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Champawat News: केंद्र और राज्य प्रायोजित योजनाओं में बेहतर समन्वय की जरूरत
Mon, 05 May 2025 10:34 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Mon, 05 May 2025 10:34 PM IST
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लोहाघाट क ग्रोथ सेंटर का निरीक्षण करते छठे वित्त आयोग के अध्यक्ष एन रवि शंकर व अन्य। संवाद
चंपावत। जिला कार्यालय सभागार में सोमवार को छठे राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष एन. रविशंकर, सदस्य पीएस जंगपांगी व एमसी जोशी की मौजूदगी में जिलास्तरीय अधिकारियों बैठक हुई। आयोग के अध्यक्ष ने केंद्र और राज्य प्रायोजित योजनाओं में बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने स्थानीय निकायों की ओर से टैक्स कलेक्शन को प्रभावी बनाने पर बल दिया। आयोग ने सुझाव दिया कि जीआईएस तकनीक का उपयोग कर आगामी 20 वर्षों के लिए भूमि उपयोग व ग्रोथ पैरामीटर्स के आधार पर एक व्यापक योजना बनाई जाए।
नगर निकायों को सलाह दी कि वे सुदृढ़ इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित कर अपनी आय के स्रोत बढ़ाएं। कहा कि चंपावत मास्टर प्लान 2040 के तहत विभिन्न अवस्थाना आदि सुविधाओं को विकसित करने के लिए अनेक विकास कार्य किए जाएं। कहा कि जिले में कूड़ा निस्तारण के लिए ग्राम स्तर पर जन जागरूकता अभियान चलाया जाए। वहां डीएम नवनीत पांडे, एसपी अजय गणपति, डीएफओ नवीन पंत, सीडीओ संजय कुमार सिंह, सीवीओ डॉ. वसुंधरा गर्ब्याल, वरिष्ठ कोषाधिकारी सीमा बंगवाल, यूकॉस्ट महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत, हरेंद्र बिष्ट, हरीश कर्नाटक आदि वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से जुड़े रहे।
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इसके बाद आयोग के अध्यक्ष एन रविशंकर ने ग्रोथ सेंटर लोहाघाट का भी भ्रमण किया। जहां उन्होंने इंडक्शन चूल्हे, कड़ाई, कृषि उपकरण आदि लौह उत्पादों की सराहना की। वित्त आयोग अध्यक्ष ने केंद्र संचालक अमित कुमार के प्रयासों की सराहना की तथा हर संभव मदद का भरोसा दिया।
पर्वतीय क्षेत्रों की विशेष परिस्थितियों के लिए विकास योजना बने
चंपावत। राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष एन. रवि शंकर ने बाद में जिला मुख्यालय के जिला पंचायत सभागार में गोष्ठी कर पर्वतीय क्षेत्रों की विशेष परिस्थितियों, विकास संबंधी समस्याओं, वित्तीय जरूरतों और भावी योजनाओं से संबंधित कई महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए। यहां आयोग के सदस्य पीएस जंगपांगी व एमसी जोशी भी मौजूद रहे।
प्रतिनिधियों ने बताया कि मैदानों की तुलना में पर्वतीय क्षेत्रों में विकास कार्य अधिक जटिल, खर्चीले और समयसाध्य होते हैं लेकिन राज्य वित्त आयोग की ओर से आवंटित बजट सीमित है। कर्मचारियों के वेतन, प्रशासनिक व्यय के उपरांत विकास कार्यों के लिए अपर्याप्त धन शेष रहता है। कहा कि ग्राम पंचायतों को समान रूप से राज्य वित्त निधि प्रदान की जाए। पूर्णागिरि मेले में धार्मिक आयोजनों के सफल संचालन के लिए अतिरिक्त बजट उपलब्ध कराने और कार्य आदेश बढ़ाने की बात भी कही गई। वहां जिला पंचायत प्रशासक ज्योति राय, एसडीएम नितेश डांगर, दायित्वधारी श्याम नारायण पांडे, विधायक प्रतिनिधि प्रकाश तिवारी, पालिकाध्यक्ष प्रेमा पांडे, लोहाघाट गोविंद वर्मा, नगर पंचायत अध्यक्ष बनबसा रेखा देवी, मोहित पाठक आदि थे।
