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शहीद राज्य आंदोलनकारियों को न्याय दिलाने तक जारी रहेगी जंग

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Thu, 22 Oct 2020 11:55 PM IST
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The war will continue till the martyred state agitators get justice
चंपावत में चिन्हित राज्य आंदोलकारी समिति की बैठक में मौजूद आंदोलनकारी। - फोटो : CHAMPAWAT
चंपावत। चिह्नित राज्य आंदोलनकारी समिति ने राज्य आंदोलन के दौरान शहीद होने वाले आंदोलनकारियों को न्याय दिलाने तक जंग जारी रखने का एलान किया है। बृहस्पतिवार को जिला मुख्यालय में समिति की बैठक में प्रांतीय पदाधिकारियों ने कहा कि अलग राज्य बनने के 20 साल बाद भी शहीदों की भावनाओं के अनुरूप राज्य का निर्माण नहीं हो पाया है।
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आंदोलन के दौरान अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले कई आंदोलनकारी अभी तक चिह्नित नहीं हो पाए हैं। मुजफ्फरनगर, रुड़की और खटीमा के शहीद आंदोलनकारियों के परिजन आज अपने हाल में जी रहे हैं। राज्य सरकार की ओर से उनकी कोई सुध नहीं ली जा रही है। राज्य बनने के बाद बारी बारी से भाजपा और कांग्रेस सरकारें बना कर मौज काट रही हैं। आंदोलनकारियों की सुध लेने वाला कोई नहीं है। समिति के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र रावत, संरक्षक आरएस रावत, भूपेंद्र भंडारी, रमन कुमार, जानकी गोस्वामी, हरिनारायण अग्रवाल आदि ने कहा कि राज्य के विकास के लिए आंदोलनकारियों को एक और लड़ाई के लिए तैयार रहने की आवश्यकता है। एडवोकेट नवीन मुरारी के संचालन में हुई बैठक में जगदीश जोशी, शंकर दत्त पांडेय, पूर्व पालिकाध्यक्ष प्रकाश तिवारी, डीके पांडेय, बसंत तड़ागी, मोहन चौधरी, ललित गोस्वामी, मंदीप ढेक, किशन गिरि, सुनील गड़कोटी, अर्जुन ढेक, बृजेश ढेक, दीपक तड़ागी लारा आदि आंदोलनकारियों ने विचार रखे।
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