि ने सहयोग किया।
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शनिवार की देर रात तक चंपावत, पिथौरागढ़, पीलीभीत, रानीखेत, अल्मोड़ा, धारचूला, बरेली आदि स्थानों से आए जायरीनों ने बाबा की मजार में चादरपोशी की। रात को खटीमा से आए सूफियाना कव्वाल रियाज साबरी और उनके हमनवां आखिद हुसैद और सारिक हुसैन की टीम ने देर रात तक बाबा की शान में एक से बढ़कर का कलाम पेश कर समां बांध दिया। कव्वालों ने मेरा इमान नवी-नवी मेरी जान नवी...., मोहम्मद के शहर में हर दर्द की दवा है, मोहम्मद के शहर में ..., दमा दम मस्त कलंदर अली दम दम के अंदर, मैं चला जो पढ़ के विस्मिल्लाह मेरे बाबा का करम सुभान अल्लाह.... आदि की प्रस्तुतियां देकर दर्शकों को झूमने को मजबूर कर दिया।
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इस दौरान बाल्मिकी समाज के अध्यक्ष हरचरन सिंह और भुवन चतुर्वेदी ने जायरीनों के लिए खीर का लंगर लगाया था। रविवार सुबह कुल शरीफ के बाद उर्स का समापन किया गया। वक्फ बोर्ड के सदर बाबा हसमत के अलावा कमेटी के लोगों ने मुल्क की तरक्की और खुशहाली की दुआ मांगी। उन्होंने कहा कि कालू सैय्यद बाबा की मजार पर होने वाले उर्स पर मुस्लिमों के अलावा हिंदू भाईयों की भी पूरी आस्था है। बाबा हसमत का कहना है कि बाबा की मजार में सच्चे मन से आने वाला उनका उपासक कभी खाली हाथ नहीं लौटता है। शांति और सुरक्षा के लिए प्रभारी एसओ देवेंद्र मेहता के नेतृत्व में पुलिस बल तैनात था। व्यवस्थाओं में डॉ. योगेश चतुर्वेदी, जावेद यारखां, जोली, नाजिस हुसैन, दानिश, उदय साह, निस्सू खान, जाहिद सिद्दीकी, नीतिन सिंह आदि ने सहयोग किया।
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