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उन्होंने स्थानीय निकायों की ओर से टैक्स कलेक्शन को प्रभावी बनाने पर बल दिया। आयोग ने सुझाव दिया कि जीआईएस तकनीक का उपयोग कर आगामी 20 वर्षों के लिए भूमि उपयोग व ग्रोथ पैरामीटर्स के आधार पर एक व्यापक योजना बनाई जाए।
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नगर निकायों को सलाह दी कि वे सुदृढ़ इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित कर अपनी आय के स्रोत बढ़ाएं। कहा कि चंपावत मास्टर प्लान 2040 के तहत विभिन्न अवस्थाना आदि सुविधाओं को विकसित करने के लिए अनेक विकास कार्य किए जाएं। कहा कि जिले में कूड़ा निस्तारण के लिए ग्राम स्तर पर जन जागरूकता अभियान चलाया जाए। वहां डीएम नवनीत पांडे, एसपी अजय गणपति, डीएफओ नवीन पंत, सीडीओ संजय कुमार सिंह, सीवीओ डॉ. वसुंधरा गर्ब्याल, वरिष्ठ कोषाधिकारी सीमा बंगवाल, यूकॉस्ट महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत, हरेंद्र बिष्ट, हरीश कर्नाटक आदि वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से जुड़े रहे।
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इसके बाद आयोग के अध्यक्ष एन रविशंकर ने ग्रोथ सेंटर लोहाघाट का भी भ्रमण किया। जहां उन्होंने इंडक्शन चूल्हे, कड़ाई, कृषि उपकरण आदि लौह उत्पादों की सराहना की। वित्त आयोग अध्यक्ष ने केंद्र संचालक अमित कुमार के प्रयासों की सराहना की तथा हर संभव मदद का भरोसा दिया।
पर्वतीय क्षेत्रों की विशेष परिस्थितियों के लिए विकास योजना बने
चंपावत। राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष एन. रवि शंकर ने बाद में जिला मुख्यालय के जिला पंचायत सभागार में गोष्ठी कर पर्वतीय क्षेत्रों की विशेष परिस्थितियों, विकास संबंधी समस्याओं, वित्तीय जरूरतों और भावी योजनाओं से संबंधित कई महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए। यहां आयोग के सदस्य पीएस जंगपांगी व एमसी जोशी भी मौजूद रहे।
प्रतिनिधियों ने बताया कि मैदानों की तुलना में पर्वतीय क्षेत्रों में विकास कार्य अधिक जटिल, खर्चीले और समयसाध्य होते हैं लेकिन राज्य वित्त आयोग की ओर से आवंटित बजट सीमित है। कर्मचारियों के वेतन, प्रशासनिक व्यय के उपरांत विकास कार्यों के लिए अपर्याप्त धन शेष रहता है। कहा कि ग्राम पंचायतों को समान रूप से राज्य वित्त निधि प्रदान की जाए। पूर्णागिरि मेले में धार्मिक आयोजनों के सफल संचालन के लिए अतिरिक्त बजट उपलब्ध कराने और कार्य आदेश बढ़ाने की बात भी कही गई। वहां जिला पंचायत प्रशासक ज्योति राय, एसडीएम नितेश डांगर, दायित्वधारी श्याम नारायण पांडे, विधायक प्रतिनिधि प्रकाश तिवारी, पालिकाध्यक्ष प्रेमा पांडे, लोहाघाट गोविंद वर्मा, नगर पंचायत अध्यक्ष बनबसा रेखा देवी, मोहित पाठक आदि थे।